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स्ववित्तपोषित शिक्षकों ने वीसी का फूंका पुतला
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Wed, 15 Apr 2015 12:29 AM IST
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पूविवि के कुलपति को हटाने की मांग को लेकर आंदोलित पूर्वांचल विश्वविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ ने मंगलवार को टीडी कालेज गेट पर प्रदर्शन कर पूविवि के कुलपति का पुतला दहन किया।
शिक्षकों ने पोस्टकार्ड लिखकर कुलपति हटाओ अभियान की शुरुआत की। शिक्षकों का आरोप है कि पूविवि के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल के कार्यकाल में विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार बढ़ा है।
शिक्षक हितों को ताख पर रख दिया गया है। कुलपति वापस जाओ के नारे के साथ पुतला दहन किया। इस मौके पर मौजूद पूविवि स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डा. विजय प्रताप तिवारी ने कहा कि राजभवन से समय मांगा
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गया है। समय मिला तो कुलाधिपति से मिलकर कुलपति के काले कारनामों की शिकायत की जाएगी। जिलाध्यक्ष डा. अनुराग मिश्र ने कहा कि कुलपति ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय को भ्रष्टाचारियों के हाथ सौंप दिया है। राजभवन के आदेश के
बाद भी फर्जी नेट मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। फर्जी शिक्षकों ने विश्वविद्यालय को करोड़ों का चूना लगाया। एक भी एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि शासनादेश के विपरीत प्रबंध तंत्र को लाभ पहुंचाया
जा रहा है। इस मौके पर डा. सुनील मिश्रा, डा. अजय मिश्र, डा. चंद्रभुज, डा.गार्गी त्रिपाठी, डा. अनुराधा आदि मौजूद थे।
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शिक्षकों ने पोस्टकार्ड लिखकर कुलपति हटाओ अभियान की शुरुआत की। शिक्षकों का आरोप है कि पूविवि के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल के कार्यकाल में विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार बढ़ा है।
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शिक्षक हितों को ताख पर रख दिया गया है। कुलपति वापस जाओ के नारे के साथ पुतला दहन किया। इस मौके पर मौजूद पूविवि स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डा. विजय प्रताप तिवारी ने कहा कि राजभवन से समय मांगा
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गया है। समय मिला तो कुलाधिपति से मिलकर कुलपति के काले कारनामों की शिकायत की जाएगी। जिलाध्यक्ष डा. अनुराग मिश्र ने कहा कि कुलपति ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय को भ्रष्टाचारियों के हाथ सौंप दिया है। राजभवन के आदेश के
बाद भी फर्जी नेट मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। फर्जी शिक्षकों ने विश्वविद्यालय को करोड़ों का चूना लगाया। एक भी एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि शासनादेश के विपरीत प्रबंध तंत्र को लाभ पहुंचाया
जा रहा है। इस मौके पर डा. सुनील मिश्रा, डा. अजय मिश्र, डा. चंद्रभुज, डा.गार्गी त्रिपाठी, डा. अनुराधा आदि मौजूद थे।