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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप बनाएं पाठ्यक्रम : कुलपति
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति सभागार में बृहस्पतिवार को अध्ययन परिषद के संयोजकों की बैठक हुई। इसमें कुलपति प्रो. निर्मला एस.मौर्य ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति की गाइड लाइन का ठीक से अध्ययन करने के बाद ही पाठ्यक्रम तैयार किए जायं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति - 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम बनाए जाने चाहिए। ताकि विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।
बैठक कुलपति प्रो. निर्मला एस मौय की अध्यक्षता में हुई। इसमें कुलपति ने कहा कि पाठ्यक्रम बनाते समय संदर्भित बुक का भी जिक्र करना जरूरी है। प्रथम सेमेस्टर के एक पेपर के एक यूनिट में किसी महापुरुष, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और किसी भी वैज्ञानिक को भी शामिल करें। पाठ्यक्रम बनाते समय इलेक्टिव पेपर का भी ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने 20 मई तक पाठ्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शोध परीक्षा से संबंधित सभी प्रक्रिया राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आलोक में ही पूरी की जाएगी। इस संबंध में अध्ययन परिषद के सदस्यों की शंका का समाधान प्रो. मानस पांडेय ने किया। कुलसचिव महेंद्र कुमार और सहायक कुलसचिव बबिता सिंह ने पाठ्यक्रम निर्माण के संदर्भ में दिए गये दिशा निर्देशों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह, सहायक कुलसचिव अमृतलाल, प्रो. बीबी तिवारी, प्रो. एके श्रीवास्तव, प्रो. अजय प्रताप सिंह, डॉ.संदीप सिंह, डॉ.प्रदीप कुमार, डॉ. संजीव गंगवार, डॉ. सौरभ पाल, डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह, डॉ शशि सिंह, डॉ. अमरेश कुमार, डॉ. राजेश कुमार पाल, डॉ. नरेंद्र कुमार, डॉ वंदना दुबे, डॉ. गीता यादव, डॉ माया सिंह आदि मौजूद रहे।
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बैठक कुलपति प्रो. निर्मला एस मौय की अध्यक्षता में हुई। इसमें कुलपति ने कहा कि पाठ्यक्रम बनाते समय संदर्भित बुक का भी जिक्र करना जरूरी है। प्रथम सेमेस्टर के एक पेपर के एक यूनिट में किसी महापुरुष, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और किसी भी वैज्ञानिक को भी शामिल करें। पाठ्यक्रम बनाते समय इलेक्टिव पेपर का भी ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने 20 मई तक पाठ्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शोध परीक्षा से संबंधित सभी प्रक्रिया राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आलोक में ही पूरी की जाएगी। इस संबंध में अध्ययन परिषद के सदस्यों की शंका का समाधान प्रो. मानस पांडेय ने किया। कुलसचिव महेंद्र कुमार और सहायक कुलसचिव बबिता सिंह ने पाठ्यक्रम निर्माण के संदर्भ में दिए गये दिशा निर्देशों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह, सहायक कुलसचिव अमृतलाल, प्रो. बीबी तिवारी, प्रो. एके श्रीवास्तव, प्रो. अजय प्रताप सिंह, डॉ.संदीप सिंह, डॉ.प्रदीप कुमार, डॉ. संजीव गंगवार, डॉ. सौरभ पाल, डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह, डॉ शशि सिंह, डॉ. अमरेश कुमार, डॉ. राजेश कुमार पाल, डॉ. नरेंद्र कुमार, डॉ वंदना दुबे, डॉ. गीता यादव, डॉ माया सिंह आदि मौजूद रहे।
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