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काम न हुआ पूरा तो भक्तों के कंधे पर सवार होकर धाम से आएंगे और जाएंगे भगवान जगन्नाथ
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रासमंडल में नमामि गंगे योजना के तहत कराए जा रहे सीवर के कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे डीएम मनीष क?
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। जिम्मेदारों की उदासीनता और कार्यदायी संस्था की मनमानी के कारण सिपाह से किला तक जाने वाली सड़क के नीचे एसटीपी के तहत पाइप लाइन डालने का काम पूरा नहीं हो पाया है। इससे बीते दो दिन हुई बारिश से लोगों की परेशानी बढ़ गई। इधर, एक जुलाई को निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की यात्रा को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है, जो 350 साल से परंपरागत तरीके से निकाली जा रही है। हालांकि इस बार मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि खोदी गई सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया तो वे कंधे पर भगवान की प्रतिमा को रखकर ले जाएंगे और रथ से उतारने के बाद फिर कंधे पर रखकर धाम तक ले जाएंगे।
शहर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट योजना के तहत सड़कों की खोदाई हुई है। इस कार्य में जिम्मेदारों के स्तर से जहां उदासीनता बरती गई है, वहीं कार्यदायी संस्था द्वारा मनमानी की गई। इसी का परिणाम है कि सड़कों की खोदाई करके पाइप डालने का काम पूरा नहीं हो पाया है। जिम्मेदारों की उदासीनता और कार्यदायी संस्था की मनमानी का सबसे बड़ा उदाहरण सिपाही से किला रोड़ है। जहां एक किमी सड़क पर एक साल से पाइप लाइन डालने का काम चल रहा है, जो आज तक नहीं पूरा हो सका है। हालांकि, इस समय जहां-जहां सड़कों की खोदाई हुई है, वहां-वहां बारिश होते ही पानी भर जा रहे हैं। इसे लेकर परेशानी हो रही है। वहीं, 350 सालों से निकाली जाने वाली भगवान जगन्नाथ की यात्रा को लेकर भी भक्तजन अभी से ही परेशान हैं। इसे लेकर मई माह में ही जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा से मंदिर कमेटी के सदस्य मिलकर पत्रक सौंपे थे। उनका कहना है कि डीएम ने उस समय आश्वासन दिया था कि 20-25 जून तक काम पूरा कर लिया जाएगा और आसानी से पूरी परंपरा के हिसाब से रथयात्रा निकाल सकते हैं। लेकिन अब ऐसा होता नहीं दिखाई दे रहा है, क्योंकि कार्यदायी संस्था द्वारा रथयात्रा निकालने वाले स्थान पर सड़क की खोदाई करके पाइप लाइन डाल दी गई है। गड्डा अभी भी खुला है और उसका मलबा तक नहीं हटा है। ऐसे में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में पहली बार 350 साल पुरानी परंपरा टूटने की बातें होने लगी हैं। आचार्य रजनीकांत द्विवेदी बताते हैं कि कोविड के समय भी परंपरा नहीं टूटी थी तो इस बार कैसे टूटेगी। हमलोगों ने डीएम को पत्रक भी सौंपा है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ऐसे में अब गिने ही दिन रह गए। अगर खोदी गई सड़क सहीं नहीं हुई तो भगवान जगन्नाथ को मंदिर से कंधे पर रखकर लेकर निकला जाएगा। इसके बाद खोदी गई सड़क के आगे रथ पर सवार किया जाएगा। शहर भ्रमण के बाद फिर भगवान को कंधे पर रखकर मंदिर तक जाएंगे।
डीएम ने किया भगवान का दर्शन, बोले-दो दिन में सही करें सड़क
जौनपुर। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व रजनीश राय द्वारा नमामि गंगे योजना के तहत सिपाह से मानिक चौक होते किला रोड के तरफ कराए जा रहे निर्माणाधीन एसटीपी प्लांट और ट्रेंचलेस सीवर चैंबर का निरीक्षण किया गया। अधिशासी अभियंता उत्तर प्रदेश जल निगम निर्माण खंड एवं प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंह ने बताया कि सड़क के दोनों तरफ 10 इंच लगाई गई पाइप जो जगह-जगह खराब हो गई है, शीघ्र ठीक करा दिया जाएगा। इस पर जिलाधिकारी ने एई को रिपोर्ट लगाकर शीघ्र ठीक करने को कहा। साथ ही निर्देश दिया कि भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा प्रारंभ होने से पूर्व कार्य पूरा कर लिया जाए। प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि 2 दिन में इस रोड को चालू कर दिया जाएगा। इस दौरान जिलाधिकारी ने दुकानदारों से बात की और कहा कि नाली सफाई के बाद कूड़े को नाली में न फेंके। आप सबकी जिम्मेदारी है कि अपनी दुकान में भी डस्टबिन रखें। इसके बाद, जिलाधिकारी ने भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर के दर्शन भी किए। इसके बाद, जिलाधिकारी ने कंपोजिट विद्यालय रासमंडल (नगर क्षेत्र) का निरीक्षण किया और दिशा निर्देश दिए।
