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कुछ ने पाया समाधान, कुछ को सुझाई राह

Sat, 30 Jan 2021 06:14 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jan 2021 06:14 PM IST
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Some found a solution, some suggested a way
जौनपुर। दफ्तरों के चक्कर काटकर थक चुके लोगों के लिए थाना समाधान दिवस बड़ी उम्मीद बन गई है। खाकी के प्रभाव से बड़े से बड़ा विवाद चुटकियों में हल होने से आशान्वित लोग अब थानों में शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। शनिवार को जिले के विभिन्न थानों में आयोजित समाधान दिवस में भी कई ऐसे रोचक मामले आए। कोई खाते में पैसा होने पर भी बैंक से भुगतान न होने की गुहार लेकर आया था तो कोई वर्षों पुराना संपत्ति विवाद सुलझाने थाने पर पहुंचा। पुलिस ने भी इन शिकायतों को गंभीरता से सुना। उनके पास भले ही इन शिकायतों का हल न रहा हो, लेकिन इसका रास्ता जरूर सुझाया।
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खाते में पैसा फिर भी नहीं मिल रहा
बदलापुर क्षेत्र के मछली गांव निवासी छोटेलाल थाना समाधान दिवस पर थानाध्यक्ष को प्रार्थना पत्र दे कर अपनी पीड़ा सुनाते हुए फफक पड़े। उन्होंने कहा कि बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक की शाहपुर शाखा में उनका बचत खाता है। खाते में पैसे हैं लेकिन बैंक भुगतान नहीं कर रहा। बेटा अस्पताल में भर्ती है और पैसे के अभाव में वह ठीक से इलाज नहीं करा पा रहे हैं। प्रार्थना पत्र में छोटेलाल ने कहा कि बैंस से पैसा निकालने के लिए पासबुक लेकर गया था, वहां पासबुक जमा करा लिया गया। अब पासबुक भी नहीं लौटा रहे हैं। उन्होंने बैंक खाते से पैसे का भुगतान न करने और पासबुक वापस न करने की वजह जानने के लिए शाखा प्रबंधक से पहले मौखिक रूप से जानकारी चाही तो कुछ हीं बताया गया। इससे जानने के लिए वह प्रार्थनापत्र लेकर बैंक गए तो शाखा प्रबंधक ने उनका प्रार्थना पत्र फाड़कर फेंक दिया। थानाध्यक्ष ने जांच करने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसी गांव के सुदामा केवट ने प्रार्थना पत्र दिया कि ग्राम प्रधान मनरेगा में काम कराने के बाद 48 दिन की मजदूरी नहीं दे रहे हैं।
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27 वर्ष से चल रहा था विवाद, पुलिस ने दिखाई सुलह की राह
शहर कोतवाली क्षेत्र के ओलंदगंज निवासी प्रमुख कारोबारी भाइयों के बीच 1993 से चल रहे प्रापर्टी विवाद के निस्तारण का रास्ता शनिवार को थाना समाधान दिवस पर साफ हो गया। राकेश कुमार, महेश मोदनवाल, मनोज कुमार, मनीष कुमार के बीच लंबे समय से प्रापर्टी को लेकर विवाद चला आ रहा है। कई बार समाधान की पहल हुई, लेकिन हल नहीं निकला। पिछले थाना समाधान दिवस पर आए प्रार्थना पत्र पर पुलिस ने प्रापर्टी के एक हिस्सेदार बीएसएफ में कमांडेंट के पद पर तैनात मनीष कुमार को भी बुलवाया था। करीब 11.30 बजे चारों पक्ष कोतवाली पहुंचे तो प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार मिश्रा ने सभी से कहा कि विवाद को निपटाने का वह महज एक प्लेटफार्म उपलब्ध करा रहे हैं। वह चाहें तो घर पर भी यही बात आपस में कर सकते हैं लेकिन घर पर बात करने से काफी संभावना होती है कि आपस में झगड़े भी कर सकते हैं। यहां बात करने पर सभी लोग शांति से अपनी बात रख सकते हैं। डेढ़ घंटे तक चली पंचायत में तय हुआ कि ओलंदगंज स्थित मकान की कीमत तय की जाएगी फिर उसका चार हिस्सा भाइयों में बांट लिया जाएगा। अगर यह प्रयोग सफल हुआ तो वे चार अन्य जायदाद के विवाद का निस्तारण इसी तरह कर लेंगे।
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ऐन मौके पर स्थगित हुआ थाना दिवस
सिंगरामऊ। स्थानीय थाने में शनिवार को सुबह ऐन मौके पर थाना समाधान दिवस स्थगित कर दिया गया। थाना समाधान दिवस पर सुनवाई के लिए सुबह कुर्सियां लगाई गईं। कुछ फरियादी भी पहुंचे थे। तभी करीब सवा दस बजे तहसील से आए एक लेखपाल ने थानाध्यक्ष को सूचना दी कि अब हर शनिवार को थाना समाधान दिवस नहीं होगा। दूसरे और तीसरे शनिवार को ही थाना समाधान दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस सूचना के बाद कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। मौके पर पहुंची खानपुर निवासी बंसराजी देवी ने शिकायती पत्र दिया कि उन्हें पीएम आवास मिला है लेकिन पड़ोसी निर्माण में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। इस पर उप निरीक्षक सुधीर मिश्रा ने आरोपी पक्ष को फोन कर थान आने का निर्देश दिया। दो घंटे बाद तक कोई थाने नहीं पहुंचा। पुलिस को मौके पर भेजने का भरोसा देकर महिला को घर भेज दिया।
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