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इजरी से खेतासराय तक होगी जौनपुर विकास प्राधिकरण की सीमा
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जौनपुर विकास प्राधिकरण के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। डीएम के निर्देश पर नियोजन विभाग ने इसका प्रारूप तैयार किया है। प्राधिकरण में शहर समेत आसपास के 479 गांव शामिल होंगे। इसकी कुल आबादी 5.39 लाख से अधिक होगी। खास बात यह कि विकास प्राधिकरण के लिए निर्धारित शर्तों को भी जौनपुर ने पूरा कर लिया है। मानचित्र के साथ इसका विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही प्राधिकरण के गठन को मंजूरी मिल सकती है।
छह सौ साल पुराने शहर के सुनियोजित विकास के लिए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कार्यभार संभालने के साथ ही यहां विकास प्राधिकरण के गठन की पहल की थी। इसके लिए नियोजन विभाग को प्रारूप तैयार करने का निर्देश था। मार्च में हुई जिला स्तरीय समिति की बैठक में इस पर सहमति प्रदान करते हुए विकास प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने का निर्णय लिया गया था। उच्चाधिकारियों के निर्देशन में नियोजन विभाग ने अब यह प्रस्ताव तैयार कर लिया है। शासन के विभिन्न मापदंडों पर संसाधनों को पूरा करते हुए तैयार प्रस्ताव में जौनपुर के विकास की असीम संभावना व्यक्त की गई है। शहर के सीमा विस्तार के बाद मौजूदा समय में विनियमित क्षेत्र के अंतर्गत 170 गांव हैं। तेजी से बढ़ते शहर के चलते कई इलाके शहर से बिल्कुल सट गए हैं। प्रस्तावित प्राधिकरण में कुल 309 गांवों को शामिल किया गया है। इसमें शाहगंज तहसील के 59, सदर तहसील के 210, केराकत तहसील के 24 और मड़ियाहूं तहसील के 16 ग्राम शामिल हैं। नवसृजित नगर पंचायत गौराबादशाहपुर, कजगांव और खेतासराय को भी इसमें शामिल किया गया है, जबकि जफराबाद पहले से ही विनियमित क्षेत्र में हैं। नए क्षेत्रों के समाहित होने के बाद आबादी 539654 हो जाएगी, जबकि प्राधिकरण का क्षेत्रफल 44646.91 हेक्टेयर प्रस्तावित किया गया है।
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प्राधिकरण के लिए चाहिए 60, जौनपुर के हैं 67 अंक
शासन की ओर से किसी भी विनियमित क्षेत्र को विकास क्षेत्र में तब्दील करने के लिए सौ अंक निर्धारित किए गए हैं। इसमें जिला या मंडल मुख्यालय, रेल और सड़क मार्ग से आवागमन की स्थिति, प्रांतीय व राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ाव, आबादी, क्षेत्रफल, आय, व्यावसायिक स्थिति, संसाधनों की उपलब्धता आदि प्रमुख हैं। इस लिहाज से 60 अंक पाने पर भी विकास प्राधिकरण का गठन किया जा सकता है, जबकि जौनपुर के पास कुल 67 अंक हैं।
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प्रस्तावित प्राधिकरण की ऐसी होगी सीमा
शासन को भेजे गए प्रस्ताव में प्राधिकरण का मानचित्र भी है। सभी दिशाओं में इसकी सीमा भी दर्शाई गई है। मौजूदा विनियमित क्षेत्र काफी व्यापक है। प्रयागराज मार्ग पर सीमा को सीहीपुर से बढ़ाकर डिहजहानिया, आजमगढ़ रोड पर केशवपुर से बढ़ाकर बिथार, वाराणसी रोड पर देवचंदपुर से बढ़ाकर इजरी, शाहगंज रोड पर सिद्दीकपुर से बढ़ाकर खेतासराय नगर पंचायत तक, केराकत रोड पर धर्मापुर से आगे सेवईनाला, लखनऊ रोड पर कुल्हनामऊ से बढ़ाकर बक्शा और मिर्जापुर रोड पर रामदयालगंज से बढ़ाकर सुभाषपुर तक प्राधिकरण की सीमा प्रस्तावित की गई है।
