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अचानक डेढ़ दर्जन परीक्षा केंद्र रद्द होने से कालेज प्रबंधको में रोष
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अचानक डेढ़ दर्जन परीक्षा केंद्रों को रद्द कर दिया गया है, इसे लेकर कॉलेज के प्रबंधकों में रोष है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से अचानक किया गया यह फैसला नियम विरुद्ध है। वहीं, परीक्षा केंद्र बदलते हुए छात्र-छात्राओं का भी परीक्षा सेंटर दूर बना दिया गया। उन्होंने सेंटर बनाने के लिए सुविधा शुल्क लेने का भी आरोप लगाया है।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय के स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की परीक्षाएं पांच जुलाई से शुरू हो रही हैं। इसमें चारों जिलों में कुल 681 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें से करीब डेढ़ दर्जन परीक्षा केंद्र को विश्वविद्यालय प्रशासन ने अचानक रद्द कर दिया है, जिसको लेकर कॉलेज प्रबंधकों ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से शिकायत की है। प्रबंधकों का कहना है कि सुविधा शुल्क न देने के चलते उनका परीक्षा केंद्र रद्द किया गया है। इनमें से सर्वाधिक केंद्र गाजीपुर के हैं। रद्द किए गए परीक्षा केंद्रों में राम मनोहर लोहिया पीजी कॉलेज झोटारी, राम नगीना मुरियारी, बाबू नंदन आदर्श महाविद्यालय , कृष्ण सुदामा महाविद्यालय , गुरु फूलचंद महाविद्यालय गौरवपुर ,काशी नाथ महाविद्यालय ककरही, हीरा सिंह महाविद्यालय , मोती महाविद्यालय सैदपुर, बालाजी महाविद्यालय औडिहार, शिव महाविद्यालय खानपुर, मां सुदामा महाविद्यालय खानपुर ,बाबा विश्वनाथ पीजी कॉलेज तेलियानी, डीएवी महाविद्यालय मौजा, संत बुला महाविद्यालय गाजीपुर, आचार्य बलदेव पीजी कॉलेज पत्तरही जौनपुर ,मां आशा देवी महाविद्यालय कुछमुछ नयनसंड आदि हैं। कॉलेज प्रबंधक अनिल यादव, नगीना यादव, जितेंद्र यादव, सुनील यादव ,मोती सिंह, भूलन यादव का कहना है कि 18 साल से परीक्षा केंद्र था, कोविड-19 में ऐसा क्या हो गया कि परीक्षा केंद्र को हटा दिया गया, जिसमें छात्राओं को भी स्वकेंद्र के बावजूद भी रद्द किया गया है। बिना कारण बताए परीक्षा केंद्र रद्द करना गलत है। जिनके पास कमरे नहीं हैं, वहां परीक्षा केंद्र भेजा गया है । इसलिए हम लोग शासन व उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत कर रहे हैं।
- यह मामला परीक्षा संचालन समिति का है। सेंटर विश्वविद्यालय की ओर से नहीं बनाया जाता है। परीक्षा संचालन समिति को इस मामले पर जांच करनी चाहिए। - अमृतलाल, सहायक कुलसचिव
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पूर्वांचल विश्वविद्यालय के स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष और स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की परीक्षाएं पांच जुलाई से शुरू हो रही हैं। इसमें चारों जिलों में कुल 681 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें से करीब डेढ़ दर्जन परीक्षा केंद्र को विश्वविद्यालय प्रशासन ने अचानक रद्द कर दिया है, जिसको लेकर कॉलेज प्रबंधकों ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से शिकायत की है। प्रबंधकों का कहना है कि सुविधा शुल्क न देने के चलते उनका परीक्षा केंद्र रद्द किया गया है। इनमें से सर्वाधिक केंद्र गाजीपुर के हैं। रद्द किए गए परीक्षा केंद्रों में राम मनोहर लोहिया पीजी कॉलेज झोटारी, राम नगीना मुरियारी, बाबू नंदन आदर्श महाविद्यालय , कृष्ण सुदामा महाविद्यालय , गुरु फूलचंद महाविद्यालय गौरवपुर ,काशी नाथ महाविद्यालय ककरही, हीरा सिंह महाविद्यालय , मोती महाविद्यालय सैदपुर, बालाजी महाविद्यालय औडिहार, शिव महाविद्यालय खानपुर, मां सुदामा महाविद्यालय खानपुर ,बाबा विश्वनाथ पीजी कॉलेज तेलियानी, डीएवी महाविद्यालय मौजा, संत बुला महाविद्यालय गाजीपुर, आचार्य बलदेव पीजी कॉलेज पत्तरही जौनपुर ,मां आशा देवी महाविद्यालय कुछमुछ नयनसंड आदि हैं। कॉलेज प्रबंधक अनिल यादव, नगीना यादव, जितेंद्र यादव, सुनील यादव ,मोती सिंह, भूलन यादव का कहना है कि 18 साल से परीक्षा केंद्र था, कोविड-19 में ऐसा क्या हो गया कि परीक्षा केंद्र को हटा दिया गया, जिसमें छात्राओं को भी स्वकेंद्र के बावजूद भी रद्द किया गया है। बिना कारण बताए परीक्षा केंद्र रद्द करना गलत है। जिनके पास कमरे नहीं हैं, वहां परीक्षा केंद्र भेजा गया है । इसलिए हम लोग शासन व उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत कर रहे हैं।
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- यह मामला परीक्षा संचालन समिति का है। सेंटर विश्वविद्यालय की ओर से नहीं बनाया जाता है। परीक्षा संचालन समिति को इस मामले पर जांच करनी चाहिए। - अमृतलाल, सहायक कुलसचिव
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