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Jaunpur News: सफाईकर्मी बन गए 'बड़े साहब', सिर्फ हाजिरी लगाना ही इनका काम

Thu, 27 Feb 2025 11:46 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 27 Feb 2025 11:46 PM IST
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Sweepers have become 'badesaheb', their only job is to mark attendance.
केराकत। स्थानीय विकास खंड के विभिन्न गांवों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह दम तोड़ चुकी है। गांवों में तैनात सफाई कर्मी बड़े साहब बन बैठे हैं। वे अपनी ड्यूटी करने के बजाय सिर्फ नाम की हाजिरी लगाकर चले जाते हैं। नतीजा यह है कि गांवों की गलियां, नालियां, स्कूल व सार्वजनिक स्थान कूड़े-कचरे से पटे हैं। गांवों में सफाई का जिम्मा जिला पंचायत राज विभाग का है। इस विभाग की ओर से ही सफाईकर्मियों की तैनाती की जाती है। स्वच्छ भारत मिशन फेज दो ग्रामीण के तहत गांवों में सफाई के लिए अभियान तक चलता है लेकिन कुछ गांव ऐसे हैं जहां सिर्फ कागजों पर सफाई होती है। सफाईकर्मी गांव में सफाई के बजाय बड़े अधिकारियों के आवास पर ड्यूटी देते हैं। वहीं कुछ सफाईकर्मी क्षेत्रीय प्रधान या सचिव की शह पर सिर्फ हाजिरी लगाते हैं और चलता बनते हैं। ऐसे में गांवों में सफाई वास्तविकता में कैसे हो, यह एक बड़ा सवाल है।
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दृश्य-1 ग्राम पंचायत पुरनपुर में 6 सफाई कर्मियों की तैनाती है, लेकिन यह सिर्फ उपस्थिति दर्ज कराने आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ये सफाई कर्मी खुद को किसी अफसर से कम नहीं समझते।
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दृश्य-2 ग्राम पंचायत खर्गसीपुर में 4 सफाईकर्मी तैनात हैं, लेकिन इनका असली काम गांव की सफाई नहीं, बल्कि ग्राम प्रधान की सेवा करना बन गया है। गांव की गलियों में गंदगी भले ही बजबजा रही हो, लेकिन सफाई कर्मी प्रधान के यहां हाजिरी देने में कोई कसर नहीं छोड़ते।
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दृश्य-3 ग्राम पंचायत सुल्तानपुर में 1 सफाईकर्मी नियुक्त है, लेकिन गांव की गलियां और नालियां बदबू से सड़ रही हैं। स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र व सामुदायिक शौचालय के आस-पास कूड़े-कचरे का अंबार लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि महीनों से सफाई नहीं हुई है। इससे मच्छर व संक्रामक बीमारियां फैल रही हैं।

दृश्य-4 अमहित गांव में भी 1 सफाईकर्मी तैनात है, लेकिन यह कर्मचारी कब आता है और कब चला जाता है, यह किसी को पता ही नहीं चलता। गांव में जलभराव, कूड़े के ढेर व नालियों की दुर्गंध ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
प्रशासन को नहीं कोई परवाह, अधिकारी टालते हैं शिकायत
ग्रामीणों ने कई बार इस गंदगी और सफाई कर्मियों की लापरवाही की शिकायत की, लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती। जब भी शिकायत की जाती है तो अधिकारी सिर्फ यह कह कर पल्ला झाड़ते हैं कि जल्द ही कार्रवाई करेंगे लेकिन होता कुछ नहीं।

सभी गांवों में रोजाना सफाई की जिम्मेदारी सफाईकर्मियों को दी गई है। यदि सफाईकर्मी जिम्मेदारी से कार्य नहीं कर रहे हैं तो इसकी जांच कराएंगे। दोषियों के खिलाफ जरूर कार्रवाई की जाएगी। - पवन कुमार, खंड विकास अधिकारी, केराकत।
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