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कृषक गोष्ठी में हुआ किसानों का सम्मान
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sat, 27 Dec 2014 11:49 PM IST
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पालीटेक्निक स्थित कृषि भवन परिसर में एकीकृत बागवानी मिशन विकास योजना के तहत दो दिवसीय कृषक संगोष्ठी में मसाले और सब्जी की उत्कृष्ट खेती करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया।
वाराणसी एनएचआरडीएफ के पूर्व सहायक निदेशक डा. शिव अचल पटेल ने किसानों को बीजों के चयन, रोपण, उत्पादन और तकनीकी खेती के प्रति अवगत कराया। इससे पहले सीडीओ पीसी श्रीवास्तव ने संगोष्ठी का शुभारंभ किया।
कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के एसएमएस डा. सुरेंद्र प्रताप सोनकर ने किसानों को फसलों के प्रसार एवं प्रबंधन आदि की जानकारी दी। डा. नरेंद्र कुमार रघुवंशी ने फसलों में जैविक खाद की उपयोगिता को बताया।
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इंजीनियर अमिताभ कर ने सिचाई की तकनीकी जानकारी और इससे होने वाले लाभ के बारे में किसानों को विस्तार से बताया। संगोष्ठी के पहले दिन आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय फैजाबाद के पूर्व आचार्य प्रो. आरए पाठक मृदा
परीक्षण और उससे होने वाले लाभ को बताया। केला की खेती पर विस्तार से प्रकाश डाला। डा. राम सागर त्रिपाठी ने फसलों में लगने वाली कीट और उनसे बचाव की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के समन्वयक डा. सुरेश
कनौजिया ने औद्यानिक वितरण व्यवस्था की जानकारी दी। डा. एके सिंह ने बुआई के लिए बीजों का चयन और सामाग्री की उपलब्धता एवं पौधों की देखरेख पर प्रकाश डाला। जिला उद्यान अधिकारी ने एसएमपी पटेल ने किसानों और अतिथियों के प्रति आभार जताया।
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वाराणसी एनएचआरडीएफ के पूर्व सहायक निदेशक डा. शिव अचल पटेल ने किसानों को बीजों के चयन, रोपण, उत्पादन और तकनीकी खेती के प्रति अवगत कराया। इससे पहले सीडीओ पीसी श्रीवास्तव ने संगोष्ठी का शुभारंभ किया।
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कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के एसएमएस डा. सुरेंद्र प्रताप सोनकर ने किसानों को फसलों के प्रसार एवं प्रबंधन आदि की जानकारी दी। डा. नरेंद्र कुमार रघुवंशी ने फसलों में जैविक खाद की उपयोगिता को बताया।
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इंजीनियर अमिताभ कर ने सिचाई की तकनीकी जानकारी और इससे होने वाले लाभ के बारे में किसानों को विस्तार से बताया। संगोष्ठी के पहले दिन आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय फैजाबाद के पूर्व आचार्य प्रो. आरए पाठक मृदा
परीक्षण और उससे होने वाले लाभ को बताया। केला की खेती पर विस्तार से प्रकाश डाला। डा. राम सागर त्रिपाठी ने फसलों में लगने वाली कीट और उनसे बचाव की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के समन्वयक डा. सुरेश
कनौजिया ने औद्यानिक वितरण व्यवस्था की जानकारी दी। डा. एके सिंह ने बुआई के लिए बीजों का चयन और सामाग्री की उपलब्धता एवं पौधों की देखरेख पर प्रकाश डाला। जिला उद्यान अधिकारी ने एसएमपी पटेल ने किसानों और अतिथियों के प्रति आभार जताया।