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शहर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट योजना के तहत सड़कों की खोदाई हुई है। इस कार्य में जिम्मेदारों के स्तर से जहां उदासीनता बरती गई है, वहीं कार्यदायी संस्था द्वारा मनमानी की गई। इसी का परिणाम है कि सड़कों की खोदाई करके पाइप डालने का काम पूरा नहीं हो पाया है। जिम्मेदारों की उदासीनता और कार्यदायी संस्था की मनमानी का सबसे बड़ा उदाहरण सिपाही से किला रोड़ है। जहां एक किमी सड़क पर एक साल से पाइप लाइन डालने का काम चल रहा है, जो आज तक नहीं पूरा हो सका है। हालांकि, इस समय जहां-जहां सड़कों की खोदाई हुई है, वहां-वहां बारिश होते ही पानी भर जा रहे हैं। इसे लेकर परेशानी हो रही है। वहीं, 350 सालों से निकाली जाने वाली भगवान जगन्नाथ की यात्रा को लेकर भी भक्तजन अभी से ही परेशान हैं। इसे लेकर मई माह में ही जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा से मंदिर कमेटी के सदस्य मिलकर पत्रक सौंपे थे। उनका कहना है कि डीएम ने उस समय आश्वासन दिया था कि 20-25 जून तक काम पूरा कर लिया जाएगा और आसानी से पूरी परंपरा के हिसाब से रथयात्रा निकाल सकते हैं। लेकिन अब ऐसा होता नहीं दिखाई दे रहा है, क्योंकि कार्यदायी संस्था द्वारा रथयात्रा निकालने वाले स्थान पर सड़क की खोदाई करके पाइप लाइन डाल दी गई है। गड्डा अभी भी खुला है और उसका मलबा तक नहीं हटा है। ऐसे में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में पहली बार 350 साल पुरानी परंपरा टूटने की बातें होने लगी हैं। आचार्य रजनीकांत द्विवेदी बताते हैं कि कोविड के समय भी परंपरा नहीं टूटी थी तो इस बार कैसे टूटेगी। हमलोगों ने डीएम को पत्रक भी सौंपा है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ऐसे में अब गिने ही दिन रह गए। अगर खोदी गई सड़क सहीं नहीं हुई तो भगवान जगन्नाथ को मंदिर से कंधे पर रखकर लेकर निकला जाएगा। इसके बाद खोदी गई सड़क के आगे रथ पर सवार किया जाएगा। शहर भ्रमण के बाद फिर भगवान को कंधे पर रखकर मंदिर तक जाएंगे।
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डीएम ने किया भगवान का दर्शन, बोले-दो दिन में सही करें सड़क
जौनपुर। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व रजनीश राय द्वारा नमामि गंगे योजना के तहत सिपाह से मानिक चौक होते किला रोड के तरफ कराए जा रहे निर्माणाधीन एसटीपी प्लांट और ट्रेंचलेस सीवर चैंबर का निरीक्षण किया गया। अधिशासी अभियंता उत्तर प्रदेश जल निगम निर्माण खंड एवं प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंह ने बताया कि सड़क के दोनों तरफ 10 इंच लगाई गई पाइप जो जगह-जगह खराब हो गई है, शीघ्र ठीक करा दिया जाएगा। इस पर जिलाधिकारी ने एई को रिपोर्ट लगाकर शीघ्र ठीक करने को कहा। साथ ही निर्देश दिया कि भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा प्रारंभ होने से पूर्व कार्य पूरा कर लिया जाए। प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि 2 दिन में इस रोड को चालू कर दिया जाएगा। इस दौरान जिलाधिकारी ने दुकानदारों से बात की और कहा कि नाली सफाई के बाद कूड़े को नाली में न फेंके। आप सबकी जिम्मेदारी है कि अपनी दुकान में भी डस्टबिन रखें। इसके बाद, जिलाधिकारी ने भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर के दर्शन भी किए। इसके बाद, जिलाधिकारी ने कंपोजिट विद्यालय रासमंडल (नगर क्षेत्र) का निरीक्षण किया और दिशा निर्देश दिए।
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