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जौनपुुर: हत्या के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट ग्रामीणों ने थाना घेरा, अंदर घुसने की कोशिश पर हुई नोकझोंक
Fri, 11 Sep 2020 12:43 PM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Fri, 11 Sep 2020 12:43 PM IST
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प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
जौनपुर जिले के अदारी गांव में करीब दो माह पहले मासूम राजनंदिनी (5) की गला घोंटकर हत्या के मामले में पुलिसिया कार्यप्रणाली से असंतुष्ट परिजनों और ग्रामीणों ने शुक्रवार को नेवढ़िया थाना घेर लिया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे महिलाओं-पुरुषों ने पुलिस पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया।
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पुलिस के खिलाफ जमकर नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों के हुजूम ने थाने में घुसने की कोशिश की। इसे लेकर पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। करीब एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा। ग्रामीण मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों से मिलीभगत करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
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दरअसल, नेवढ़िया के अदारी गांव निवासी मदनलाल गुप्ता की पुत्री राजनंदिनी 16 जुलाई की शाम घर के पास खेलते समय लापता हो गई थी। दो दिन बाद उसकी लाश घर के समीप नाले से बरामद हुई। शव को नाले में ठूंसा गया था। पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई। परिजनों ने पड़ोस के ही एक व्यक्ति पर हत्या का शक जताते हुए केस दर्ज कराया था।
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परिजनों का कहना है कि कुछ दिनों तक पुलिस ने आरोपी को थाने पर बैठाया रखा, फिर कोई ठोस साक्ष्य का अभाव बताते हुए उसे छोड़ दिया। पिछले दिनों बालिका के बड़े पिता को ही हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बड़ा पिता मासूम की हत्या क्यों करेगा, इसका कोई ठोस कारण भी पुलिस नहीं बता पाई है। परिजनों ने दावा किया कि गिरफ्तार किया गया बड़ा पिता निर्दोष है।
पुलिस वास्तविक अपराधी को बचाने की कोशिश कर रही है। निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर शुक्रवार की सुबह साढ़े 10 बजे सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण नेवढ़िया थाना पहुंचे और थाना घेरकर नारेबाजी करने लगे। ग्रामीणों ने थाना में घुसने की कोशिश तो पुलिस से नोंकझोंक शुरू हो गई। किसी तरह स्थिति को नियंत्रित करते हुए पुलिस ने परिजनों के साथ कुछ ग्रामीणों को वार्ता के लिए अंदर आने की अनुमति दी।
एसओ संजय सिंह ने आश्वस्त किया कि उच्चाधिकारियों से निर्देश लेकर मामले की फिर से जांच कराई जाएगी। दोपहर 12 बजे तक ग्रामीण थाने पर ही डटे रहे।