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ग्रेपलिंग कुश्ती: जौनपुर की बेटी नम्रता ने रूस में जीता कांस्य, रोचक मुकाबले में हार कर भी जीता दिल, सभी दे रहे बधाई
Fri, 20 May 2022 10:58 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जौनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, जौनपुर
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 20 May 2022 10:58 AM IST
सार
जौनपुर जिले की बेटी व ग्रेपलिंग कुश्ती की खिलाड़ी नम्रता यादव ने रूस में सेमीफाइनल तक सफर तय किया। हालांकि वह 53 किलो भार वर्ग में पोलैंड की खिलाड़ी से रोचक मुकाबले में हार गई, लेकिन कांस्य पदक जीतकर लोगों का दिल जीत लिया है।
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ग्रेपलिंग कुश्ती की खिलाड़ी नम्रता यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जौनपुर जिले की बेटी व ग्रेपलिंग कुश्ती की खिलाड़ी नम्रता यादव ने रूस में सेमीफाइनल तक सफर तय किया। हालांकि वह 53 किलो भार वर्ग में पोलैंड की खिलाड़ी से रोचक मुकाबले में हार गई, लेकिन कांस्य पदक जीतकर लोगों का दिल जीत लिया है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव विवेक रंजन यादव सहित हर कोई उसे बधाई दे रहा है।
नम्रता के कोच मनोज यादव ने अमर उजाला को फोन कर इसकी जानकारी दी। साथ ही आभार भी जताया। नम्रता के सामने इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए धनाभाव का संकट था, जिसकी जानकारी होने पर अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की, जिससे अगले ही दिन नम्रता यादव की आर्थिक मदद के लिए कई लोग सामने आ गए और बेटी प्रतियोगिता में शामिल हो सकी।
नम्रता के कोच व सराययूसुफ निवासी मनोज यादव बताते हैं कि नम्रता यादव (22) मूल रूप से खुटहन ब्लॉक के तियरा गांव की निवासी है, उनके पिता अमरनाथ यादव की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी। साढ़े तीन साल की उम्र में ही मां अनीता के साथ ननिहाल मछलीशहर के बरईपार स्थित नेवढ़िया गांव में रह रही है।
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पढ़ेंः रूस में खेलने के लिए जौनपुर की बेटी के सामने धनाभाव नहीं बनेगा रोड़ा, मदद के लिए आगे आए लोग
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नम्रता के कोच मनोज यादव ने अमर उजाला को फोन कर इसकी जानकारी दी। साथ ही आभार भी जताया। नम्रता के सामने इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए धनाभाव का संकट था, जिसकी जानकारी होने पर अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की, जिससे अगले ही दिन नम्रता यादव की आर्थिक मदद के लिए कई लोग सामने आ गए और बेटी प्रतियोगिता में शामिल हो सकी।
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नम्रता के कोच व सराययूसुफ निवासी मनोज यादव बताते हैं कि नम्रता यादव (22) मूल रूप से खुटहन ब्लॉक के तियरा गांव की निवासी है, उनके पिता अमरनाथ यादव की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी। साढ़े तीन साल की उम्र में ही मां अनीता के साथ ननिहाल मछलीशहर के बरईपार स्थित नेवढ़िया गांव में रह रही है।
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पढ़ाई में मेधावी इस समय एमए कर रही है। साल 2017 में स्नातक करने के दौरान नम्रता उनसे ग्रेपलिंग कुश्ती सीखने लगी। उसने वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की ओर से लगातार चार बार स्वर्ण पदक जीते। इसमें दो पदक उत्तराखंड, एक नई दिल्ली और एक रोहतक में मिला था। इसके बाद उत्तर प्रदेश की टीम में चयन हो गया और अक्तूबर 2021 में नई दिल्ली में हुई प्रतियोगिता में उसने हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल के खिलाड़ियों को चित कर स्वर्ण पदक हासिल किया था।