जौनपुर। यूनाइडेट फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर दो जनपद की 10 बैंकों की 177 शाखाओं पर बृहस्पतिवार को ताला लटका रहा। यूबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय सिपाह के सामने सभी बैंकों के अधिकारी-कर्मचारियों ने नारेबाजी की। इस दौरान बैंकों के निजीकरण के प्रस्तावित बैंकिंग कानून संशोधन बिल 2021 का विरोध किया गया।
यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष एसएन जायसवाल के मुताबिक, इस दौरान 150 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। हालांकि लोगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए बैंकों ने अपने 170 एटीएम को कैशफुल कर दिया था, जिससे पहले दिन ज्यादा लोगों को परेशानी नहीं हुई। लेकिन शुक्रवार को भी हड़ताल जारी होने के कारण दिक्कतों का सामना करना लगभग तय है, क्योंकि हर एटीएम में 15 से 20 लाख रुपये औसतन दो दिन पहले डाले गए थे, जिनके कैश खत्म हो जाएंगे। आरपी सिंह ने कहा कि बैंकों के निजीकरण के प्रभाव में बैंककर्मियों के साथ-साथ ग्राहक भी आएंगे। इससे उन्हें भी दुष्परिणाम देखने को मिलेंगे। यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के अध्यक्ष ने कहा कि बैंकों के निजीकरण से कई प्रकार की दुष्परिणाम सामने आएंगे।