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पुलिस बर्बरता की जानी हकीकत
जौनपुर ब्यूराे
Updated Wed, 09 Dec 2015 12:46 AM IST
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दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ समेत कई सामाजिक और राजनैतिक संगठनों ने मंगलवार को जफराबाद थाना क्षेत्र के महरुपुर गांव का दौरा किया। पूर्व सांसद धनंजय सिंह भी गांव में पहुंचे।
एक-एक दरवाजे पर जाकर लोगों ने पुलिस की बर्बरता की कहानी सुनी और देखी। जौनपुर संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष सुभाष कुशवाहा ने कहा कि महरूपुर में पुलिस की बर्बरता के सिलसिले में उनके संगठन के लोग चुनाव बाद डीएम और एसपी
से मिलेंगे। आवश्यकता पड़ी तो मुख्यमंत्री से भी मिलकर महरूपुर की घटना से अवगत कराया जाएगा। दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ के महामंत्री जय प्रकाश सिंह के नेतृत्व में संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल महरूपुर गांव पहुंचा। जौनपुर
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संघर्ष मोर्चा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिलाध्यक्ष किरन शंकर सिंह के नेतृत्व में उनके दल का भी एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को महरूपुर गांव पहुंचा। अधिकतर घरों में अभी भी ताला लगा हुआ है। गांव में मौजूद बुजुर्ग
महिलाओं ने शरीर पर पुलिस की लाठी से चोट के निशान दिखाते हुए रो पड़ीं। कहा कि उनके परिवार के सदस्य पुलिस के भय से भागे भागे फिर रहें हैं। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के लोगों ने गांव से लौटने के बाद अमर उजाला को
बताय कि किसी भी घर में एक भी सामान साबूत नहीं बचा है। खिड़की, दरवाजे, टीवी, बाइक, कार, आलमारी यहां तक कि शौचालय के दरवाजे और बिजली के बोर्ड भी तोड़ दिए गए हैं। पूरा गांव उजाड़ वाटिका में हो गया है। गांव में जो लोग
मौजूद हैं उनकी एक पीड़ा यह भी है कि बाहर से लोग गांव में पहुंच कर कम से कम उनकी तकलीफों को महसूस कर रहे हैं लेकिन भाजपा सांसद डा. केपी सिंह का यह पैतृक गांव है लेकिन इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी सांसद उनके
बीच नहीं आए। मंगलवार को पूर्व सांसद धनंजय सिंह भी महरूपुर गांव पहुंचे और महिलाओं की पीड़ा सुनी। उन्होंने आश्वस्त किया कि अब उनके साथ ज्यादती नहीं होने पाएगी।
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एक-एक दरवाजे पर जाकर लोगों ने पुलिस की बर्बरता की कहानी सुनी और देखी। जौनपुर संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष सुभाष कुशवाहा ने कहा कि महरूपुर में पुलिस की बर्बरता के सिलसिले में उनके संगठन के लोग चुनाव बाद डीएम और एसपी
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से मिलेंगे। आवश्यकता पड़ी तो मुख्यमंत्री से भी मिलकर महरूपुर की घटना से अवगत कराया जाएगा। दीवानी न्यायालय अधिवक्ता संघ के महामंत्री जय प्रकाश सिंह के नेतृत्व में संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल महरूपुर गांव पहुंचा। जौनपुर
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संघर्ष मोर्चा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिलाध्यक्ष किरन शंकर सिंह के नेतृत्व में उनके दल का भी एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को महरूपुर गांव पहुंचा। अधिकतर घरों में अभी भी ताला लगा हुआ है। गांव में मौजूद बुजुर्ग
महिलाओं ने शरीर पर पुलिस की लाठी से चोट के निशान दिखाते हुए रो पड़ीं। कहा कि उनके परिवार के सदस्य पुलिस के भय से भागे भागे फिर रहें हैं। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के लोगों ने गांव से लौटने के बाद अमर उजाला को
बताय कि किसी भी घर में एक भी सामान साबूत नहीं बचा है। खिड़की, दरवाजे, टीवी, बाइक, कार, आलमारी यहां तक कि शौचालय के दरवाजे और बिजली के बोर्ड भी तोड़ दिए गए हैं। पूरा गांव उजाड़ वाटिका में हो गया है। गांव में जो लोग
मौजूद हैं उनकी एक पीड़ा यह भी है कि बाहर से लोग गांव में पहुंच कर कम से कम उनकी तकलीफों को महसूस कर रहे हैं लेकिन भाजपा सांसद डा. केपी सिंह का यह पैतृक गांव है लेकिन इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी सांसद उनके
बीच नहीं आए। मंगलवार को पूर्व सांसद धनंजय सिंह भी महरूपुर गांव पहुंचे और महिलाओं की पीड़ा सुनी। उन्होंने आश्वस्त किया कि अब उनके साथ ज्यादती नहीं होने पाएगी।