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एक हजार कमाता है इरफान, रात में जगकर बीड़ी बनाती है शाहिना

Mon, 25 Apr 2022 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 25 Apr 2022 12:09 AM IST
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Irfan earns a thousand, Shahina makes beedi by waking up at night
जफराबाद थाना क्षेत्र के नैपुरा गांव में पिता ने अपने ही दो बच्चों को कुएं में जिंदा फेंक दिया। इससे उनकी मौत हो गई। इस घटना की जानकारी होने पर हर कोई हैरान है। पति के कारण गोद सूनी होने पर रोते हुए पत्नी शाहिना कह रही थी कि वह सोचती थी कि कभी बच्चों को किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े, इसलिए वह रात में जग कर बीड़ी बनाती थी। लेकिन, उसे (पति) को पता नहीं क्या हो गया कि दोनों बच्चों की जान का दुश्मन बन गया।
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इरफान की शादी नौ साल पहले शाहिना से हुई थी। दोनों की जिंदगी हंसी-खुशी बीत रही थी। समय के साथ दो बच्चे एक साइमा और अरमान हुए। इरफान ने कई वर्षों तक सऊदी अरब में भी काम किया था। हालांकि वह चार-पांच साल पहले वहां से वापस आया और फिर नहीं गया। परिजनों के मुताबिक पैसे के कारण वह तनाव में रहता था, जिससे उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। हालांकि पति और बच्चों का सहारा बनने के लिए शाहिना घर में बीड़ी बनाती थी। जबकि उसका पति जफराबाद बाजार में एक चलनी बेचने वाले की दुकान पर काम करता था। परिजनों के मुताबिक वहां उसे एक हजार रुपये प्रति माह मिलते थे। वह रोजाना दोपहर में आता था और खाना खाकर फिर दुकान पर काम करने जाता था। शाहिना ने कल्पना भी नहीं की थी कि उसका ही पति ऐसा करेगा। वह बेफिक्र होकर अपने घर के कामों में व्यस्त थी, जब पति घर लौटा तो बच्चों के बारे में पूछने पर उसने बताया कि दोनों बच्चों को कुएं में फेंक दिया है। आरोपी के चेहरे पर तनिक भी अपने किए पर पछतावा नहीं दिख रहा था।
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इरफान के दो और भाई हैं, जो मुंबई में रोजी रोटी कमाते हैं। इरफान पहले सऊदी अरब में काम करता था। रविवार को हुई घटना को लेकर कुछ लोग कहते हैं कि सऊदी से आते समय इरफान का सारा सामान गायब हो गया था। तभी से उसकी मानसिक हालत कभी कभी ठीक नहीं रहती थी। वही कुछ लोग उसकी हालत को ठीक बताते हुए कहते है कि वह झक्की टाइप का था तो कुछ लोग दूसरी तरह की बातें कर रहे थे। घटना के बाद इरफान को अपने किए का पछतावा नहीं दिख रहा था। वह घटना को अंजाम देने के बाद जफराबाद बाजार भी गया था। जहां से काम करके वापस भी आया। पुलिस ने जब उससे पूछा तो वो बोला कि हां मैंने ही कुएं में दोनों को फेंक दिया। पुलिस से भी बातचीत में नहीं लग रहा था कि कि वह किसी भी तरह का मानसिक रोगी है। घटना के बाद रोते हुए शाहिना बानो कह रही थी कि उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उसके साथ ऐसा होगा। वह रोते हुए कह रही थी वो (इरफान) हर महीने एक हजार रुपये पाता था, जिससे वह घर के लिए रसोई गैस सिलिंडर को भरवाती थी। वहीं, पड़ोसियों ने बताया कि इरफान के नाम पर एक राशन कार्ड है और उसके पास पांच बिस्वा जमीन है। पक्का मकान है, लेकिन अभी प्लास्टर नहीं हुआ है। वहीं, रात में पीड़ित के घर पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हिमांशु नागपाल ने घटना के बारे में जानकारी हासिल की। साथ ही त्वरित सहायता के लिए अपने पास मौजूद पांच हजार रुपये की आर्थिक मदद की। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार के पास राशन कार्ड है, पीड़ित परिवार जिस भी योजना के तहत पात्र होगा उसे उस आधार पर मदद दी जाएगी।
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