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शौचालय निर्माण में दो करोड़ का गोलमाल
jaunpur
Updated Sat, 03 Dec 2016 01:11 AM IST
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जिले के गांवों में बनाए गए शौचालय के सत्यापन में लगभग दो करोड़ रुपये के गोलमाल का पकड़ा गया है। तमाम गांवों में मौके पर शौचालय मिले ही नहीं या आधे-अधूरे बनाकर छोड़ दिए गए थे। इस पर पिछले दो वित्तीय वर्षों में हुए घपले की रकम की वसूली के लिए 53 प्रधान व इतने ही ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी किया गया है।
जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2014-15 व 2015-16 में बनाए गए शौचालयों के निर्माण की जांच जिला स्तरीय अधिकारियों ने की। उक्त दोनों वित्तीय वर्ष में 5629 शौचालय या तो अपूर्ण पाए गए या फिर बनाए ही नहीं गए।
धनराशि की वसूली के लिए संबंधित प्रधानों व ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी किया गया है। जांच में शौचालय के निर्माण की धनराशि में गोलमाल करने में 53 प्रधान व 53 ग्राम पंचायत सेक्रेटरी दोषी पाए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2014-15 में 9253 शौचालय और वित्तीय वर्ष 2015-16 में 7733 शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
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इसके लिए प्रति शौचालय 12 हजार रुपये की दर से धनराशि भी ग्राम पंचायतों में भेज दी गई थी। लेकिन उक्त दोनों वित्तीय वर्ष में आधे अधूरे शौचालय बनाए गए थे। जिसकी शिकायत जिलाधिकारी को मिली थी।
इसको गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जुलाई में शौचालयों की जांच के लिए टीम गठित की। टीम ने शौचालयों की जांच कर रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी को पिछले दिनों सौंप दी।
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जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2014-15 व 2015-16 में बनाए गए शौचालयों के निर्माण की जांच जिला स्तरीय अधिकारियों ने की। उक्त दोनों वित्तीय वर्ष में 5629 शौचालय या तो अपूर्ण पाए गए या फिर बनाए ही नहीं गए।
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धनराशि की वसूली के लिए संबंधित प्रधानों व ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस जारी किया गया है। जांच में शौचालय के निर्माण की धनराशि में गोलमाल करने में 53 प्रधान व 53 ग्राम पंचायत सेक्रेटरी दोषी पाए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2014-15 में 9253 शौचालय और वित्तीय वर्ष 2015-16 में 7733 शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
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इसके लिए प्रति शौचालय 12 हजार रुपये की दर से धनराशि भी ग्राम पंचायतों में भेज दी गई थी। लेकिन उक्त दोनों वित्तीय वर्ष में आधे अधूरे शौचालय बनाए गए थे। जिसकी शिकायत जिलाधिकारी को मिली थी।
इसको गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जुलाई में शौचालयों की जांच के लिए टीम गठित की। टीम ने शौचालयों की जांच कर रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी को पिछले दिनों सौंप दी।