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अब मकान बनाना नहीं रहा आसान
jaunpur
Updated Mon, 17 Apr 2017 12:53 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अवैध खनन पर सख्ती के चलते निर्माण सामग्रियों की कीमत आसमान छूने लगी है। बालू, पटिया, गिट्टी, सरिया की कीमतों में बढ़ोत्तरी के चलते मकान बनवाना महंगा हो गया है। महंगाई के चलते कई लोगों ने मकान का निर्माण रोक दिया है।
पिछले एक महीने के अंतारल में निर्माण सामग्रियों की कीमतों में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी हुई है। मोरंग बालू जो 4000 रुपये में एक ट्राली मिलती थी उसकी कीमत अब सीधे आठ हजार हो गई है। बालू के कारोबारी रामजमणी सिंह का कहना है कि ट्रक चालक जब माल को ओवरलोड कर के लाते थे तो भी उन्हें चुंगी, डीजल आदि का खर्च उतना ही देना होता था लेकिन अब ओवरलोड ट्रक नहीं आ रहे हैं। जिससे खर्च बढ़ गया और रेट दूना हो गया है। गिट्टी का रेट फरवरी महीने तक 5500 रुपये प्रति ट्राली था लेकिन अब वही गिट्टी 7500 रुपये ट्राली मिल रही है।
तीन फीट की पटिया का रेट पहले 90 रुपये था जो अब 110 रुपये हो गया है। 4 फीट लंबी पटिया का रेट 135 रुपये से बढ़कर 165 रुपये हो गया है। हालांकि ईंट का रेट कम हुआ है। पहले ईंट 13000 रुपये में दो हजार मिलता था जो अब 11000 रुपये में ही मिल जा रहा है।
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महंगाई के चलते कई लोगों ने मकान का निर्माण रोक दिया है। बक्शा के रामसागर बिंद कहते हैं कि मकान निर्माण के लिए ईंट तो पहले ही खरीद लिया था। बसंत पंचमी के दिन से मकान का निर्माण शुरू कराया था। जैसे जैसे सामग्री की आवश्यकता होती थी वैसे वैसे बाजार से लाते थे।
धनियामऊ के अमरनाथ यादव का भी कहना है कि दो कमरे का मकान बनवा रहा था। बुनियांद पूरी हो चुकी थी लेकिन अब सामग्री की कीमत बढ़ने के चलते काम रोकना पड़ गया।
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पिछले एक महीने के अंतारल में निर्माण सामग्रियों की कीमतों में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी हुई है। मोरंग बालू जो 4000 रुपये में एक ट्राली मिलती थी उसकी कीमत अब सीधे आठ हजार हो गई है। बालू के कारोबारी रामजमणी सिंह का कहना है कि ट्रक चालक जब माल को ओवरलोड कर के लाते थे तो भी उन्हें चुंगी, डीजल आदि का खर्च उतना ही देना होता था लेकिन अब ओवरलोड ट्रक नहीं आ रहे हैं। जिससे खर्च बढ़ गया और रेट दूना हो गया है। गिट्टी का रेट फरवरी महीने तक 5500 रुपये प्रति ट्राली था लेकिन अब वही गिट्टी 7500 रुपये ट्राली मिल रही है।
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तीन फीट की पटिया का रेट पहले 90 रुपये था जो अब 110 रुपये हो गया है। 4 फीट लंबी पटिया का रेट 135 रुपये से बढ़कर 165 रुपये हो गया है। हालांकि ईंट का रेट कम हुआ है। पहले ईंट 13000 रुपये में दो हजार मिलता था जो अब 11000 रुपये में ही मिल जा रहा है।
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महंगाई के चलते कई लोगों ने मकान का निर्माण रोक दिया है। बक्शा के रामसागर बिंद कहते हैं कि मकान निर्माण के लिए ईंट तो पहले ही खरीद लिया था। बसंत पंचमी के दिन से मकान का निर्माण शुरू कराया था। जैसे जैसे सामग्री की आवश्यकता होती थी वैसे वैसे बाजार से लाते थे।
धनियामऊ के अमरनाथ यादव का भी कहना है कि दो कमरे का मकान बनवा रहा था। बुनियांद पूरी हो चुकी थी लेकिन अब सामग्री की कीमत बढ़ने के चलते काम रोकना पड़ गया।