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इनसे सीखिए..., लॉकडाउन में रोजगार ठप हुआ तो मायूस नहीं हुए, ढूंढ ली जीने की राह
Thu, 07 May 2020 08:35 AM IST
विचित्र सिंह
जौनपुर / अमर उजाला
जौनपुर / अमर उजाला
Published by: विचित्र सिंह
Updated Thu, 07 May 2020 08:35 AM IST
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प्रमोद अब सब्जी बेचकर पाल रहे परिवार।
- फोटो : अमर उजाला
मुश्किलें तो हर सफर का हुस्न हैं, फिर कैसे कोई राह चलना छोड़ दे... जिंदगी के इसी फलसफे के साथ जौनपुर के कई परिवारों ने लॉकडाउन के साथ जीने की राह ढूंढ ली है। कोरोना के कहर ने उनका रोजगार छीना तो हार मानकर घर बैठने की बजाए उन्होंने नई शुरुआत की। जो पहले चाट-पकौड़ी बेचते थे, वह अब फल-सब्जी बेच रहे हैं।
शहर के परमानतपुर निवासी प्रमोद गुप्ता पहले ओलंदगंज में चाट बेचते थे। रोजाना शाम को उनका ठेला लगता था। इस रोजगार से वह अच्छी कमाई कर लेते थे। लॉक डाउन हुआ तो उनके रोजगार पर भी ताला लग गया। शुरुआत में कुछ दिनों तक तो वह घर बैठे रहे, मगर जब लॉकडाउन के लंबा चलने के आसार दिखे तो रोजगार बदल दिया।
अब वह सब्जी लेकर मोहल्लों में घूम रहे हैं। घर-घर जाकर इसकी बिक्री कर रही हैं। जरुरी सेवाओं में होने के कारण उन्हें छूट भी मिल रही है। इसी मोहल्ले के मनोज मद्धेशिया, नखड़ू भी पहले ठेले पर चाट लगाते थे। उन्होंने भी अब सब्जी बेचना शुरू कर दिया है। इसके जरिए वह पहले जैसी आमदनी तो नहीं कर रहे, लेकिन जीविकोपार्जन के लिए पैसा मिल जा रहा है। कालीकुत्ती निवासी प्रमोद निषाद भी पेंटिंग छोड़कर फल-सब्जी बेच रहे हैं। पवन साहू की जनरल स्टोर की दुकान है। लॉकडाउन के कारण दुकान बंद है तो वह अखबार बेचकर आमदनी कर रहे हैं।
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शहर के परमानतपुर निवासी प्रमोद गुप्ता पहले ओलंदगंज में चाट बेचते थे। रोजाना शाम को उनका ठेला लगता था। इस रोजगार से वह अच्छी कमाई कर लेते थे। लॉक डाउन हुआ तो उनके रोजगार पर भी ताला लग गया। शुरुआत में कुछ दिनों तक तो वह घर बैठे रहे, मगर जब लॉकडाउन के लंबा चलने के आसार दिखे तो रोजगार बदल दिया।
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अब वह सब्जी लेकर मोहल्लों में घूम रहे हैं। घर-घर जाकर इसकी बिक्री कर रही हैं। जरुरी सेवाओं में होने के कारण उन्हें छूट भी मिल रही है। इसी मोहल्ले के मनोज मद्धेशिया, नखड़ू भी पहले ठेले पर चाट लगाते थे। उन्होंने भी अब सब्जी बेचना शुरू कर दिया है। इसके जरिए वह पहले जैसी आमदनी तो नहीं कर रहे, लेकिन जीविकोपार्जन के लिए पैसा मिल जा रहा है। कालीकुत्ती निवासी प्रमोद निषाद भी पेंटिंग छोड़कर फल-सब्जी बेच रहे हैं। पवन साहू की जनरल स्टोर की दुकान है। लॉकडाउन के कारण दुकान बंद है तो वह अखबार बेचकर आमदनी कर रहे हैं।
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