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24 घंटे तक नींद में रहे अफसर, न दुकानें बंद हुई न इलाका सील किया
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शाहगंज। नगर के भटियारी सराय मोहल्ला निवासी वृद्ध व्यापारी की कोरोना से मौत के 24 घंटे बाद भी जिम्मेदार लापरवाह बने रहे। बुधवार शाम चार बजे तक न तो इलाके को सील किया गया था और न ही दवाओं के छिड़काव सहित अन्य गतिविधियां शुरू कराई गईं। आसपास की दुकानें भी खुली रहीं। बाद में जब मामला डीएम के संज्ञान में पहुंचा तो आनन-फानन में शाम साढ़े चार बजे पुलिस ने दुकानों को बंद कराया। बैरियर लगाकर मोहल्ला सील किया गया। उस अस्पताल को भी बंद करा दिया गया है, जिसमें उपचार के दौरान कोरोना मरीज की मौत हुई थी। व्यापारी के परिवार के सदस्यों की जांच के लिए सैंपल लेने की कवायद में देर शाम तक स्वास्थ्य टीम जुटी रही। नगर में कोरोना के कारण पहली मौत से लोग सहमे हुए हैं।
नगर के भटियारी सराय मोहल्ला स्थित जेसीज चौक बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान चलाने वाले 65 वर्षीय व्यापारी की रिपोर्ट मंगलवार को कोरोना पॉजिटिव आई। उन्हें तबीयत बिगड़ने पर दोपहर में ही परिवार के लोग नगर के सुशीला देवी मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में ले गए थे। वहां उपचार के दौरान शाम करीब 4 बजे उनकी मौत हो गई। इसके कुछ देर बाद घर वालों को व्यापारी के पॉजिटिव होने की सूचना मिली। स्वास्थ्य टीम मरीज को लाने घर पहुंची तो मौत की सूचना के बाद सकते में आ गई। रात में ही डीएम के निर्देश के बाद पुलिस-प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर पिलकिछा घाट पर अपनी निगरानी में अंतिम संस्कार कराया। डीएम ने रात में ही अस्पताल को बंद कराने और व्यापारी के आवास से ढाई सौ मीटर की परिधि में क्षेत्र को कंटेन्मेंट एरिया घोषित करते हुए सील कराने का आदेश दिया था। बुधवार को शाम 4 बजे तक न इलाका सील किया गया और न ही दवाओं का छिड़काव हुआ। लापरवाही की हद यह थी कि आसपास के होटल, ढाबा, शराब की दुकानें भी सामान्य दिनों की तरह ही खुली रहीं। चौराहे के पास से जीप, टेंपो आदि रोज की तरह गाड़ियों को खड़ा कर सवारियां बैठाते रहे। जिम्मेदारों की इस लापरवाही से लोग अवाक थे। बार-बार लोग स्वास्थ्य विभाग व तहसील प्रशासन को सूचना देते रहे, मगर कोई रुचि नहीं दिखाई।
बाद में मामला डीएम के संज्ञान में लाया गया तब प्रशासनिक तंत्र हरकत में आया। उधर, संक्रमित मरीज का जिस चिकित्सालय में उपचार चल रहा था, उसे बंद कराते हुए वहां कोरोना मरीज मिलने के कारण अस्पताल बंद होने की सूचना चस्पा की गई थी। मरीज के परिजनों का नमूना लेने के लिए स्वास्थ्य टीम को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। घरवालों ने पहले तो सैंपल देने से इंकार किया, लेकिन प्रबुद्ध लोगों के समझाने के बाद वह इस पर राजी हुए। नगर पालिका परिषद की ओर से क्षेत्र की सफाई और दवा का छिड़काव कराया गया। दोपहर बाद पुलिस ने भी दुकानें बंद कराई। उधर, क्षेत्र के डिहवा भादी व बड़ागांव में मिले संक्रमित मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की टीम तो ले गई, लेकिन उनके परिजनों का नमूना लेने के लिए कोई टीम नहीं पहुंची और न ही गांव को सील किया गया। इस बाबत एसडीएम राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि डीएम के निर्देश का पालन कराने के लिए सीओ को बताया गया है। वहीं सीओ जितेंद्र दुबे ने बताया कि दुकानों को बंद करा कर एरिया को सील कराया जा रहा है।
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नगर के भटियारी सराय मोहल्ला स्थित जेसीज चौक बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान चलाने वाले 65 वर्षीय व्यापारी की रिपोर्ट मंगलवार को कोरोना पॉजिटिव आई। उन्हें तबीयत बिगड़ने पर दोपहर में ही परिवार के लोग नगर के सुशीला देवी मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में ले गए थे। वहां उपचार के दौरान शाम करीब 4 बजे उनकी मौत हो गई। इसके कुछ देर बाद घर वालों को व्यापारी के पॉजिटिव होने की सूचना मिली। स्वास्थ्य टीम मरीज को लाने घर पहुंची तो मौत की सूचना के बाद सकते में आ गई। रात में ही डीएम के निर्देश के बाद पुलिस-प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर पिलकिछा घाट पर अपनी निगरानी में अंतिम संस्कार कराया। डीएम ने रात में ही अस्पताल को बंद कराने और व्यापारी के आवास से ढाई सौ मीटर की परिधि में क्षेत्र को कंटेन्मेंट एरिया घोषित करते हुए सील कराने का आदेश दिया था। बुधवार को शाम 4 बजे तक न इलाका सील किया गया और न ही दवाओं का छिड़काव हुआ। लापरवाही की हद यह थी कि आसपास के होटल, ढाबा, शराब की दुकानें भी सामान्य दिनों की तरह ही खुली रहीं। चौराहे के पास से जीप, टेंपो आदि रोज की तरह गाड़ियों को खड़ा कर सवारियां बैठाते रहे। जिम्मेदारों की इस लापरवाही से लोग अवाक थे। बार-बार लोग स्वास्थ्य विभाग व तहसील प्रशासन को सूचना देते रहे, मगर कोई रुचि नहीं दिखाई।
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बाद में मामला डीएम के संज्ञान में लाया गया तब प्रशासनिक तंत्र हरकत में आया। उधर, संक्रमित मरीज का जिस चिकित्सालय में उपचार चल रहा था, उसे बंद कराते हुए वहां कोरोना मरीज मिलने के कारण अस्पताल बंद होने की सूचना चस्पा की गई थी। मरीज के परिजनों का नमूना लेने के लिए स्वास्थ्य टीम को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। घरवालों ने पहले तो सैंपल देने से इंकार किया, लेकिन प्रबुद्ध लोगों के समझाने के बाद वह इस पर राजी हुए। नगर पालिका परिषद की ओर से क्षेत्र की सफाई और दवा का छिड़काव कराया गया। दोपहर बाद पुलिस ने भी दुकानें बंद कराई। उधर, क्षेत्र के डिहवा भादी व बड़ागांव में मिले संक्रमित मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की टीम तो ले गई, लेकिन उनके परिजनों का नमूना लेने के लिए कोई टीम नहीं पहुंची और न ही गांव को सील किया गया। इस बाबत एसडीएम राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि डीएम के निर्देश का पालन कराने के लिए सीओ को बताया गया है। वहीं सीओ जितेंद्र दुबे ने बताया कि दुकानों को बंद करा कर एरिया को सील कराया जा रहा है।
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