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नदी में मिली मूर्ति की होगी जांच
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गोमती नदी के महादेवा घाट के पास नदी में मिली मां दुर्गा की प्रतिमा को पुलिस ने शनिवार को कब्जे में ले लिया। नदी में बरामद मूर्ति कितनी पुरानी है और किस धातु से बनी है इसकी जांच के लिए मूर्ति को पुरातत्व विभाग वाराणसी भेजने की तैयारी की गई है। हालांकि मूर्ति को पुलिस के कब्जे में लिए जाने से नाराज गांव की महिलाओं और पुरुषों ने शनिवार को तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन कर अपर आयुक्त वाराणसी मंडल को पत्रक सौंपा।
केराकत कोतवाली क्षेत्र के गोमती नदी के महादेवा घाट पर बृहस्पतिवार की शाम मछुआरों की जाल में फंसी मां दुर्गा की प्राचीन मूर्ति की खबर अखबार में छपने के बाद शनिवार को सुबह करीब दस बजे केराकत कोतवाली प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मूर्ति को कब्जे में लेकर केराकत कोतवाली में रखवा दिया। जबकि गांव के लोगों ने नदी के किनारे ही मूर्ति को स्थापित कर पूजा अर्चना शुरू कर दी थी। ग्रामीण नदी के तट पर ही मंदिर बनवाने की भी तैयारी में जुट गए थे। इसी बीच मूर्ति को पुलिस के कब्जे में लिए जाने से नाराज गांव की कई महिलाएं और पुरुष ने शनिवार को तहसील मुख्यालय पहुंचकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। यहां समाधान दिवस पर पहुंचे अपर आयुक्त वाराणसी मंडल को पत्रक सौंप कर ग्रामीणों ने मूर्ति वापस दिलाने की मांग की। तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन के लिए पहुंची सूरज देवी ,सावित्री देवी , मंजू देवी , चिन्ता देवी , सुनीता देवी , प्रिया निषाद, शुभावती देवी, परमीला देवी व इन्द्रावती का कहना है कि गांव के लोग मूर्ति को स्थापित कर वहां मंदिर बनाने की तैयारी कर रहे थे कि पुलिस मूर्ति को थाने उठा ले गई।
वर्जन:
गोमती नदी से बरामद शेर पर सवार मां दुर्गा की प्रतिमा को किसी बेशकीमती धातु से निर्मित होने का अनुमान ग्रामीण लगा रहे हैं। मूर्ति किस धातु से बनी है और कितनी पुरानी है इसकी जांच पुरातत्व विभाग से कराई जाएगी।
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-मनीष कुमार वर्मा डीएम
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केराकत कोतवाली क्षेत्र के गोमती नदी के महादेवा घाट पर बृहस्पतिवार की शाम मछुआरों की जाल में फंसी मां दुर्गा की प्राचीन मूर्ति की खबर अखबार में छपने के बाद शनिवार को सुबह करीब दस बजे केराकत कोतवाली प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मूर्ति को कब्जे में लेकर केराकत कोतवाली में रखवा दिया। जबकि गांव के लोगों ने नदी के किनारे ही मूर्ति को स्थापित कर पूजा अर्चना शुरू कर दी थी। ग्रामीण नदी के तट पर ही मंदिर बनवाने की भी तैयारी में जुट गए थे। इसी बीच मूर्ति को पुलिस के कब्जे में लिए जाने से नाराज गांव की कई महिलाएं और पुरुष ने शनिवार को तहसील मुख्यालय पहुंचकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। यहां समाधान दिवस पर पहुंचे अपर आयुक्त वाराणसी मंडल को पत्रक सौंप कर ग्रामीणों ने मूर्ति वापस दिलाने की मांग की। तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन के लिए पहुंची सूरज देवी ,सावित्री देवी , मंजू देवी , चिन्ता देवी , सुनीता देवी , प्रिया निषाद, शुभावती देवी, परमीला देवी व इन्द्रावती का कहना है कि गांव के लोग मूर्ति को स्थापित कर वहां मंदिर बनाने की तैयारी कर रहे थे कि पुलिस मूर्ति को थाने उठा ले गई।
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वर्जन:
गोमती नदी से बरामद शेर पर सवार मां दुर्गा की प्रतिमा को किसी बेशकीमती धातु से निर्मित होने का अनुमान ग्रामीण लगा रहे हैं। मूर्ति किस धातु से बनी है और कितनी पुरानी है इसकी जांच पुरातत्व विभाग से कराई जाएगी।
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-मनीष कुमार वर्मा डीएम