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Jaunpur News: अतिक्रमण से 40 वर्षों में अस्तित्व खो चुके तालाब और झीलों में कैसे आएगा पानी
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जौनपुर। जलाशयों के संरक्षण के लिए शासन समय-समय पर कवायद करता आ रहा है। एक बार फिर प्रदेश के मुखिया सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के डीएम को जलाशयों के संरक्षण के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सूखी नदियों का जीर्णोद्धार हो सकता है लेकिन पानी के वे स्रोत जो अतिक्रमण से अस्तित्व खो चुके हैं, उनका जीर्णोद्धार कैसे होगा.? क्या अधिकारियों की नाक के नीचे नदियों किनारे, तालाब और झील में बने मकान और व्यवसायिक भवनों पर कोई कार्रवाई होगी। ऐसे में सीएम के निर्देश का पालन कैसा होगा।
सीएम के निर्देश के क्रम में जौनपुर प्रशासन बदलापुर स्थित पीली नदी का जीर्णोद्धार कराएगा। हालांकि जिले में कई ऐसे तालाब और झील हैं जो अब गुजरे जमाने की बात हो गई हैं। उनकी सिर्फ चर्चाएं होती हैं। शहर में वाजिदपुर तिराहे से जेसीस चौराहे तक आज से करीब 30 से 40 वर्ष पूर्व सड़क के दोनों किनारों पर झील हुआ करती थी। प्रशासनिक अधिकारियों और कुछ सफेदपोश लोगों की मिलीभगत से अब झील का कुछ हिस्सा ही शेष बचा है। बाकी में अस्पताल, होटल, शॉपिंग मॉल, रेस्टोरेंट और पैथोलॉजी संचालित हो रही है। कार्रवाई के नाम पर इन प्रतिष्ठानों को सिर्फ नोटिस दिया जाता है जो फाइलों में दब जाती है। शहर में गोमती नदी के किनारे ग्रीन जोन में ढाई किलोमीटर में 1500 से अधिक भवन बन गए हैं। प्रशासन की ओर से इन्हें भी सिर्फ नोटिस देकर कोरम पूरा कर दिया गया है।
मड़ियाहूं की 52 बीघे की रानी झील में दो बीघे पर अतिक्रमण-मड़ियाहूं स्थित रानी झील करीब 52 बीघे में फैली है। वर्तमान समय में इस झील में दो बीघे में अतिक्रमण हो गया है। यहां धड़ल्ले से मकान बनवाए जा रहे हैं। इस झील पर जो भी अतिक्रमण हुए हैं बीते पांच वर्षों से हैं। प्रशासन को इस झील का संरक्षण करना चाहिए।
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जलालपुर में 14 बीघा का सरकारी ताल अतिक्रमण का शिकार-जलालपुर। क्षेत्र के भवनाथपुर ग्राम पंचायत के खालिसपुर कला पुरवां में करीब 14 बीघा का सरकारी ताल है। इस जमीन पर गांव के लोगों ने कब्जा कर लिया है। इसकी शिकायत ग्राम पंचायत की ओर से केराकत तहसील में की गई थी। इसे संज्ञान में लेकर एसडीएम केराकत के निर्देश पर तहसीलदार केराकत जयराम मौर्य ने प्रकरण की विधिवत जांच कर रिपोर्ट प्रशासन को दी।
वाजिदपुर से जेसीस तक सड़क के दोनों किनारों पर स्थित जमीन पर रेवेन्यू रिकार्ड में झील नहीं है। 1972 में सड़क निर्माण के दौरान दोनों ओर से मिट्टी निकाली गई थी जिससे दोनों ओर गड्ढे हो गए। फिर बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर गया। इसे ही लोग झील का नाम देते हैं जबकि जमीन भूमिधरी की है। - इंद्रनंदन सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
