फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   I can't take it anymore, forgive me... After writing, the branch manager shot me in the chest with a gun.

Jaunpur News: अब मैं झेल नहीं पा रहा, मुझे माफ करना... लिखने के बाद शाखा प्रबंधक ने तमंचे से सीने में मार ली थी गोली

Fri, 25 Sep 2026 11:53 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2026 11:53 PM IST
विज्ञापन
I can't take it anymore, forgive me... After writing, the branch manager shot me in the chest with a gun.
बक्शा थाने पुलिस से घटना की जानकारी लेटे हुए परिजन। संवाद
बक्शा (जौनपुर)। थाने से सिर्फ पांच सौ मीटर दूर हाईवे पर प्रभु ढाबा के पास बृहस्पतिवार की रात में सुजानगंज स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की सराय पड़री शाखा के प्रबंधक दुर्गेश श्रीवास्तव (40) ने 315 बोर के तमंचे से सीने में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। शुक्रवार को मामले में थानाध्यक्ष प्रशांत सिंह ने टाटा सिएरा कार से मिले सुसाइड नोट में लिखी बातों को पढ़कर परिजनों को सुनाया। सुसाइड नोट में लिखा था कि मैं परिवार का दोषी हूं, मुझे माफ कर देना, अब मैं झेल नहीं पा रहा हूं। परिवार को बहुत दुख होगा, लेकिन माफ करना...। जरूरी नंबर और कोड भी लिखा था। जिसे जरूरत पड़ने पर उपयोग करने की भी बात लिखकर अंग्रेजी में शाखा प्रबंधक ने हस्ताक्षर किया था।
विज्ञापन

मूलरूप से लखनऊ के किरन इन्क्लेव कुर्सी रोड टेढ़ी पुलिया थाना गुंडवा निवासी दुर्गेश श्रीवास्तव अपनी पत्नी रचना श्रीवास्तव और दो बेटियों के साथ जौनपुर के भूपतपट्टी नई कॉलोनी में रहते थे। वह हर दिन की तरह अपनी कार से सुबह बैंक गए थे। रात में लगभग 11 बजे वह लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर थाने के पास अपने सीने में बाई तरफ गोली मारकर आत्महत्या कर लिए। पेट्रोलिंग करने निकले एनएचएआई के कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पहुंची पुलिस ने ईंट से कार का शीशा तोड़कर शाखा प्रबंधक को निकाला। पुलिस ने बताया कि उस समय सांसें चल रहीं थीं। इसके बाद पुलिस उनको तुरंत नवपेड़वा सीएचसी लेकर गई। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन

वहीं, मृतक की पत्नी रचना ने पुलिस को बताया कि दिन में एक बार मेरी बात हुई थी। उस दौरान वे बहुत तनाव में लग रहे थे। पुलिस की पूछताछ में पत्नी ने बताया कि पति का लिवर खराब हो गया था। इलाज में बहुत रुपये खर्च हो गए थे। लखनऊ इलाज के लिए भी वे गए थे। जब वह कभी पूछती थी तो वे कहते कि तुम ज्यादा पूछताछ करोगी तो तुम भी परेशान हो जाओगी। किसी दिन मैं सुसाइड कर लूंगा। घटना के दिन वो कुछ ज्यादा बेचैन थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कार और सीट पर खून देख रो पड़ा परिवार
शुक्रवार की दोपहर रचना के साथ थाने पहुंची मृतक दुर्गेश की दो बहनें और बेटियां कार और सीट पर फैले खून को देख दहाड़ें मारकर चीखने लगी। थानाध्यक्ष ने मृतक की पत्नी और परिजनों से पूछताछ की गई। पत्नी ने बताया कि वो टिफिन भी नहीं किए थे। जबकि फोन करके बोलीं थी खाना खा लें। सब ठीक हो जाएगा।
शाम 4 :30 बजे ही बैंक से निकल गए थे शाखा प्रबंधक
पुलिस ने बताया कि बैंक के कर्मचारियों के अनुसार वे बृहस्पतिवार की शाम को 4 : 30 बजे ही बैंक से निकल गए थे। जबकि हर दिन वे 5 :30 बजे निकलते थे। बैंक शाखा में तैनात एक अधिकारी से उन्होंने कहा था कि आप लोग बैंक बंद करके चले जाना। हालांकि, शाम करीब साढ़े छह बजे बैंक से फोन किया गया कि वे आएंगे या बैंक बंद कर दिया जाए। इस पर उन्होंने कहा कि बैंक बंद कर दीजिए। इसके बाद वे हाईवे पर तेज गति से गाड़ी चलाते देखे गए थे। इस पर भी बैंक के एक कर्मचारी ने फोन करके पूछा था सर, कोई बात है क्या। इस पर उन्होंने कहा कुछ नहीं आप जाओ। इसके कुछ घंटे बाद ही यह घटना हुई।
गत वर्ष सर्वश्रेष्ठ कार्य के लिए हुए थे सम्मानित
शाखा प्रबंधक दुर्गेश श्रीवास्तव के आत्महत्या करने से बैंक अधिकारी और कर्मचारी हैरान हैं। एलडीएम कुमार हर्षमान ने बताया कि दुर्गेश अच्छे शाखा प्रबंधकों में से एक थे। बीते सत्र में मुख्यमंत्री युवा उद्यम योजना के तहत ऋण वितरण में उन्होंने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। इसके लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया था।


दूसरे शाखा के कर्मचारियों ने संभाला कामकाजशाखा प्रबंधक दुर्गेश श्रीवास्तव की मौत के बाद शुक्रवार को बैंक शाखा का कामकाज आसपास की शाखाओं के कर्मचारियों ने संभाला। शाखा के सभी कर्मचारी शोक संवेदना व्यक्त करने जिला मुख्यालय गए थे। यूबीआई महराजगंज शाखा के प्रबंधक अमित प्रकाश ने बताया कि उनकी शाखा की उप प्रबंधक शुभ्रा डे को सरायपंडरी शाखा भेजा गया था। वहीं, राजा बाजार शाखा के प्रबंधक राजवीर ने बताया कि उनकी शाखा के लिपिक प्रेरित को भी सरायपंडरी भेजा गया था। शाखा का जनरेटर खराब होने के कारण दोपहर करीब एक बजे के बाद ही बैंक में लेनदेन शुरू हो सका।

गोली सीने को पार कर पीठ से निकली, कार की सीट में धंसी

पुलिस ने बताया कि शाखा प्रबंधक दुर्गेश श्रीवास्तव के सीने में बाईं ओर लगी गोली शरीर को आर-पार करते हुए पीठ की तरफ से निकल गई। जो कार की सीट में जाकर धंसी। शुक्रवार को जिला अस्पताल में शव का एक्स-रे कराया गया। पुलिस घटना में इस्तेमाल तमंचे और गोली की दिशा सहित अन्य बिंदुओं की जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article