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साढ़े पांच साल में महज साढ़े नौ हजार गरीबों को नसीब हो पाया है छत

Fri, 29 Oct 2021 11:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 29 Oct 2021 11:15 PM IST
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In five and a half years, only nine and a half thousand poor have got the roof
जौनपुर। जिम्मेदारों की लापरवाही से शहर में रहने वाले गरीबों को अभी भी छत नसीब नहीं हो पाया है। वे छप्पर और कच्चे मकान में रहने को विवश हैं। कारण जिले के सभी 12 नगर निकायों में जिम्मेदारों की ओर से पीएम आवास शहरी के तहत साढ़े पांच साल में 26 हजार 867 लाभार्थियों को आवास स्वीकृत किया गया है, लेकिन अभी तक महज नौ हजार 470 लाभार्थियों को ही आवास उपलब्ध हो चुुका है। शेष लाभार्थियों का आवास पूरा नहीं बन पाया है। जिम्मेदारा बजट नहीं मिलने और कोरोना महामारी का हवाला देकर चुप्पी साध ले रहे हैं।
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शहर के गरीबों को छत नसीब हो सके, इसके मद्देनजर सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी का शुभारंभ वर्ष 2016 में किया था। इस योजना के तहत वर्ष 2022 तक गरीबों का चयन कर उनको आवास बनाने का कार्य किया जाना था। इस योजना की जिम्मेदारी डूडा विभाग को सौपी गई, जिसके बाद डूडा विभाग योजना को परवान चढ़ाने का कार्य शुरू किया। इस दौरान वर्ष 2016 से अब तक सभी नगर निकायों में योजना के तहत कुल 28 हजार 867 लाभार्थियों को आवास स्वीकृत किया गया है,जिसमें जौनपुर में 12899, मुंगराबादशाहपुर में 1250, शाहगंज में 1234, बदलापुर में 3958, गौराबादशाहपुर में 957, जफराबाद में 1034, कंचगांव में 495, केराकत में 1183, खेतासराय में 2136, मछलीशहर में 1484, मड़ियाहूं में 1465, रामपुर में 552 लाभार्थियों को आवास स्वीकृत हुआ है। लेकिन इन वर्षों में अभी तक नौ हजार 470 लाभार्थियों का ही आवास बनाया गया है। अभी ,जबकि अभी भी 19 हजार 397 लाभार्थियों का आवास नहीं बन पाया है। वहीं देखा जाए अभी तक 22 हजार 501 लाभार्थियों को आवास की पहली किश्त दी गई है, जबकि 17 हजार 38 लाभार्थियों को दूसरी और सात हजार 940 लाभार्थियों को तृतीय किश्त दी गई है।
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जौनपुर। पीएम आवास योजना के तहत एक आवास बनाने के लिए तीन किश्तों में ढाई लाख रुपया लाभार्थी को मिलता है, जिसमें पहली किश्त 50 हजार रुपये की मिलती है, जिससे लाभार्थी आवास की नींव बना लेता है, जिसके बाद डेढ़ लाख रुपये दूसरे किश्त दी जाती है, जिससे लाभार्थी मकान पूरा बनवा लेता है। आवास का प्लास्टर कराने और रंगाई पुताई के लिए तृतीय किश्त के रूप में 50 हजार रुपया दिया जाता है।
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परियोजना अधिकारी डूडा अनिल वर्मा- कोरोना महामारी और शासन से बजट नहीं मिलने से आवास निर्माण का कार्य रूक गया था, लेकिन अब ऐसी कोई समस्या नहीं है। जल्द से जल्द लाभार्थियों को जागरूक कर आवास बनवाने का कार्य किया जाएगा। -
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