जिले भर की झील, तालाब और नदियों किनारे के अतिक्रमण को तहसील स्तर से चिह्नित कराया जा रहा है। जल्द ही यह काम पूरा हो जाएगा। जो भी अतिक्रमण है उसे खाली करा कर नदियों, तालाबों और झीलों आ जीर्णोद्धार किया जाएगा। - अजय कुमार अंबष्ट, मुख्य राजस्व अधिकारी, जौनपुर
तहसील - तालाबों की संख्या - झील की संख्या
सदर - 1632 - 0
मड़ियाहूं - 2167 - 0
मछलीशहर - 685 - 0
शाहगंज - 2005 - 0
केराकत - 987 - 0
बदलापुर - 1047 - 2
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सीएम के निर्देश के क्रम में जौनपुर प्रशासन बदलापुर स्थित पीली नदी का जीर्णोद्धार कराएगा। हालांकि जिले में कई ऐसे तालाब और झील हैं जो अब गुजरे जमाने की बात हो गई हैं। उनकी सिर्फ चर्चाएं होती हैं। शहर में वाजिदपुर तिराहे से जेसीस चौराहे तक आज से करीब 30 से 40 वर्ष पूर्व सड़क के दोनों किनारों पर झील हुआ करती थी। प्रशासनिक अधिकारियों और कुछ सफेदपोश लोगों की मिलीभगत से अब झील का कुछ हिस्सा ही शेष बचा है। बाकी में अस्पताल, होटल, शॉपिंग मॉल, रेस्टोरेंट और पैथोलॉजी संचालित हो रही है। कार्रवाई के नाम पर इन प्रतिष्ठानों को सिर्फ नोटिस दिया जाता है जो फाइलों में दब जाती है। शहर में गोमती नदी के किनारे ग्रीन जोन में ढाई किलोमीटर में 1500 से अधिक भवन बन गए हैं। प्रशासन की ओर से इन्हें भी सिर्फ नोटिस देकर कोरम पूरा कर दिया गया है।
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मड़ियाहूं की 52 बीघे की रानी झील में दो बीघे पर अतिक्रमण-मड़ियाहूं स्थित रानी झील करीब 52 बीघे में फैली है। वर्तमान समय में इस झील में दो बीघे में अतिक्रमण हो गया है। यहां धड़ल्ले से मकान बनवाए जा रहे हैं। इस झील पर जो भी अतिक्रमण हुए हैं बीते पांच वर्षों से हैं। प्रशासन को इस झील का संरक्षण करना चाहिए।
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जलालपुर में 14 बीघा का सरकारी ताल अतिक्रमण का शिकार-जलालपुर। क्षेत्र के भवनाथपुर ग्राम पंचायत के खालिसपुर कला पुरवां में करीब 14 बीघा का सरकारी ताल है। इस जमीन पर गांव के लोगों ने कब्जा कर लिया है। इसकी शिकायत ग्राम पंचायत की ओर से केराकत तहसील में की गई थी। इसे संज्ञान में लेकर एसडीएम केराकत के निर्देश पर तहसीलदार केराकत जयराम मौर्य ने प्रकरण की विधिवत जांच कर रिपोर्ट प्रशासन को दी।
वाजिदपुर से जेसीस तक सड़क के दोनों किनारों पर स्थित जमीन पर रेवेन्यू रिकार्ड में झील नहीं है। 1972 में सड़क निर्माण के दौरान दोनों ओर से मिट्टी निकाली गई थी जिससे दोनों ओर गड्ढे हो गए। फिर बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर गया। इसे ही लोग झील का नाम देते हैं जबकि जमीन भूमिधरी की है। - इंद्रनंदन सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
जिले भर की झील, तालाब और नदियों किनारे के अतिक्रमण को तहसील स्तर से चिह्नित कराया जा रहा है। जल्द ही यह काम पूरा हो जाएगा। जो भी अतिक्रमण है उसे खाली करा कर नदियों, तालाबों और झीलों आ जीर्णोद्धार किया जाएगा। - अजय कुमार अंबष्ट, मुख्य राजस्व अधिकारी, जौनपुर
तहसील - तालाबों की संख्या - झील की संख्या
सदर - 1632 - 0
मड़ियाहूं - 2167 - 0
मछलीशहर - 685 - 0
शाहगंज - 2005 - 0
केराकत - 987 - 0
बदलापुर - 1047 - 2