जौनपुर। सरजू प्रसाद शैक्षिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था बाल कल्याण समिति के कार्यालय पर रविवार को अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर बैठक आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता करते हुए श्रम प्रवर्तन अधिकारी मान सिंह ने कहा कि जागरूकता से बाल श्रम को समाप्त किया जा सकता है। बताया कि वर्ष 2016 में एक ऐसे कानून में सरकार ने संशोधन कर दिया कि बाल श्रम प्रथा पर बड़ी चोट हुई, जिसमें सरकार ने निर्णय लिया कि 14 साल के नीचे का कोई बच्चा किसी भी कार्य में नियोजित नहीं होगा। पारिवारिक व्यवसाय में भी बच्चे को नहीं लगाया जा सकता है । किसी कारखाने में 14 साल से नीचे का बच्चा कार्य पर नहीं लगाया जा सकता है। ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित फर्म, दुकान, दंड प्रक्रिया संहिता के तहत 20 हजार की पेनल्टी और जेल जाना तय है।
मुख्य अतिथि जिला प्रोबेशन अधिकारी अभय कुमार ने कहा कि संविधान में बच्चों को मौलिक अधिकार प्राप्त है। उसके शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और पुनर्वास प्रदान किया जाए। कहा कि बाल श्रम अब घट रहा है। इस अवसर पर डॉ. दिलीप सिंह, आनंद प्रेम धन, बाल संरक्षण अधिकारी चंदन राय, प्रमोद कुमार प्रजापति, सुभाष सरोज, गिरीश श्रीवास्तव,अमरेश पांडेय, अनिरुद्ध कुमार आदि मौजूद रहे। अंत में कार्यक्रम आयोजक संजय उपाध्याय संस्था सचिव व पूर्व अध्यक्ष चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की ओर से बाल श्रम के खिलाफ सभी को शपथ दिलाया गया।