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ताउते तूफान का असर; बारिश से भींगा गेहूं, आंधी में गिर गए आम
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जौनपुर। ताउते तूफान को लेकर कुछ दिन पहले जारी चेतावनी को भी जिम्मेदारों ने नजर अंदाज कर दिया। परिणामस्वरूप सोमवार की रात आई आंधी और बारिश में क्रय केंद्रों के बाहर खुले आसमान में रखे गेहूं भींग गए। मंगलवार को सुबह कर्मचारी उसे सहेजते नजर आए। आंधी से आम की फसलों को भी क्षति पहुंची है। जगह-जगह पेड़ की डाल टूटने, पोल गिरने से बिजली की आपूर्ति भी बाधित हुई। बारिश और आंधी से तापमान में कमी आई है। इससे उमस भरी गर्मी में लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक हल्की बारिश की उम्मीद जताई है। हवा तेज गति से चलेगी।
सोमवार को शाम से ही आसमान में बादल छाने लगे थे। रात दस बजे से हवा की रफ्तार भी तेज होने लगी थी। आधी रात में बूंदाबादी शुरू हो गई। जिले के कई इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश हुई तो कुछ में सिर्फ बूंदाबादी हुई। बक्शा, बदलापुर, खुटहन, मछलीशहर इलाकों में तेज हवा के साथ हुई बारिश से पेड़ में लगे आम के फल झड़ गए। कई पेड़ों की डालियां टूट गईं। बक्शा, धनियामऊ, तेजी बाजार के पास पेड़ की डालियां टूट कर सड़क पर गिर पड़ीं। हालांकि स्थानीय लोग सुबह ही डाल काटकर उठा ले गए। इससे आवागमन बाधित नहीं हुआ। पेड़ की डाल तार पर गिरने से मुफ्तीगंज, केराकत, बरईपार, सवंशा क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति बाधित रही। कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के मौसम वैज्ञानिक पंकज जायसवाल के मुताबिक अभी 21 मई तक हल्की या मध्यम बारिश की संभावना है। आसमान में बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 36 से 40 डिग्री और न्यूनतम 22 से 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। मौसम में 35 से 70 फीसदी तक नमी रहेगी। पूरब से पश्चिम की तरफ हवा 12 से 17 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बहने की संभावना है।
बारिश के बाद गेहूं सहेजने की होती रही कोशिश
शाहगंज/गौराबादशाहपुर। नई सब्जी मंडी शाहगंज में बने क्रय केंद्र पर खरीद के बाद गेहूं को बाहर टिनशेड में रखा गया है। इसे तिरपाल से न ढके जाने से बारिश से कई बोरा गेहूं भींग गया। बारिश की बौछारों से गेहूं में अंदर तक नमी पहुंच गई। उधर, धर्मापुर ब्लाक के बंजारेपुर सहकारी समिति पर किसानों से खरीदे गए करीब दो सौ बोरा गेहूं बाहर रखा गया है। सोमवार की रात हुई बारिश में गेहूं भींग गया। संयोग अच्छा था कि प्लास्टिक के बोरे होने से पानी ज्यादा अंदर तक नहीं गया। सुबह से ही तिरपाल लगाकर इसे सुरक्षित करने में कर्मचारी लगे रहे। करीब सौ क्विंटल गेहूं में सीलन आ गई है। इससे गेहूं के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। क्रय केंद्र के सचिव अशोक कुमार यादव का कहना है कि गोदाम की कमी के कारण गेहूं केंद्र के बाहर ही रखा गया है। बोरे की सिलाई भी नहीं हो सकी है। प्लास्टिक से ढक कर गेहूं को बारिश से सुरक्षित करने का प्रयास किया गया है।
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बारिश से ईंट भट्ठा मालिकों को हुआ नुकसान
सिंगरामऊ। सोमवार की रात हुई बारिश से ईंट भट्ठा मालिकों को नुकसान हुआ है। ईंट भट्ठों पर खुले में रखे कच्चे ईंट को नुकसान हुआ है। ईंट भट्टा मालिक दिव्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि बारिश से काफी संख्या में कच्चे ईंट को नुकसान हुआ है। इससे एक तो मजदूरी का नुकसान हुआ, दूसरे इतनी संख्या में ईंट तैयार करने में काफी वक्त लगेगा।
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पहली बारिश में ही सड़क पर लग गया पानी
मीरगंज। जंघई बाजार से रेलवे स्टेशन जाने वाली सड़क पहली बारिश में तालाब में तब्दील हो गई। सड़क पूरी तरह गड्ढे में तब्दील है। बारिश हुई तो पानी गड्ढों में भर गया। जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण जगह - जगह सड़क पानी में डूब गई। इससे आवागमन में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। मछलीशहर से जंघई जाने वाली सड़क पर रेलवे क्रासिंग से स्टेशन तक कट स्टोन बिछाया गया है। करीब दो मीटर तक सड़क दब गई है। जल निकासी की भी व्यवस्था नहीं है। इससे सड़क पानी भर गया है। सेमरी गांव के रोहित का आरोप है कि सड़क पर पानी भर जाना सरकार के गड्ढा मुक्त सड़क के दावे की पोल खोल रहा है।
