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इंजीनियरिंग के छात्रों का हंगामा
ब्यूरो
Updated Sat, 27 Feb 2016 12:51 AM IST
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शिक्षकों पर शोषण सहित कई तरह के आरोप लगाते हुए शुक्रवार को पूर्वांचल विश्वविद्यालय के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों ने हंगामा कर दिया और विवि का मुख्य गेट बंद कर नारेबाजी की।
छात्रों का आरोप था कि जब से सत्र शुरू हुआ है शिक्षक हर छात्र को फेल करने और कम नंबर देने की धमकी दे रहे हैं। कक्षाएं ठीक से नहीं चलतीं । ऊपर से शिक्षक छात्रों परतरह-तरह के दबाव बनाते रहते हैं।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग के दर्जनों छात्र शुक्रवार को विवि के गेट पर धरने पर बैठ गए और प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी करने लगे।
उनका आरोप था कि शिक्षक अपनी गलती को छिपाने के लिए हमेशा छात्रों पर दबाव बनाते रहते हैं। कक्षा में सवाल पूछने पर उन्हें डांट कर बैठा दिया जाता है।
शिक्षक फेल करने और नंबर कम देने की धमकी भी देते हैं। इससे छात्र मानसिक दबाव में रहते हैं। प्रयोगशाला में आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में कोई भी अध्यापक स्थाई रूप से नियुक्त नहीं है। इसी से स्पष्ट है कि यहां शिक्षा का स्तर कितना निम्न है।
छात्रों का कहना था कि दोषी अध्यापकों के निलंबन तक कक्षाओं का बहिष्कार जारी रहेगा। 19 सितंबर से कक्षाएं शुरू हुई हैं, दिसंबर के पहले सप्ताह में पढ़ाई बंद कर दी गई।
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सेमेस्टर की पढ़ाई दो माह दस दिन में ही खत्म कर दी गई है। छात्रों के धरने पर बैठने की जानकारी होने पर चीफ प्राक्टर डा. रजनीश भास्कर, डा. मानस पांडेय, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. अजय द्विवेदी, पूर्वांचल चौकी प्रभारी के साथ मौके पर पहुंच गए। काफी समझाने के बाद भी छात्र नहीं मानें। देर शाम तक गेट पर बैठे रहे।
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छात्रों का आरोप था कि जब से सत्र शुरू हुआ है शिक्षक हर छात्र को फेल करने और कम नंबर देने की धमकी दे रहे हैं। कक्षाएं ठीक से नहीं चलतीं । ऊपर से शिक्षक छात्रों परतरह-तरह के दबाव बनाते रहते हैं।
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मैकेनिकल इंजीनियरिंग के दर्जनों छात्र शुक्रवार को विवि के गेट पर धरने पर बैठ गए और प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी करने लगे।
उनका आरोप था कि शिक्षक अपनी गलती को छिपाने के लिए हमेशा छात्रों पर दबाव बनाते रहते हैं। कक्षा में सवाल पूछने पर उन्हें डांट कर बैठा दिया जाता है।
शिक्षक फेल करने और नंबर कम देने की धमकी भी देते हैं। इससे छात्र मानसिक दबाव में रहते हैं। प्रयोगशाला में आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में कोई भी अध्यापक स्थाई रूप से नियुक्त नहीं है। इसी से स्पष्ट है कि यहां शिक्षा का स्तर कितना निम्न है।
छात्रों का कहना था कि दोषी अध्यापकों के निलंबन तक कक्षाओं का बहिष्कार जारी रहेगा। 19 सितंबर से कक्षाएं शुरू हुई हैं, दिसंबर के पहले सप्ताह में पढ़ाई बंद कर दी गई।
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सेमेस्टर की पढ़ाई दो माह दस दिन में ही खत्म कर दी गई है। छात्रों के धरने पर बैठने की जानकारी होने पर चीफ प्राक्टर डा. रजनीश भास्कर, डा. मानस पांडेय, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. अजय द्विवेदी, पूर्वांचल चौकी प्रभारी के साथ मौके पर पहुंच गए। काफी समझाने के बाद भी छात्र नहीं मानें। देर शाम तक गेट पर बैठे रहे।