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जिला स्तरीय समिति की सहमति के बाद जौनपुर विकास प्राधिकरण का विस्तृत प्रस्ताव मानचित्र सहित तैयार कर शासन को भेजा गया है। निर्धारित मानकों के तहत सिर्फ 60 अंक चाहिए, जबकि जौनपुर के पास 67 अंक है। उम्मीद है कि शासन स्तर से इसे शीघ्र मंजूरी मिलेगी। -रोहन यादव, अवर अभियंता, नियोजन विभाग।
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छह सौ साल पुराने शहर के सुनियोजित विकास के लिए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कार्यभार संभालने के साथ ही यहां विकास प्राधिकरण के गठन की पहल की थी। इसके लिए नियोजन विभाग को प्रारूप तैयार करने का निर्देश था। मार्च में हुई जिला स्तरीय समिति की बैठक में इस पर सहमति प्रदान करते हुए विकास प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने का निर्णय लिया गया था। उच्चाधिकारियों के निर्देशन में नियोजन विभाग ने अब यह प्रस्ताव तैयार कर लिया है। शासन के विभिन्न मापदंडों पर संसाधनों को पूरा करते हुए तैयार प्रस्ताव में जौनपुर के विकास की असीम संभावना व्यक्त की गई है। शहर के सीमा विस्तार के बाद मौजूदा समय में विनियमित क्षेत्र के अंतर्गत 170 गांव हैं। तेजी से बढ़ते शहर के चलते कई इलाके शहर से बिल्कुल सट गए हैं। प्रस्तावित प्राधिकरण में कुल 309 गांवों को शामिल किया गया है। इसमें शाहगंज तहसील के 59, सदर तहसील के 210, केराकत तहसील के 24 और मड़ियाहूं तहसील के 16 ग्राम शामिल हैं। नवसृजित नगर पंचायत गौराबादशाहपुर, कजगांव और खेतासराय को भी इसमें शामिल किया गया है, जबकि जफराबाद पहले से ही विनियमित क्षेत्र में हैं। नए क्षेत्रों के समाहित होने के बाद आबादी 539654 हो जाएगी, जबकि प्राधिकरण का क्षेत्रफल 44646.91 हेक्टेयर प्रस्तावित किया गया है।
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प्राधिकरण के लिए चाहिए 60, जौनपुर के हैं 67 अंक
शासन की ओर से किसी भी विनियमित क्षेत्र को विकास क्षेत्र में तब्दील करने के लिए सौ अंक निर्धारित किए गए हैं। इसमें जिला या मंडल मुख्यालय, रेल और सड़क मार्ग से आवागमन की स्थिति, प्रांतीय व राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ाव, आबादी, क्षेत्रफल, आय, व्यावसायिक स्थिति, संसाधनों की उपलब्धता आदि प्रमुख हैं। इस लिहाज से 60 अंक पाने पर भी विकास प्राधिकरण का गठन किया जा सकता है, जबकि जौनपुर के पास कुल 67 अंक हैं।
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प्रस्तावित प्राधिकरण की ऐसी होगी सीमा
शासन को भेजे गए प्रस्ताव में प्राधिकरण का मानचित्र भी है। सभी दिशाओं में इसकी सीमा भी दर्शाई गई है। मौजूदा विनियमित क्षेत्र काफी व्यापक है। प्रयागराज मार्ग पर सीमा को सीहीपुर से बढ़ाकर डिहजहानिया, आजमगढ़ रोड पर केशवपुर से बढ़ाकर बिथार, वाराणसी रोड पर देवचंदपुर से बढ़ाकर इजरी, शाहगंज रोड पर सिद्दीकपुर से बढ़ाकर खेतासराय नगर पंचायत तक, केराकत रोड पर धर्मापुर से आगे सेवईनाला, लखनऊ रोड पर कुल्हनामऊ से बढ़ाकर बक्शा और मिर्जापुर रोड पर रामदयालगंज से बढ़ाकर सुभाषपुर तक प्राधिकरण की सीमा प्रस्तावित की गई है।
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जिला स्तरीय समिति की सहमति के बाद जौनपुर विकास प्राधिकरण का विस्तृत प्रस्ताव मानचित्र सहित तैयार कर शासन को भेजा गया है। निर्धारित मानकों के तहत सिर्फ 60 अंक चाहिए, जबकि जौनपुर के पास 67 अंक है। उम्मीद है कि शासन स्तर से इसे शीघ्र मंजूरी मिलेगी। -रोहन यादव, अवर अभियंता, नियोजन विभाग।