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यूजी के किसी भी संकाय के छात्र कर सकेंगे एमए
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किसी विषय के स्नातक कर सकेंगे दूसरे विषय में एमए
इंटर और स्नातक में सात वर्ष का गैप होने पर भी मिलेगा दाखिला
67 टापरों को मेडल और 121 अभ्यर्थियों को शोध उपाधि देने की स्वीकृति
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के परीक्षा संचालन समिति की बैठक में शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में दीक्षांत समारोह में मेडल और शोध उपाधि पाने वाले छात्रों की सूची का अनुमोदन किया गया। स्नातक और स्नातकोत्तर के 67 टापरों को मेडल और 121 अभ्यर्थियों को शोध उपाधि देने का अनुमोदन किया गया।
परीक्षा संचालन समिति ने तय किया कि इंटर और स्नातक की परीक्षा पास करने के बाद यदि छात्र अगली कक्षा में किसी कारण से प्रवेश नहीं लेते हैं तो वह सातवें वर्ष में अगली कक्षा में दाखिला ले सकेंगे। पहले यह नियम था कि इंटर और स्नातक करने के बाद दो वर्ष का गैप होने के बाद छात्र अगली कक्षा में प्रवेश नहीं ले पाते थे। इसी प्रकार परीक्षा समिति ने दूसरा सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि स्नातक (कला, विज्ञान, कृषि ) के किसी भी संकाय का छात्र किसी भी विषय से एमए कर सकेंगे। अब यह बाध्यता नहीं होगी कि साइंस का छात्र कला संकाय में एमए कर सकेंगे। शिक्षक संघ के महामंत्री डा. विजय कुमार सिंह ने बैठक में यह मुद्दा उठाया था। जिस पर समिति ने अपनी सहमति जताई। समिति के इस फैसले से छात्रों को काफी राहत मिलेगी। इसके अलावा मुख्य परीक्षा 2019 के कुछ छात्रों की उत्तर पुस्तिाकाएं नहीं मिलने के कारण उनका उनका रिजल्ट रुका हुआ था। ऐसे छात्रों को औसतन अंक देकर पास कर दिया गया था। जिसे परीक्षा समिति ने स्वीकृति दे दिया। वर्ष 2019 के श्रेणी सुधार व बैक पेपर बीएससी कृषि परीक्षा का की कापियों का पुर्नमूल्यांकन कुलपति के आदेश करा दिया गया था। जिसे परीक्षा समिति ने स्वीकृति दे दिया। जिन छात्रों का रिजल्ट था उसे घोषित कर दिया गया। बैठक में कुलपति प्रो. राजाराम यादव, कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह, शिक्षक संघ के महामंत्री डा. विजय कुमार सिंह, डा. वशिष्ट यति, डा. एमएस अंसारी, डा. रेखा शुक्ला, डा. मनोज मिश्र, डा. रामनारायण, डा. देवरूप तिवारी, डा. एके श्रीवास्तव, प्रो. वंदना राय, डा. सविता भारद्वाज, डा. रणविजय सिंह आदि मौजूद थे।
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इंटर और स्नातक में सात वर्ष का गैप होने पर भी मिलेगा दाखिला
67 टापरों को मेडल और 121 अभ्यर्थियों को शोध उपाधि देने की स्वीकृति
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के परीक्षा संचालन समिति की बैठक में शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में दीक्षांत समारोह में मेडल और शोध उपाधि पाने वाले छात्रों की सूची का अनुमोदन किया गया। स्नातक और स्नातकोत्तर के 67 टापरों को मेडल और 121 अभ्यर्थियों को शोध उपाधि देने का अनुमोदन किया गया।
परीक्षा संचालन समिति ने तय किया कि इंटर और स्नातक की परीक्षा पास करने के बाद यदि छात्र अगली कक्षा में किसी कारण से प्रवेश नहीं लेते हैं तो वह सातवें वर्ष में अगली कक्षा में दाखिला ले सकेंगे। पहले यह नियम था कि इंटर और स्नातक करने के बाद दो वर्ष का गैप होने के बाद छात्र अगली कक्षा में प्रवेश नहीं ले पाते थे। इसी प्रकार परीक्षा समिति ने दूसरा सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि स्नातक (कला, विज्ञान, कृषि ) के किसी भी संकाय का छात्र किसी भी विषय से एमए कर सकेंगे। अब यह बाध्यता नहीं होगी कि साइंस का छात्र कला संकाय में एमए कर सकेंगे। शिक्षक संघ के महामंत्री डा. विजय कुमार सिंह ने बैठक में यह मुद्दा उठाया था। जिस पर समिति ने अपनी सहमति जताई। समिति के इस फैसले से छात्रों को काफी राहत मिलेगी। इसके अलावा मुख्य परीक्षा 2019 के कुछ छात्रों की उत्तर पुस्तिाकाएं नहीं मिलने के कारण उनका उनका रिजल्ट रुका हुआ था। ऐसे छात्रों को औसतन अंक देकर पास कर दिया गया था। जिसे परीक्षा समिति ने स्वीकृति दे दिया। वर्ष 2019 के श्रेणी सुधार व बैक पेपर बीएससी कृषि परीक्षा का की कापियों का पुर्नमूल्यांकन कुलपति के आदेश करा दिया गया था। जिसे परीक्षा समिति ने स्वीकृति दे दिया। जिन छात्रों का रिजल्ट था उसे घोषित कर दिया गया। बैठक में कुलपति प्रो. राजाराम यादव, कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह, शिक्षक संघ के महामंत्री डा. विजय कुमार सिंह, डा. वशिष्ट यति, डा. एमएस अंसारी, डा. रेखा शुक्ला, डा. मनोज मिश्र, डा. रामनारायण, डा. देवरूप तिवारी, डा. एके श्रीवास्तव, प्रो. वंदना राय, डा. सविता भारद्वाज, डा. रणविजय सिंह आदि मौजूद थे।
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