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आयोडीन की कमी से बच्चों में बढ़ रही बीमारी
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आयोडीन की कमी से बच्चों में बढ़ रही बीमारी
- एनएफएचएस-5 की रिपोर्ट में 97.6 फीसदी परिवार करते हैं आयोडीनयुक्त नमक
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। आयोडीन की कमी के चलते बच्चे तमाम तरह के बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। आयोडीन शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसकी कमी के चलते गर्भ में ही बच्चों की मौत और बांझपन की समस्या सबसे अधिक देखने को मिल रही है। आज भी कई ऐसे परिवार हैं आयोडीन युक्त नमक का सेवन नहीं हेेता। वहां जागरूकता की भारी कमी है।
बीते दिनों नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक जौनपुर जिले में 97.6 प्रतिशत परिवार लोग ही आयोडीन युक्त नमक का सेवन करते हैं। यानी आज भी 2.4 प्रतिशत परिवार आयोडीन युक्त नमक का सेवन नहीं करते। स्वास्थ्य विभाग आयोडीनयुक्त नमक के इस्तेमाल के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है। स्कूलों में भी जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। आयोडीन से थायराइड और हार्मोन बनता है। यह शरीर के लिए अति आवश्यक है। न्यूट्रिशन नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. राजीव कुमार का कहना है कि इंटरनेशनल एंड इंडियन कोअलिशन फॉर कंट्रोल ऑफ आयोडीन डिफिशिएंसी डिसऑर्डर (आईसीसीआईडीडी) के सर्वेक्षण (2018-19) के अनुसार आयोडीन युक्त नमक का सेवन करने वाले भारतीय परिवारों का प्रतिशत 81.1 प्रतिशत हो गया है। आयोडीन युक्त नमक के बारे में जागरूकता शहरी क्षेत्रों में 62 प्रतिशत तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 50.5 प्रतिशत है।
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इनसेट--
आयोडीन की कमी से इन बीमारियों का खतरा
जौनपुर। सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह ने बताया कि आयोडीन की कमी से बच्चों में मानसिक विकास कम हो जाता है, बौनापन, गूंगापन, बहरापन, घेंघा रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। महिलाओं में गर्भपात, मृत बच्चे का जन्म, गर्भ में बच्चे के मानसिक विकास में कमी, किशोरावस्था में विकास रुक जाना, महिलाओं में बांझपन की समस्या आ सकती है। इस लिए आयोडीन का नियमित और मानक के तहत सेवन करना चाहिए।
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- एनएफएचएस-5 की रिपोर्ट में 97.6 फीसदी परिवार करते हैं आयोडीनयुक्त नमक
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। आयोडीन की कमी के चलते बच्चे तमाम तरह के बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। आयोडीन शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसकी कमी के चलते गर्भ में ही बच्चों की मौत और बांझपन की समस्या सबसे अधिक देखने को मिल रही है। आज भी कई ऐसे परिवार हैं आयोडीन युक्त नमक का सेवन नहीं हेेता। वहां जागरूकता की भारी कमी है।
बीते दिनों नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक जौनपुर जिले में 97.6 प्रतिशत परिवार लोग ही आयोडीन युक्त नमक का सेवन करते हैं। यानी आज भी 2.4 प्रतिशत परिवार आयोडीन युक्त नमक का सेवन नहीं करते। स्वास्थ्य विभाग आयोडीनयुक्त नमक के इस्तेमाल के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है। स्कूलों में भी जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। आयोडीन से थायराइड और हार्मोन बनता है। यह शरीर के लिए अति आवश्यक है। न्यूट्रिशन नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. राजीव कुमार का कहना है कि इंटरनेशनल एंड इंडियन कोअलिशन फॉर कंट्रोल ऑफ आयोडीन डिफिशिएंसी डिसऑर्डर (आईसीसीआईडीडी) के सर्वेक्षण (2018-19) के अनुसार आयोडीन युक्त नमक का सेवन करने वाले भारतीय परिवारों का प्रतिशत 81.1 प्रतिशत हो गया है। आयोडीन युक्त नमक के बारे में जागरूकता शहरी क्षेत्रों में 62 प्रतिशत तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 50.5 प्रतिशत है।
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आयोडीन की कमी से इन बीमारियों का खतरा
जौनपुर। सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह ने बताया कि आयोडीन की कमी से बच्चों में मानसिक विकास कम हो जाता है, बौनापन, गूंगापन, बहरापन, घेंघा रोग होने की संभावना बढ़ जाती है। महिलाओं में गर्भपात, मृत बच्चे का जन्म, गर्भ में बच्चे के मानसिक विकास में कमी, किशोरावस्था में विकास रुक जाना, महिलाओं में बांझपन की समस्या आ सकती है। इस लिए आयोडीन का नियमित और मानक के तहत सेवन करना चाहिए।
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