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खबर का असर: रूस में खेलने के लिए जौनपुर की बेटी के सामने धनाभाव नहीं बनेगा रोड़ा, मदद के लिए आगे आए लोग

Thu, 28 Apr 2022 12:39 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 28 Apr 2022 12:39 PM IST
सार

खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव के गृह जनपद में ग्रेपलिंग कुश्ती की खिलाड़ी नम्रता यादव को रूस में भारत की तरफ से खेलने का मौका मिला है। परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। अमर उजाला में खबर छपने के बाद कई लोग नम्रता की मदद को आगे आए हैं। 

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There will be no hurdle in front of Jaunpur daughter grappling wrestling player to play in Russia  people came forward to help
ग्रेपलिंग कुश्ती की खिलाड़ी नम्रता यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जौनपुर की बेटी व ग्रेपलिंग कुश्ती की खिलाड़ी नम्रता यादव के सामने धनाभाव का संकट खत्म होता दिख रहा है। अमर उजाला में छपी खबर के बाद  नम्रता यादव की आर्थिक मदद के लिए कई लोग सामने आए हैं। गुरुवार सुबह अमर उजाला में छपी खबर के बाद कई लोग नम्रता के घर पहुंचे अपने हिसाब से आर्थिक मदद कर हौसला बढ़ाया।

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मछलीशहर विधायक डा. रागिनी सोनकर ने भी नम्रता से फोन पर बात की। उन्होंने डीएम से बातचीत कर मदद का भरोसा दिया। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर भी अमर उजाला अखबार की कटिंग शेयर करते हुए लोगों ने खबर की सराहना करते हुए नम्रता की मदद की अपील की।
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53 किलोभार वर्ग में भारत से इकलौती खिलाड़ी नम्रता

बता दें कि खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव के गृह जनपद में ग्रेपलिंग कुश्ती की खिलाड़ी नम्रता यादव को रूस में आयोजित प्रतियोगिता में भारत की तरफ से खेलने का मौका मिला है, लेकिन 53 किलोभार वर्ग में भारत से इकलौती खिलाड़ी धन संकट की वजह से अभ्यास में अपना ध्यान नहीं लगा पा रही है।

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बचपन से ही संघर्ष कर रही नम्रता

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अभ्यास करती नम्रता - फोटो : अमर उजाला

बचपन से ही संघर्ष कर रही नम्रता पढ़ाई में भी अच्छी है। नम्रता के कोच व सराययूसुफ निवासी मनोज यादव बताते हैं कि नम्रता यादव (22) मूल रूप से खुटहन ब्लॉक के तियरा गांव की निवासी है, उनके पिता अमरनाथ यादव की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी। साढ़े तीन साल की उम्र में ही मां अनीता के साथ ननिहाल मछलीशहर के बरईपार स्थित नेवढ़िया गांव आ गई।

बाद में मां अपने घर चली गईं, लेकिन उसने मामा बृजेश आदि ने नम्रता को यहीं रोक लिया। नम्रता ने हाईस्कूल, इंटर के बाद शिव गोविंद महाविद्यालय से स्नातक किया। वह हमेशा 60 प्रतिशत से अधिक अंक से पास हुई और इस समय एमए कर कर रही है।

कोच मनोज कुमार बताते हैं कि साल 2017 में स्नातक करने के दौरान नम्रता उनसे मिली और ग्रेपलिंग कुश्ती सीखने की बात कही तो उन्होंने बताया कि यह थकाऊ गेम है, लेकिन नम्रता ने अनुरोध किया तो वो उसे सिखाने लगे। 6 माह के अंदर ही नम्रता पढ़ाई की तरह इस खेल में भी प्रथम आने लगी। 

पूर्वांचल विश्वविद्यालय की टीम से लगातार चार बार स्वर्ण पदक जीती

इसके बाद नम्रता को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की टीम में शामिल होने का मौका मिल गया, जिससे वह लगातार चार बार स्वर्ण पदक जीती। इसमें दो स्वर्ण पदक उत्तराखंड, एक नई दिल्ली और एक रोहतक में मिला था। इसके बाद उत्तर प्रदेश की टीम से उसका चयन हो गया और 20 अक्तूबर 2021 को नई दिल्ली में खेलने का मौका मिला।

प्रतियोगिता में उसने हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल, तमिलनाडु राज्यों से आए खिलाड़ियों को चित कर स्वर्ण पदक हासिल किया। अब नम्रता का चयन रूस में 19 से 23 मई तक होने वाली प्रतियोगिता के लिए भारत से हो गया। इसमें भारत से विभिन्न भार वर्ग के 15 खिलाड़ी शामिल होंगे, जिसमें 53 किलोभार वर्ग में नम्रता इकलौती है।

इस प्रतियोगिता में दुनिया के 74 देश के खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। रूस में रहने और खाने के नाम पर प्रत्येक दिन 15 हजार रुपये के हिसाब से खर्च होगा। यानी उसे कम से कम डेढ़ लाख रुपये की जरूरत पड़ेगी। 

17 मई को है दिल्ली से फ्लाइट

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अभ्यास करती नम्रता यादव - फोटो : अमर उजाला

नम्रता के कोच मनोज यादव ने बताया कि नम्रता को रूस भेजने के लिए वे हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। परिवार की आर्थिक हालत ठीक न होने के बाद भी उसका छोटा भाई ऋतिक, जो स्नातक द्वितीय वर्ष का छात्र है, ने अपने दोस्तों से मिलकर 30 हजार रुपये एकत्र किए थे, जिससे फ्लाइट टिकट और वीजा तैयार हुआ है। मैं खुद नम्रता को दस हजार रुपये की मदद कर रहा हूं और लोगों से इसके लिए मदद मांग रहा हूं। 

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