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ऑनलाइन ठगी के शिकार तीन पीड़ितों के खाते में वापस कराए दो लाख
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जौनपुर। ऑनलाइन ठगी के शिकार तीन पीड़ितों के खाते में साइबर सेल ने करीब दो लाख रुपये वापस कराया है। जालसाजों ने तीनों को फोन पर अपने जाल में फंसाकर उनके खाते से रुपये निकाल लिए थे।
एसपी राजकरन नय्यर ने बताया कि ऑनलाइन ठगी के शिकार तीन व्यक्तियों ने उनसे शिकायत की थी कि उनको फोन कर धोखाधड़ी करते हुए बैंक खाते से पैसा निकाल लिया गया है। एसपी ने मामले की जांच साइबर सेल को दी। साइबर सेल ने जांच की और तीनों पीड़ितों को रुपये वापस करा दिए। जालसाजों ने एक के खाते से 99980 रुपये, दूसरे के खाते से 48100 रपये और तीसरे के खाते से 52 हजार रुपये निकाल लिए थे। एसपी ने बताया कि एक महिला ने यूपीआई एक्टीवेसन के लिए गूगल पर यूपीआई कस्टमर केयर नम्बर सर्च कराया जहां से उसे एक मोबाइल नम्बर प्राप्त हुआ जो साइबर ठग का था। जिसपर महिला ने फोन कर अपना यूपीआई एक्टीवेट करने के लिए प्रक्रिया जानने की कोशिश की तो उसे एक लिंक मैसेज किया गया। बताया गया कि इस लिंक से एनीडेक्स ऐप अपने मोबाइल में डाउनलोड कर लीजिए। ऐसा करते ही उसका पासवर्ड पूछकर मोबाइल को रिमोटली एक्सेस करते हुए साइबर ठग ने उसके खाते से पैसे उड़ा लिया। दूसरे पीड़ित के फोन पर जालसाज ने बैंक शाखा प्रबंधक बनकर फोन किया और एटीएम बंद होने से बचने की बात कहकर एटीएम की सारी डिटेल ले लिया और पैसे निकाल लिए। जबकि तीसरे पीड़ित के गूगल खाते से आनलाइन गेमिंग कंपनी से गेम खरीददारी कर 52 हजार रुपये निकाल लिए थे। एसपी ने कहा है कि किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नम्बर उस कम्पनी के आधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें क्योंकि आजकल साइबर ठगों ने अपने नंबरों को विभिन्न आनलाइन कम्पनियों के कस्टमर केयर के नाम से गूगल पर अपडेट किया है। कोई भी बैंक अधिकारी फोनपर कभी भी आपसे एटीएम, खाते क्रेडिड कार्ड अन्य से संबन्धित जानकारी नहीं मांगता इसलिए कभी भी फोन काल पर अपने बैंक से सम्बन्धित जानकारी शेयर न करें।
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एसपी राजकरन नय्यर ने बताया कि ऑनलाइन ठगी के शिकार तीन व्यक्तियों ने उनसे शिकायत की थी कि उनको फोन कर धोखाधड़ी करते हुए बैंक खाते से पैसा निकाल लिया गया है। एसपी ने मामले की जांच साइबर सेल को दी। साइबर सेल ने जांच की और तीनों पीड़ितों को रुपये वापस करा दिए। जालसाजों ने एक के खाते से 99980 रुपये, दूसरे के खाते से 48100 रपये और तीसरे के खाते से 52 हजार रुपये निकाल लिए थे। एसपी ने बताया कि एक महिला ने यूपीआई एक्टीवेसन के लिए गूगल पर यूपीआई कस्टमर केयर नम्बर सर्च कराया जहां से उसे एक मोबाइल नम्बर प्राप्त हुआ जो साइबर ठग का था। जिसपर महिला ने फोन कर अपना यूपीआई एक्टीवेट करने के लिए प्रक्रिया जानने की कोशिश की तो उसे एक लिंक मैसेज किया गया। बताया गया कि इस लिंक से एनीडेक्स ऐप अपने मोबाइल में डाउनलोड कर लीजिए। ऐसा करते ही उसका पासवर्ड पूछकर मोबाइल को रिमोटली एक्सेस करते हुए साइबर ठग ने उसके खाते से पैसे उड़ा लिया। दूसरे पीड़ित के फोन पर जालसाज ने बैंक शाखा प्रबंधक बनकर फोन किया और एटीएम बंद होने से बचने की बात कहकर एटीएम की सारी डिटेल ले लिया और पैसे निकाल लिए। जबकि तीसरे पीड़ित के गूगल खाते से आनलाइन गेमिंग कंपनी से गेम खरीददारी कर 52 हजार रुपये निकाल लिए थे। एसपी ने कहा है कि किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नम्बर उस कम्पनी के आधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें क्योंकि आजकल साइबर ठगों ने अपने नंबरों को विभिन्न आनलाइन कम्पनियों के कस्टमर केयर के नाम से गूगल पर अपडेट किया है। कोई भी बैंक अधिकारी फोनपर कभी भी आपसे एटीएम, खाते क्रेडिड कार्ड अन्य से संबन्धित जानकारी नहीं मांगता इसलिए कभी भी फोन काल पर अपने बैंक से सम्बन्धित जानकारी शेयर न करें।
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