हाईकोर्ट : नदी में डूबने से मौत होने पर फेफड़ों में पानी मिलना जरूरी नहीं, आरोपी सास-ससुर को मिली जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि नदी में डूबने से मौत होने पर फेफड़ों में पानी मिलना जरूरी नहीं है। कुछ मामलों में डूबने पर पानी के गले में प्रवेश करते ही दबाव से श्वास नली बंद हो जाती है और दम घुटने से व्यक्ति की मौत हो सकती है।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि नदी में डूबने से मौत होने पर फेफड़ों में पानी मिलना जरूरी नहीं है। कुछ मामलों में डूबने पर पानी के गले में प्रवेश करते ही दबाव से श्वास नली बंद हो जाती है और दम घुटने से व्यक्ति की मौत हो सकती है। इसे शुष्क डूबना कहा जाता है। यह टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने दहेज हत्या में सास-ससुर को जमानत दे दी। यह आदे न्यायमूर्ति अरुन कुमार सिंह देशवाल की एकलपीठ ने दिया है।
मामला जौनपुर के जफराबाद थाने में दर्ज प्राथमिकी से है। इसमें मृतका के सास-ससुर लालजी मौर्य और जड़वती देवी आरोपी हैं। दोनों ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। उनके खिलाफ दहेज हत्या अन्य आरोप में प्राथमिकी दी है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कहा कि महिला ने नदी में छलांग लगाई थी। घटना स्थल के पास पुलिस चौकी पर लगे सीसीटीवी कैमरे में वह नदी की ओर जाती और फिर नदी में छलांग लगाती दिखाई दी। उसका पति भी मौके पर पहुंचा और उसे बचाने का प्रयास किया था। वहीं विपक्षी की ओर से कहा गया कि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों को फेफड़ों में पानी नहीं मिला था। मौत का कारण दम घुटना है।
कोर्ट ने मेडिकल ज्यूरिसप्रूडेंस की कई पुस्तकों का अध्ययन किया। इनमें बताया गया है कि शुष्क डूबने में पानी फेफड़ों में नहीं जाता। पानी नाक या गले तक पहुंचने से गले में ऐंठन हो सकती है। इससे दम घुटने के कारण मौत हो सकती है। कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को देखते हुए दोनों को जमानत दे दी।
मामले में दो पुलिसकर्मी घटना के प्रत्यक्षदर्शी थे, लेकिन विवेचक के कहने के बावजूद उन्होंने अपने बयान दर्ज नहीं कराए। हाईकोर्ट ने इसे विवेचना में लापरवाही और असहयोग माना। कोर्ट ने जौनपुर के एसपी को भर्ती आरक्षी शेषनाथ यादव और जिला कमांडेंट होमगार्ड को होमगार्ड रमेश कुमार यादव के खिलाफ विभागीय जांच कराने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने कहा यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों को शुष्क डूबने की घटना के बारे में पता नहीं है।