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बर्खास्त सिपाही को 12 वर्ष की सजा
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जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश काशी प्रसाद सिंह यादव ने कोतवाली थाना क्षेत्र निवासी मित्र की 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री को स्कूल जाते समय अपहरण व दुराचार और तीन वर्ष तक यौन शोषण करने के आरोपी बर्खास्त सिपाही राजेश बहादुर सिंह निवासी शंकरगढ़, प्रयागराज को 12 वर्ष की सजा एवं 51 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को देने का आदेश हुआ।
पीड़िता ने 7 सितंबर 2014 को महिला थाना में अपहरण, दुराचार आदि संगीन धाराओं में एक प्राथमिकी दर्ज कराया। पूर्व में पुलिस ऑफिस में रहे सिपाही राजेश बहादुर सिंह पीड़िता के पिता के दोस्त थे। घर पर सिपाही का आना जाना था। हाई स्कूल में पढ़ने वाली 15 वर्षीय पीड़िता 24 फरवरी 2011 को घर से स्कूल जा रही थी। राजेश अपनी मोटरसाइकिल से शकर मंडी चौराहे पर पहुंच गया और नाश्ता कराने के बहाने उसे होटल में ले गया तथा कोल्ड ड्रिंक में नशीला गोली मिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। वीडियो क्लिप बनाया। पीड़िता के होश में आने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दिया। धमकी देकर 3 वर्ष तक उसके साथ लगातार दुष्कर्म करता रहा। पीड़िता ने त्रस्त होकर महिला थाने में घटना की सूचना दी। उसका मेडिकल हुआ तथा मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान हुआ। पुलिस ने कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। सरकारी अधिवक्ता राजेश उपाध्याय, कमलेश राय व वीरेंद्र मौर्य ने कोर्ट में गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपित सिपाही राजेश को दोषी पाते हुए दंडित किया।
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पीड़िता ने 7 सितंबर 2014 को महिला थाना में अपहरण, दुराचार आदि संगीन धाराओं में एक प्राथमिकी दर्ज कराया। पूर्व में पुलिस ऑफिस में रहे सिपाही राजेश बहादुर सिंह पीड़िता के पिता के दोस्त थे। घर पर सिपाही का आना जाना था। हाई स्कूल में पढ़ने वाली 15 वर्षीय पीड़िता 24 फरवरी 2011 को घर से स्कूल जा रही थी। राजेश अपनी मोटरसाइकिल से शकर मंडी चौराहे पर पहुंच गया और नाश्ता कराने के बहाने उसे होटल में ले गया तथा कोल्ड ड्रिंक में नशीला गोली मिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। वीडियो क्लिप बनाया। पीड़िता के होश में आने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दिया। धमकी देकर 3 वर्ष तक उसके साथ लगातार दुष्कर्म करता रहा। पीड़िता ने त्रस्त होकर महिला थाने में घटना की सूचना दी। उसका मेडिकल हुआ तथा मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान हुआ। पुलिस ने कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। सरकारी अधिवक्ता राजेश उपाध्याय, कमलेश राय व वीरेंद्र मौर्य ने कोर्ट में गवाहों को परीक्षित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपित सिपाही राजेश को दोषी पाते हुए दंडित किया।
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