जौनपुर। प्रदेश के मुख्य सचिव का छुट्टा गोवंशों को पकड़ कर आश्रय स्थलों तक पहुंचाए जाने का आदेश जिले में हवा हवाई साबित हो रहा है। शहर से लेकर गांवों तक यह पशु घूम रहे हैं। शहर में सड़कों पर डेरा जमाए हैं तो ग्रामीण इलाकों में खेतों में घुस पर फसलों को बरबाद कर रह हैं। जबकि अधिकारी कागज पर छुट्टा पशुओं को पकड़े का अभियान चला रहे हैं। जनपद में 82 गोशाला मौजूद है, जिसमें इस समय 10 हजार 800 पशु रखे गए हैें। लेकिन इसके बाद भी हजारों पशु नगर निकायों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में झुंड में घूम रहे हैं। वहीं शहरों में यह पशु सड़कों पर लोगों के जान के दुश्मन भी बन रहे हैं। आए दिन लोग इनका शिकार हो गए हैं। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने 31 दिसंबर को जिलाधिकारी को पत्र भेजा था। जिसमें एक जनवरी से लेकर 10 जनवरी तक अभियान चलाकर सभी छुट्टा गोवंशों को गो आश्रय तक पहुंचावाने का आदेश दिया गया था। इसके बाद बैठक करके अभियान चलाने का रणनीति तैयार की गई। पशुपालन विभाग व नगर निकायों सहित बीडीओ व एसडीएम को इस कार्य में लगाया गया। पांच जनवरी तक 205 पशुओं को पकड़ कर गोशाला भेजने की बात कही जा रही थी। नगर पालिका क्षेत्र में 30 छुट्टा पशुओं को पकड़ने का दावा ईओ संतोष कुमार मिश्रा कर रहे हैं। लेकिन सब कागज पर है। बीच सड़कों पर बैठ कर जुगाली कर रहे पशु दावों को खोखला साबित करते दिख रहे हैं। मौजूदा समय में सद्भावना पुल, मछलीशहर पड़ाव, बाबा जी की कुटिया, किला रोड, कोतवाली, सब्जी मंडी, राजा साहब फाटक समेत अन्य भीड़ वाले इलाकों में छुट्टा पशुओं को आसानी से घूमते देखा जा सकता है। यही स्थिति गांवों में हैं, जहां किसान भी छुट्टा पशुओं से परेशान हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि छुट्टा पशुओं को पकड़ने की तिथि बढ़ गई है। 17 जनवरी तक ऐसे पशुओं को पकड़ने का कार्य किया जाएगा, इसके लिए पशुपालन विभाग और सभी बीडीओ को निर्देश भी दिया जा चुका है।