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सोमवार को शाम से ही आसमान में बादल छाने लगे थे। रात दस बजे से हवा की रफ्तार भी तेज होने लगी थी। आधी रात में बूंदाबादी शुरू हो गई। जिले के कई इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश हुई तो कुछ में सिर्फ बूंदाबादी हुई। बक्शा, बदलापुर, खुटहन, मछलीशहर इलाकों में तेज हवा के साथ हुई बारिश से पेड़ में लगे आम के फल झड़ गए। कई पेड़ों की डालियां टूट गईं। बक्शा, धनियामऊ, तेजी बाजार के पास पेड़ की डालियां टूट कर सड़क पर गिर पड़ीं। हालांकि स्थानीय लोग सुबह ही डाल काटकर उठा ले गए। इससे आवागमन बाधित नहीं हुआ। पेड़ की डाल तार पर गिरने से मुफ्तीगंज, केराकत, बरईपार, सवंशा क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति बाधित रही। कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के मौसम वैज्ञानिक पंकज जायसवाल के मुताबिक अभी 21 मई तक हल्की या मध्यम बारिश की संभावना है। आसमान में बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 36 से 40 डिग्री और न्यूनतम 22 से 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। मौसम में 35 से 70 फीसदी तक नमी रहेगी। पूरब से पश्चिम की तरफ हवा 12 से 17 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बहने की संभावना है।
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बारिश के बाद गेहूं सहेजने की होती रही कोशिश
शाहगंज/गौराबादशाहपुर। नई सब्जी मंडी शाहगंज में बने क्रय केंद्र पर खरीद के बाद गेहूं को बाहर टिनशेड में रखा गया है। इसे तिरपाल से न ढके जाने से बारिश से कई बोरा गेहूं भींग गया। बारिश की बौछारों से गेहूं में अंदर तक नमी पहुंच गई। उधर, धर्मापुर ब्लाक के बंजारेपुर सहकारी समिति पर किसानों से खरीदे गए करीब दो सौ बोरा गेहूं बाहर रखा गया है। सोमवार की रात हुई बारिश में गेहूं भींग गया। संयोग अच्छा था कि प्लास्टिक के बोरे होने से पानी ज्यादा अंदर तक नहीं गया। सुबह से ही तिरपाल लगाकर इसे सुरक्षित करने में कर्मचारी लगे रहे। करीब सौ क्विंटल गेहूं में सीलन आ गई है। इससे गेहूं के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। क्रय केंद्र के सचिव अशोक कुमार यादव का कहना है कि गोदाम की कमी के कारण गेहूं केंद्र के बाहर ही रखा गया है। बोरे की सिलाई भी नहीं हो सकी है। प्लास्टिक से ढक कर गेहूं को बारिश से सुरक्षित करने का प्रयास किया गया है।
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बारिश से ईंट भट्ठा मालिकों को हुआ नुकसान
सिंगरामऊ। सोमवार की रात हुई बारिश से ईंट भट्ठा मालिकों को नुकसान हुआ है। ईंट भट्ठों पर खुले में रखे कच्चे ईंट को नुकसान हुआ है। ईंट भट्टा मालिक दिव्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि बारिश से काफी संख्या में कच्चे ईंट को नुकसान हुआ है। इससे एक तो मजदूरी का नुकसान हुआ, दूसरे इतनी संख्या में ईंट तैयार करने में काफी वक्त लगेगा।
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पहली बारिश में ही सड़क पर लग गया पानी
मीरगंज। जंघई बाजार से रेलवे स्टेशन जाने वाली सड़क पहली बारिश में तालाब में तब्दील हो गई। सड़क पूरी तरह गड्ढे में तब्दील है। बारिश हुई तो पानी गड्ढों में भर गया। जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण जगह - जगह सड़क पानी में डूब गई। इससे आवागमन में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। मछलीशहर से जंघई जाने वाली सड़क पर रेलवे क्रासिंग से स्टेशन तक कट स्टोन बिछाया गया है। करीब दो मीटर तक सड़क दब गई है। जल निकासी की भी व्यवस्था नहीं है। इससे सड़क पानी भर गया है। सेमरी गांव के रोहित का आरोप है कि सड़क पर पानी भर जाना सरकार के गड्ढा मुक्त सड़क के दावे की पोल खोल रहा है।