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बाहर से कराई जांच और मंगवाई दवा, विरोध करने पर बुलाई पुलिस

Mon, 16 May 2022 11:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 16 May 2022 11:45 PM IST
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Investigation done and medicine ordered from outside, police called for protesting
सीएचसी के मरीज पर धौंस जमाने के लिए बुलाई गई पुलिस। - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। सरकार सख्ती के साथ कह रही है कि अस्पताल में किसी मरीज से धन उगाही नहीं होने पाए। खुद पर्ची कटवाकर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक सरकारी अस्पतालों में जाकर निरीक्षण कर रहे हैं। इसकी खूब प्रशंसा हो रही है। लेकिन जनपद में व्यवस्था इसके विपरीत है। रविवार की रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मछलीशहर में प्रसव कराने के लिए आए एक परिवार से पहले जांच करवाई गई। फिर प्रसव संबंधित कीट और दवाएं बाहर से मंगाई गई। इसका मरीज के परिजनों ने विरोध किया तो उन्हें शांत कराने के लिए डायल 100 की टीम बुला ली।
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कल्याणपुर गांव से कुछ लोग एक महिला को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मछलीशहर गए थे। जहां मरीज के परिजनों ने रात करीब साढ़े दस-ग्यारह बजे विरोध करने लगा कि उनसे धन उगाही की जा रही है। आरोप था कि जांच बाहर से कराई गई, प्रसव संबंधित कीट दो बार बाहर से खरीदवा दिया गया। इसका विरोध करने पर ड्यूटी पर तैनात डाक्टर और स्टाप ने उन पर मरीज को यह कहते हुए रेफर करने लगे कि हिमोग्लोबिन महज 6 प्वाइंट हैं। आरोप लगाने वालों का कहना था कि जब इसकी जांच ही नहीं की गई तो वे ऐसा कैसे कह रहे हैं कि हिमोग्लोबिन कम हैं। इसी बात को लेकर वहां विवाद की स्थिति बन गई। इस पर अस्पताल प्रशासन ने पुलिस बुला लिया। यह सब देख मरीज को लेकर जाने के लिए भी परिजन तैयार हो गए, लेकिन इसकी शिकायत दर्ज कराने और सुबह पुन: आने की बात करने लगे तो मामले बिगड़ता देख ड्यूटी पर तैनात एक डाक्टर ने अस्पताल के अधीक्षक को ही फोन लगा दिया। बताते हैं कि अस्पताल प्रशासन के इस रवैये से नाराज होकर उनकी शिकायत करने और सुबह हंगामा करने की धमकी दी तो धौंस जमाने वालों के तेवर ठंडे पड़ गए और वे शिकायतकर्ता के साथ प्रेम की भाषा में पेश आने लगे। कई बार खुद अस्पताल के अधीक्षक ने इमरजेंसी वार्ड में तैनात डाक्टर के मोबाइल पर फोन करके उनसे बात की। इस संबंध में अस्पताल के अधीक्षक विशाल यादव का कहना है कि कल्याणपुर गांव के एक दुबे जी प्रसूता को लेकर आए थे। गर्भवती महिला को दिक्कत थी। उसकी जांच रिपोर्ट पुरानी थी इसलिए उन्हें जांच कराने अथवा जिला अस्पताल जाने को स्टाफ नर्स द्वारा कहा गया था, जिसे लेकर विवाद हुआ तो नर्स ने पुलिस को बुला लिया था। बाद में मुझे जानकारी हुई तो मामला समझा बुझाकर शांत कराया।
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