{"_id":"5fd114c58ebc3e40a307a0e4","slug":"jam-on-the-highway-from-midnight-to-midnight-jaunpur-news-vns5625684128","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईवे पर दोपहर से आधी रात तक लगा रहा जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईवे पर दोपहर से आधी रात तक लगा रहा जाम
विज्ञापन
कलीचाबाद स्थित संकरी पुलिया के पास लगा लम्बा जाम।
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कलीचाबाद के पास संकरी पुलिया जाम का सबब बन गई है। बुधवार को लगातार तीसरे दिन दोपहर 11 बजे से देर रात तक तीन किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। सोमवार और मंगलवार को भी दोपहर से आधी रात तक जाम लगा और कई लोगों की बरात फंसी रही।
हाईवे पर कलीचाबाद के पास की संकरी पुलिया पर जाम की समस्या नई नहीं है। यह समस्या 20 वर्षों से है लेकिन एक दशक में और गंभीर हो गई है। शादी-विवाह के दिनों में जब हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ता है तो हालात बदतर हो जाते हैं। कलीचाबाद में नाले के ऊपर हाईवे पर बनी पुरानी पुलिया वर्ष 2011 में क्षतिग्रस्त हो गई थी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पुलिस की मरम्मत कराने के बाद आधी सड़क पर रेलिंग बनवा दी, जिससे पुलिया संकरी हो गई। अब एक बार में एक ही भारी वाहन इस पुलिया से गुजर सकता है। कलीचाबाद सकरी पुलिया की दोनों तरफ की रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गई है। रेलिंग के बगल में 25 फीट गहरी खाई हैं। कोहरे के समय में भी इस पुलिया पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। कभी कोई वाहन रेलिंग से नीचे खाई में गिर सकता है लेकिन जिम्मेदारों को इसकी परवाह नहीं।
पुलिया पर हो यातायात पुलिस की तैनाती
जौनपुर। कलीचाबाद पुलिया पर यातायात पुलिस की तैनाती नहीं है। कोई भारी वाहन दूसरे से पास लेने लगे तो जाम लग जाता है। हमेशा देखा गया है कि पुलिया पर आमने-सामने होने पर वाहन चालक चाहता है कि सामने वाला ही पीछे हटे क्योंकि पीछे से यातायात का दबाव होता है। इस जिच में जाम और बढ़ जाता है। शहर से नौपेड़वा स्थित अपनी क्लीनिक तक जाते समय डॉ विवेक मिश्रा रोजाना जाम में फंसते हैं। उनका कहना है कि अगर पुलिया पर यातायात पुलिस की तैनाती हो तो समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकता है क्योंकि अक्सर वाहन चालकों की नासमझी के चलते जाम लगता है। दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता नीलेश यादव कहते हैं कि जाम के डर से ही रोज एक घंटे पहले घर से निकलना पड़ता है। इसके बावजूद समय से पहुंचने की कोई गारंटी नहीं रहती है।
विज्ञापन
दो थानों की सीमा के चलते भी है समस्या
जौनपुर। कलीचाबाद पुलिया लाइनबाजार और बक्शा थाने की सीमा पर है। जाम लगने पर दोनों एक थाने की पुलिस दूसरे को जिम्मेदार ठहराती रहती है। बक्शा थाने की पुलिस पुलिया से तीन सौ मीटर पहले अलीगंज के पास यातायात संभालती है तो लाइनबाजार थाने की पुलिस तीन सौ मीटर पहले कलीचाबाद बाईपास पर के समीप। पुलिया पर तभी पुलिस पहुंचती है जब जाम में कोई वीआईपी फंसता है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार अफसर
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राधा कृष्ण का कहना है कि वाराणसी-लखनऊ हाईवे की पुरानी सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के जिम्मे है। पुलिया का निर्माण उसी के जिम्मे है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना प्रबंधक वाराणसी एसबी सिंह का कहना है कि वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन में तब्दील किया जा रहा है। अलीगंज के पास से बाईपास बन रहा है। बाईपास चालू होते ही भारी वाहन पुरानी सड़क से नहीं जाएंगे तो जाम की समस्या दूर हो जाएगी।
सड़क पर ट्रक बिगड़ने से लगा जाम
सड़क पर ट्रक बिगड़ने से लगा जाम
