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Jaunpur News: छात्रवृत्ति न मिलने पर एससी-एसटी छात्रों का फूटा गुस्सा, किया प्रदर्शन
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करंजाकला। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को छात्रवृत्ति की राशि न मिलने से नाराज अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्रों ने कुलपति कार्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।
उनका कहना था कि छात्रवृत्ति फॉर्म जमा करने की निर्धारित तीन चरणों की प्रक्रिया के बावजूद उनकी छात्रवृत्ति समय पर फॉरवर्ड नहीं की गई, जिसके चलते अब उन्हें छात्रवृत्ति की सुविधा नहीं मिल रही है। छात्रों ने बताया कि एससी व एसटी वर्ग के कुल 268 छात्रों ने पहले चरण में ही अपने छात्रवृत्ति फॉर्म जमा कर दिए थे। विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण उनका डाटा तीसरे चरण में फॉरवर्ड किया गया। शासन स्तर पर अंतिम तारीख बीत जाने के कारण अब उनकी छात्रवृत्ति अटक गई है। जिससे उन्हें पढ़ाई जारी रखने में कठिनाई हो रही है। इसको लेकर उन्होंने कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह को ज्ञापन भी सौंपा। छात्रों का कहना था कि छात्रवृत्ति न मिलने से वे मानसिक रूप से परेशान हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मांग की कि जब तक छात्रवृत्ति की राशि नहीं आती है, तब तक सभी एससी व एसटी छात्रों का शिक्षण शुल्क माफ किया जाए। उधर, प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार यादव और चीफ प्राक्टर डॉ. राजकुमार सोनी ने छात्रों से बातचीत कर शांत कराने का प्रयास किया। छात्रों ने कुलपति से मिलकर अपनी बात रखने की इच्छा जताई, लेकिन कुलपति के बाहर रहने के कारण प्रशासन की ओर से डॉ. सोनी ने ही छात्रों को आश्वासन दिया। उन्होंने छात्रों को विश्वास दिलाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से ले रहा है और शीघ्र समाधान की दिशा में प्रयास कर रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह छात्रवृत्ति पिछले शैक्षणिक सत्र (2024-25) की है। शासन स्तर पर इस विषय को लेकर कई बैठकें हो चुकी हैं और विश्वविद्यालय ने पत्राचार भी किया है। छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि शासन स्तर पर निरंतर संवाद किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्दी ही छात्रों को उनकी छात्रवृत्ति की धनराशि प्राप्त हो जाएगी।
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उनका कहना था कि छात्रवृत्ति फॉर्म जमा करने की निर्धारित तीन चरणों की प्रक्रिया के बावजूद उनकी छात्रवृत्ति समय पर फॉरवर्ड नहीं की गई, जिसके चलते अब उन्हें छात्रवृत्ति की सुविधा नहीं मिल रही है। छात्रों ने बताया कि एससी व एसटी वर्ग के कुल 268 छात्रों ने पहले चरण में ही अपने छात्रवृत्ति फॉर्म जमा कर दिए थे। विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण उनका डाटा तीसरे चरण में फॉरवर्ड किया गया। शासन स्तर पर अंतिम तारीख बीत जाने के कारण अब उनकी छात्रवृत्ति अटक गई है। जिससे उन्हें पढ़ाई जारी रखने में कठिनाई हो रही है। इसको लेकर उन्होंने कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह को ज्ञापन भी सौंपा। छात्रों का कहना था कि छात्रवृत्ति न मिलने से वे मानसिक रूप से परेशान हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मांग की कि जब तक छात्रवृत्ति की राशि नहीं आती है, तब तक सभी एससी व एसटी छात्रों का शिक्षण शुल्क माफ किया जाए। उधर, प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार यादव और चीफ प्राक्टर डॉ. राजकुमार सोनी ने छात्रों से बातचीत कर शांत कराने का प्रयास किया। छात्रों ने कुलपति से मिलकर अपनी बात रखने की इच्छा जताई, लेकिन कुलपति के बाहर रहने के कारण प्रशासन की ओर से डॉ. सोनी ने ही छात्रों को आश्वासन दिया। उन्होंने छात्रों को विश्वास दिलाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से ले रहा है और शीघ्र समाधान की दिशा में प्रयास कर रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह छात्रवृत्ति पिछले शैक्षणिक सत्र (2024-25) की है। शासन स्तर पर इस विषय को लेकर कई बैठकें हो चुकी हैं और विश्वविद्यालय ने पत्राचार भी किया है। छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि शासन स्तर पर निरंतर संवाद किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्दी ही छात्रों को उनकी छात्रवृत्ति की धनराशि प्राप्त हो जाएगी।
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