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अब आपदा में भी शिक्षण कार्य के लिए तैयार किए जाएंगे शिक्षक
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कोरोना काल में प्रभावित हुई बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए अब शिक्षकों को आपदा में भी शिक्षण कार्य के लिए तैयार किया जाएगा। सेवारत शिक्षक और डीएलएड के प्रशिक्षु भी डिजिटल क्लास के हुनर सीखेंगे। इसके लिए डायट में 40 लाख की लागत से कंप्यूटर लैब तैयार किया जा रहा है। चालू सत्र से ही कंप्यूटर लैब में पढ़ाई शुरू करा दी जाएगी।
राज्य सरकार ने इसके लिए आवश्यक शिक्षक प्रशिक्षण प्रोग्राम के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण पर काम करने वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था ह्यूमाना पीपुल टू पीपुल इंडिया के साथ पांच साल का करार किया है। फिलहाल इसकी शुरुआत जौनपुर, मेरठ, प्रयागराज, झांसी, सिद्धार्थनगर समेत छह जिलों से की जा रही है। डायट में तैयार हो रहे लैब में कुल 50 कंप्यूटर लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। सभी कंप्यूटर हाईस्पीड इंटरनेट से जुड़ेंगे। इस लैब में सेवारत शिक्षकों और डीएलएड के प्रशिक्षु शिक्षकों को भी कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान, ऑनलाइन सेमिनार, ऑनलाइन क्लास समेत अन्य जरूरी जानकारी के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। डीएलएड प्रशिक्षुओं को एक से दूसरे डायट के डीएलएड प्रशिक्षुओं से ऑनलाइन इंटरकनेक्ट किया जाएगा। डीएलएड का सारा पाठ्यक्रम भी ऑनलाइन होगा। डीएलएड के छात्र कंप्यूटर या मोबाइल पर भी सारे पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर सकेंगे। ऑनलाइन सेमिनार और क्लास का तकनीकी ज्ञान हासिल करने के बाद शिक्षक आपदा की स्थिति में भी बच्चों को ऑनलाइन क्लास से जोड़ सकेंगे। जिससे बच्चों की आपदा में पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। ह्यूमाना के निदेशक मनोज कुमार सिंह का कहना है कि आवश्यक शिक्षक प्रशिक्षण प्रोग्राम के तहत एससीईआरटी से ह्यूमाना का पांच साल के लिए करार हुआ है। जौनपुर समेत प्रदेश के छह जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शिक्षकों को कंप्यूटर शिक्षा के लिए प्रशिक्षित करने की शुरुआत की जा रही है। इसके लिए डायट परिसर में जल्द ही कंप्यूटर लैब तैयार कर लिया जाएगा। प्राचार्य डायट नंदलाल यादव का कहना है कि डायट परिसर में बन रहे लैब में इसी सत्र से डीएलएड के छात्रों को कंप्यूटर शिक्षा देने का काम शुरू करा दिया जाएगा। समय-समय पर सेवारत शिक्षकों को यहां बुलाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए ह्यूमाना की ओर से ही मास्टर ट्रेनर उपलब्ध कराए जाएंगे।
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राज्य सरकार ने इसके लिए आवश्यक शिक्षक प्रशिक्षण प्रोग्राम के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण पर काम करने वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था ह्यूमाना पीपुल टू पीपुल इंडिया के साथ पांच साल का करार किया है। फिलहाल इसकी शुरुआत जौनपुर, मेरठ, प्रयागराज, झांसी, सिद्धार्थनगर समेत छह जिलों से की जा रही है। डायट में तैयार हो रहे लैब में कुल 50 कंप्यूटर लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। सभी कंप्यूटर हाईस्पीड इंटरनेट से जुड़ेंगे। इस लैब में सेवारत शिक्षकों और डीएलएड के प्रशिक्षु शिक्षकों को भी कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान, ऑनलाइन सेमिनार, ऑनलाइन क्लास समेत अन्य जरूरी जानकारी के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। डीएलएड प्रशिक्षुओं को एक से दूसरे डायट के डीएलएड प्रशिक्षुओं से ऑनलाइन इंटरकनेक्ट किया जाएगा। डीएलएड का सारा पाठ्यक्रम भी ऑनलाइन होगा। डीएलएड के छात्र कंप्यूटर या मोबाइल पर भी सारे पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर सकेंगे। ऑनलाइन सेमिनार और क्लास का तकनीकी ज्ञान हासिल करने के बाद शिक्षक आपदा की स्थिति में भी बच्चों को ऑनलाइन क्लास से जोड़ सकेंगे। जिससे बच्चों की आपदा में पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। ह्यूमाना के निदेशक मनोज कुमार सिंह का कहना है कि आवश्यक शिक्षक प्रशिक्षण प्रोग्राम के तहत एससीईआरटी से ह्यूमाना का पांच साल के लिए करार हुआ है। जौनपुर समेत प्रदेश के छह जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शिक्षकों को कंप्यूटर शिक्षा के लिए प्रशिक्षित करने की शुरुआत की जा रही है। इसके लिए डायट परिसर में जल्द ही कंप्यूटर लैब तैयार कर लिया जाएगा। प्राचार्य डायट नंदलाल यादव का कहना है कि डायट परिसर में बन रहे लैब में इसी सत्र से डीएलएड के छात्रों को कंप्यूटर शिक्षा देने का काम शुरू करा दिया जाएगा। समय-समय पर सेवारत शिक्षकों को यहां बुलाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए ह्यूमाना की ओर से ही मास्टर ट्रेनर उपलब्ध कराए जाएंगे।
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