गौराबादशाहपुर। कस्बा के गौरा बाजार में बुधवार को सुबह ट्रक बिगड़ जाने से जाम लगा रहा। पूरे दिन लोग जाम से परेशान रहे। जौनपुर की तरफ से गिट्टी लादकर आजमगढ़ की तरफ जा रहा ट्रक कस्बा के गौरा बाजार में जैसे पहुंचा सड़क पर बने गड्ढे में फंसकर उसका गुल्ला टूट गया। जिससे लम्बा जाम लग गया। दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई। किसी तरह वन वे करके वाहन पास कराया गया। जिससे कस्बा के दुकानदारों के साथ राहगीरों के साथ दिन भर परेशानी का सामना करना पडा।
विज्ञापन
हाईवे पर कलीचाबाद के पास की संकरी पुलिया पर जाम की समस्या नई नहीं है। यह समस्या 20 वर्षों से है लेकिन एक दशक में और गंभीर हो गई है। शादी-विवाह के दिनों में जब हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ता है तो हालात बदतर हो जाते हैं। कलीचाबाद में नाले के ऊपर हाईवे पर बनी पुरानी पुलिया वर्ष 2011 में क्षतिग्रस्त हो गई थी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पुलिस की मरम्मत कराने के बाद आधी सड़क पर रेलिंग बनवा दी, जिससे पुलिया संकरी हो गई। अब एक बार में एक ही भारी वाहन इस पुलिया से गुजर सकता है। कलीचाबाद सकरी पुलिया की दोनों तरफ की रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गई है। रेलिंग के बगल में 25 फीट गहरी खाई हैं। कोहरे के समय में भी इस पुलिया पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। कभी कोई वाहन रेलिंग से नीचे खाई में गिर सकता है लेकिन जिम्मेदारों को इसकी परवाह नहीं।
विज्ञापन
पुलिया पर हो यातायात पुलिस की तैनाती
जौनपुर। कलीचाबाद पुलिया पर यातायात पुलिस की तैनाती नहीं है। कोई भारी वाहन दूसरे से पास लेने लगे तो जाम लग जाता है। हमेशा देखा गया है कि पुलिया पर आमने-सामने होने पर वाहन चालक चाहता है कि सामने वाला ही पीछे हटे क्योंकि पीछे से यातायात का दबाव होता है। इस जिच में जाम और बढ़ जाता है। शहर से नौपेड़वा स्थित अपनी क्लीनिक तक जाते समय डॉ विवेक मिश्रा रोजाना जाम में फंसते हैं। उनका कहना है कि अगर पुलिया पर यातायात पुलिस की तैनाती हो तो समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकता है क्योंकि अक्सर वाहन चालकों की नासमझी के चलते जाम लगता है। दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता नीलेश यादव कहते हैं कि जाम के डर से ही रोज एक घंटे पहले घर से निकलना पड़ता है। इसके बावजूद समय से पहुंचने की कोई गारंटी नहीं रहती है।
विज्ञापन
दो थानों की सीमा के चलते भी है समस्या
जौनपुर। कलीचाबाद पुलिया लाइनबाजार और बक्शा थाने की सीमा पर है। जाम लगने पर दोनों एक थाने की पुलिस दूसरे को जिम्मेदार ठहराती रहती है। बक्शा थाने की पुलिस पुलिया से तीन सौ मीटर पहले अलीगंज के पास यातायात संभालती है तो लाइनबाजार थाने की पुलिस तीन सौ मीटर पहले कलीचाबाद बाईपास पर के समीप। पुलिया पर तभी पुलिस पहुंचती है जब जाम में कोई वीआईपी फंसता है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार अफसर
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राधा कृष्ण का कहना है कि वाराणसी-लखनऊ हाईवे की पुरानी सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के जिम्मे है। पुलिया का निर्माण उसी के जिम्मे है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना प्रबंधक वाराणसी एसबी सिंह का कहना है कि वाराणसी-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन में तब्दील किया जा रहा है। अलीगंज के पास से बाईपास बन रहा है। बाईपास चालू होते ही भारी वाहन पुरानी सड़क से नहीं जाएंगे तो जाम की समस्या दूर हो जाएगी।
सड़क पर ट्रक बिगड़ने से लगा जाम
सड़क पर ट्रक बिगड़ने से लगा जाम
गौराबादशाहपुर। कस्बा के गौरा बाजार में बुधवार को सुबह ट्रक बिगड़ जाने से जाम लगा रहा। पूरे दिन लोग जाम से परेशान रहे। जौनपुर की तरफ से गिट्टी लादकर आजमगढ़ की तरफ जा रहा ट्रक कस्बा के गौरा बाजार में जैसे पहुंचा सड़क पर बने गड्ढे में फंसकर उसका गुल्ला टूट गया। जिससे लम्बा जाम लग गया। दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई। किसी तरह वन वे करके वाहन पास कराया गया। जिससे कस्बा के दुकानदारों के साथ राहगीरों के साथ दिन भर परेशानी का सामना करना पडा।