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अब बिजली के बिल में नहीं होगी धांधली, प्रॉब सिस्टम से पता चल जाएगा बिल
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अब बिजली का बिल बनाने में किसी भी प्रकार की धांधली की गुंजाइश नहीं होगी। वजह इसके लिए प्रॉब सिस्टम लागू किया गया है। जिसके तहत सभी मीटर रीडरों को प्रॉब वायर दिया गया है। इससे यूएसबी प्रॉब वायर को मीटर से कनेक्ट करते ही वास्तविक मीटर रीडिंग का पता चल जाएगा।
अभी तक मीटर रीडर उपभोक्ता के घर जाकर मीटर की जांच करते थे। मीटर की रीडिंग रजिस्टर में दर्ज करते थे उसी के आधार पर बिल बनाकर उपभोक्ता के घर भेजा जाता था। मीटर रीडिंग को मैनुअली तैयार किए जाने पर धांधली की गुंजाइश होती थी। कई बार ऐसा होता था कि वास्तविक मीटर रीडिंग 150 होती थी तो मीटर रीडर उसे गलती से या तकनीकी कारणों से 250 या और कुछ दर्ज कर लेता था। अगले महीने में जब दोगुना से अधिक बिल आती थी तो उपभोक्ता परेशान होते थे और अफसरों के पास धांधली की शिकायत जाती थी। ऐसी की शिकायतों को देखते हुए अब मीटर रीडिंग की नई व्यवस्था बनाई गई है। विद्युत मीटर रीडिंग के बदलापुर के सुपरवाइजर संदीप कुमार मिश्रा का कहना है नई व्यवस्था के तहत अब मीटर रीडर उपभोक्ता के घर जाएंगे और प्रॉब वायर को मीटर के यूएसबी से कनेक्ट कर मोबाइल से जोड़ देंगे। वायर को जोड़ते ही मोबाइल की स्क्रीन पर मीटर रीडिंग आ जाएगी जिसे प्रिंट कर उपभोक्ता को दे दिया जाएगा। इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी।
बिजली बिल जमा करने के लिए उपभोक्ताओं को अब आसानी होगी। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित बिजली बिल सखी संस्था नाम की महिलाएं बिजली बिल वसूलेंगी। उपभोक्ताओं की सहूलियत को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में समूह द्वारा बिजली बिल भुगतान कराया जा रहा है। ब्लाक क्षेत्र की स्वयं सहायता समूह शाहपुर की उर्मीला चतुर्वेदी, कादरिया स्वयं सहायता समूह गोनौली की अशरुन्निशा तथा सिंह स्वयं सहायता समूह ऊदपुरगेल्हवा की संगीता सिंह विद्युत उप केंद्र बदलापुर से सम्बंधित उपभोक्ताओं से बिल वसूल रही हैं। टीम ग्रामीण अंचलों में डोर टू डोर जाकर बिजली बिल मीटर रीडिंग के अनुसार भुगतान बिल वसूल रही हैं। एनआरएलएम के ब्लाक कोआर्डिनेटर अनिल यादव और अनिल मौर्या ़ने बताया कि महिलाओं को बिल वसूलने के लिए मशीन भी उपलब्ध करा दी गई है।
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अभी तक मीटर रीडर उपभोक्ता के घर जाकर मीटर की जांच करते थे। मीटर की रीडिंग रजिस्टर में दर्ज करते थे उसी के आधार पर बिल बनाकर उपभोक्ता के घर भेजा जाता था। मीटर रीडिंग को मैनुअली तैयार किए जाने पर धांधली की गुंजाइश होती थी। कई बार ऐसा होता था कि वास्तविक मीटर रीडिंग 150 होती थी तो मीटर रीडर उसे गलती से या तकनीकी कारणों से 250 या और कुछ दर्ज कर लेता था। अगले महीने में जब दोगुना से अधिक बिल आती थी तो उपभोक्ता परेशान होते थे और अफसरों के पास धांधली की शिकायत जाती थी। ऐसी की शिकायतों को देखते हुए अब मीटर रीडिंग की नई व्यवस्था बनाई गई है। विद्युत मीटर रीडिंग के बदलापुर के सुपरवाइजर संदीप कुमार मिश्रा का कहना है नई व्यवस्था के तहत अब मीटर रीडर उपभोक्ता के घर जाएंगे और प्रॉब वायर को मीटर के यूएसबी से कनेक्ट कर मोबाइल से जोड़ देंगे। वायर को जोड़ते ही मोबाइल की स्क्रीन पर मीटर रीडिंग आ जाएगी जिसे प्रिंट कर उपभोक्ता को दे दिया जाएगा। इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी।
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बिजली बिल जमा करने के लिए उपभोक्ताओं को अब आसानी होगी। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित बिजली बिल सखी संस्था नाम की महिलाएं बिजली बिल वसूलेंगी। उपभोक्ताओं की सहूलियत को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में समूह द्वारा बिजली बिल भुगतान कराया जा रहा है। ब्लाक क्षेत्र की स्वयं सहायता समूह शाहपुर की उर्मीला चतुर्वेदी, कादरिया स्वयं सहायता समूह गोनौली की अशरुन्निशा तथा सिंह स्वयं सहायता समूह ऊदपुरगेल्हवा की संगीता सिंह विद्युत उप केंद्र बदलापुर से सम्बंधित उपभोक्ताओं से बिल वसूल रही हैं। टीम ग्रामीण अंचलों में डोर टू डोर जाकर बिजली बिल मीटर रीडिंग के अनुसार भुगतान बिल वसूल रही हैं। एनआरएलएम के ब्लाक कोआर्डिनेटर अनिल यादव और अनिल मौर्या ़ने बताया कि महिलाओं को बिल वसूलने के लिए मशीन भी उपलब्ध करा दी गई है।
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