जौनपुर में तीन स्थानों पर छापा: लाखों की नकली दवाएं बरामद, एक गिरफ्तार, दो को हिरासत में लेकर हो रही पूछताछ
जलालपुर बिबनमऊ गांव में अच्छेलाल के घर पर दबिश में पांच बोरे में सैंपल (डाक्टरों को देने वाली) की दवाएं बरामद हुईं, जिनके नकली होने आशंका जताई जा रही है। इन दवाओं की कीमत करीब पांच लाख आंकी जा रही है।
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ड्रग्स विभाग ने जौनपुर में चल रहे नकली दवा के काले कारोबार का खुलासा किया है। बीते 24 घंटे में तीन स्थानों पर छापा मार कर ड्रग्स विभाग की टीम ने करीब सात लाख रुपये की नकली दवाएं बरामद की हैं। एक युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य सप्लायर और एक अन्य दुकानदार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
ये 30 रुपये में तीन सौ की दवा दुकानदारों को बेचते थे। असिस्टेंट कमिश्नर औषधि केजी गुप्ता ने बताया कि विभाग को कुछ दुकानों से नकली दवा बिकने की शिकायतें मिल रही थीं। शुक्रवार को औषधि निरीक्षक जौनपुर चंद्रेश दुबे को ग्राहक बनाकर रामपुर बाजार स्थित एक मेडिकल स्टोर पर भेजा गया।
यहां से नकली दवा के सप्लायर इसी थाना क्षेत्र के भानापुर गांव निवासी संदीप दीक्षित के बारे में पता चला। शाम को उसे बाजार में बुलवाया गया तो वह साथ में नकली एंटी बायोटिक्स दवाएं जिफिक्जिम, एजिथ्रोमाइसिन, जिफी 500 आदि लेकर आया। टीम ने उसे पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया।
उसकी निशानदेही पर उसके घर से दो लाख की नकली दवाएं बरामद हुईं। उससे पूछताछ के बाद टीम ने शनिवार को नेवढ़िया के भवानीगंज बाजार स्थित एन एल श्रेयांश फार्मेसी पर छापा मारा। यहां पांच हजार की नकली दवाएं बरामद होने पर मेडिकल स्टोर को सीज कर दिया गया।
इसी तरह जलालपुर बिबनमऊ गांव में अच्छेलाल के घर पर दबिश में पांच बोरे में सैंपल (डाक्टरों को देने वाली) की दवाएं बरामद हुईं, जिनके नकली होने आशंका जताई जा रही है। इन दवाओं की कीमत करीब पांच लाख आंकी जा रही है। इसके बाद टीम ने आरोपी की जलालपुर-थानागद्दी मार्ग स्थित बंद पड़ी कृष्णा मेडिकल एजेंसी को सील कर दिया। इससे बाजार में हड़कंप मच गया।
नकली दवाओं की सप्लाई करता था अच्छेलाल
रामपुर में गिरफ्तार संदीप दीक्षित लाकडाउन में मुंबई से घर आया था। यहां कोई काम न मिलने पर इस धंधे में शामिल हो गया। वह अच्छेलाल से दवाइयां लेता था। उसके पास से पूर्व में भी नकली दवाइयां बरामद हुई थी। इस मामले में उस पर दो मुकदमे दर्ज हैं।
जौनपुर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है इसके लिए तीन टीमें लगाई हैं। पूर्व में नकली दवा बेचने के आरोप में 15 मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। -केजी गुप्ता, असिस्टेंट कमिश्नर औषधि।