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दिल का दुश्मन है उच्च रक्तचाप
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Mon, 18 May 2015 12:57 AM IST
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विश्व रक्तचाप दिवस पर रविवार को आयोजित गोष्ठी में उच्च रक्तचाप से होने वाले नुकसान को बताया गया। रक्तचाप को नियंत्रित करने के तरीके बताए गए।
चिकित्सकों ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने से उच्च रक्तचाप जैसी समस्या से छुटकारा मिल सकता है। टीडी कालेज के बलरामपुर सभागार में आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता गोष्ठी में हृदय रोग विशेषज्ञ डा. एचडी सिंह ने कहा कि उच्च रक्तचाप दिल का दुश्मन है।
उच्च रक्तचाप से गुर्दा, आंख, दिल और ब्रेन प्रभावित होता है। देश में करीब 34 से 37 फीसदी लोग उच्च रक्त चाप से प्रभावित हैं। चिड़चिड़ापन, सिर भारी होना, नींद न आना, शरीर में सूजन उच्च रक्तचाप के लक्षण हैं।
मोटापा, धुम्रपान, बढ़ती उम्र, अधिक नमक का सेवन उच्च रक्त चाप का कारण बनती है। डा. कमर अब्बास, डा. मधु शारदा, डा. अशोक पटेल, डा. फकरे आलम, डा. राकेश मौर्य, डा. रघुराज आदि ने विचार व्यक्त किया।
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शहर के रुहट्टा स्थित तीर्थराज मेमोरियल हास्पिटल में उच्च रक्तचाप दिवस पर आयोजित स्वास्थ्य जागरुकता गोष्ठी में स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. शिखा शुक्ला ने कहा कि तनाव के कारण अधिसंख्य लोग हाइपरटेंशन की समस्या से पीड़ित हैं।
यदि ब्लड प्रेसर 130/ 90 से अधिक है तो यह मान लेना चाहिए की रक्त चाप बढ़ा हुआ है। चिकित्सक से मिल कर दवा ले लेना चाहिए।
डा. मुकेश शुक्ल ने कहा कि तनाव और अनियमित खानपान के कारण हाइपरटेंशन की तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए दिनचर्या को नियमित रखने की जरूरत है।
इस मौके पर धीरज शुक्ल, डब्बू शुक्ल, रिेंकू आदि मौजूद थे। अहियापुर स्थित आशादीप हास्पिटल में डा. वीएस उपाध्याय ने कहा कि हर किसी को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
समय-समय पर रक्तचाप को नपवाते रहना चाहिए। उच्च रक्तचाप के कारण शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होते हैं।
इस मौके पर डा. आरपी त्रिपाठी, डा. भाष्कर शर्मा, डा. आशीष यादव, अवधेश मौर्य आदि मौजूद थे। जेसीज चौराहा स्थित कमला हास्पिटल में आयोजित गोष्ठी में डा. संजय संजय सिंह ने कहा कि नियमित दिनचर्या और खानपान पर ध्यान देकर उच्च रक्तचाप की समस्या से बचा जा सकता है। इस मौके पर डा. पीके सिंह, आजाद सिंह, प्रवेश, विनय कुमार आदि थे।
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चिकित्सकों ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने से उच्च रक्तचाप जैसी समस्या से छुटकारा मिल सकता है। टीडी कालेज के बलरामपुर सभागार में आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता गोष्ठी में हृदय रोग विशेषज्ञ डा. एचडी सिंह ने कहा कि उच्च रक्तचाप दिल का दुश्मन है।
उच्च रक्तचाप से गुर्दा, आंख, दिल और ब्रेन प्रभावित होता है। देश में करीब 34 से 37 फीसदी लोग उच्च रक्त चाप से प्रभावित हैं। चिड़चिड़ापन, सिर भारी होना, नींद न आना, शरीर में सूजन उच्च रक्तचाप के लक्षण हैं।
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मोटापा, धुम्रपान, बढ़ती उम्र, अधिक नमक का सेवन उच्च रक्त चाप का कारण बनती है। डा. कमर अब्बास, डा. मधु शारदा, डा. अशोक पटेल, डा. फकरे आलम, डा. राकेश मौर्य, डा. रघुराज आदि ने विचार व्यक्त किया।
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शहर के रुहट्टा स्थित तीर्थराज मेमोरियल हास्पिटल में उच्च रक्तचाप दिवस पर आयोजित स्वास्थ्य जागरुकता गोष्ठी में स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. शिखा शुक्ला ने कहा कि तनाव के कारण अधिसंख्य लोग हाइपरटेंशन की समस्या से पीड़ित हैं।
यदि ब्लड प्रेसर 130/ 90 से अधिक है तो यह मान लेना चाहिए की रक्त चाप बढ़ा हुआ है। चिकित्सक से मिल कर दवा ले लेना चाहिए।
डा. मुकेश शुक्ल ने कहा कि तनाव और अनियमित खानपान के कारण हाइपरटेंशन की तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए दिनचर्या को नियमित रखने की जरूरत है।
इस मौके पर धीरज शुक्ल, डब्बू शुक्ल, रिेंकू आदि मौजूद थे। अहियापुर स्थित आशादीप हास्पिटल में डा. वीएस उपाध्याय ने कहा कि हर किसी को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
समय-समय पर रक्तचाप को नपवाते रहना चाहिए। उच्च रक्तचाप के कारण शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होते हैं।
इस मौके पर डा. आरपी त्रिपाठी, डा. भाष्कर शर्मा, डा. आशीष यादव, अवधेश मौर्य आदि मौजूद थे। जेसीज चौराहा स्थित कमला हास्पिटल में आयोजित गोष्ठी में डा. संजय संजय सिंह ने कहा कि नियमित दिनचर्या और खानपान पर ध्यान देकर उच्च रक्तचाप की समस्या से बचा जा सकता है। इस मौके पर डा. पीके सिंह, आजाद सिंह, प्रवेश, विनय कुमार आदि थे।