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महिलाओं के लिए बना डेस्क, खुद मांग रहा हेल्प...
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जौनपुर। थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित जरूर कर दिए गए हैं लेकिन जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए महिला हेल्प डेस्क की परिकल्पना की गई है उस उद्देश्य की पूर्ति अभी भी नहीं हो पा रही है। अधिकतर थानों में खुले में महिला हेल्प डेस्क स्थापित किया गया है या फिर ऐसे स्थान पर इस डेस्क को बनाया गया है जहां पुरुषों की भी पहुंच है, जबकि थानों में इसे अलग कमरे में स्थापित करने का निर्देश है ताकि महिलाएं अपनी समस्या को बिना किसी संकोच के महिला अधिकारी के सामने कह सकें। यहां तक कि पुरुष फरियादी भी महिला हेल्प डेस्क पर पहुंचकर अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। रविवार को जिले के विभिन्न थानों में स्थापित महिला हेल्प डेस्क की पड़ताल में ऐसा ही कुछ नजारा देखने को मिला।
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थाना बक्शा: बरामदे में चल रहा हेल्प डेस्क
बक्शा थाने में उप निरीक्षक आवास के बाहर बरामदे में महिला हेल्प डेस्क स्थापित है। हेल्प डेस्क से होकर ही उप निरीक्षक के अवास में लोगों का आना जाना होता है। दोपहर सवा दो बजे महिला हेल्प डेस्क प्रभारी संजीवनी त्रिपाठी के पास कुल्हनामऊ गांव की हीरामती पहुंची। उन्होंने शिकायत की कि पड़ोसी आबादी की भूमि को लेकर अक्सर गाली गलौज करते हैं। विरोध करने पर मारपीट पर आमादा होते हैं। उसी वक्त टिकरी गांव की रिंकी यादव पहुंची उन्होंने में भी जमीनी विवाद को लेकर पड़ोसी पर मारपीट का आरोप लगाया। दोनों ही मामलों के निस्तारण के लिए हल्के के दरोगा को दे दिया।
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शाहगंज: थाने के गेट पर डेस्क, आते-जाते रहते हैं पुरुष
शाहगंज कोतवाली में महिला हेल्प डेस्क को थाने के प्रवेश द्वार पर खुले में ही स्थापित कर दिया गया है। गेट पर ही कुर्सी और मेज रखकर महिलाओं की समस्या सुनी जा रही है। प्रवेश द्वार से हमेशा पुरुष फरियादी या पुरुष आरक्षियों का आना जाना लगा रहता है। जिससे महिलाएं चाहते हुए भी खुलकर अपनी बात महिला अधिकारी के सामने नहीं कह पातीं। रविवार को दोपहर 2:10 बजे सबरहद गांव की महिला ने बच्चों के विवाद में हुई मारपीट का मामला लेकर पहुंची। जिम्मेदार जानकारी ले रहे थे। इसी बीच कस्बे की महिला जमीन के विवाद का मामला लेकर न्याय मांगने पहुंची। दोनों मामलों में महिला आरक्षी दूसरे पक्ष को बुलाने के लिए संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो सका। एसआई किरन मिश्रा ने बताया कि थाने में कमरे की कोई व्यवस्था न होने से हेल्प डेस्क को बाहर ही बना दिया गया है। जल्द ही केबिन की व्यवस्था की जाएगी।
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बदलापुर: महिलाओं का डेस्क, पुरुषों की सुनी जाती है फरियाद
बदलापुर में महिला हेल्प डेस्क के लिए कोई अलग कमरा नहीं है। बरामदे में ही हेल्प डेस्क स्थापित है। यहां पुरुष फरियादी भी महिला हेल्प डेस्क पर ही अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं। थाने में आने वाले हर फरियादी को महिला हेल्प डेस्क पर ही भेज दिया जाता है। दोपहर करीब 3 बजे मछलीगांव निवासी देवी प्रसाद जमीन विवाद से संबंधित शिकायत लेकर थाने पहुंचे तयो पहरे पर ड्यूटी कर रहे सिपाही ने उन्हें महिला हेल्प डेस्क की तफ इशारा करते हुए भेज दिया। जहां फरियाद सुनने बैठी महिला हेल्प डेस्क की प्रभारी ऊषा देवी ने उनकी समस्या सनी और इलाके के सिपाही को उनका प्रार्थना पत्र देते हुए दूसरे पक्ष को बुलाकर कोतवाली प्रभारी के सामने पेश करने को कहा। कस्बे के पुरानी बाजार निवासी मोहम्मद हारुन ने भी जमीनी विवाद की शिकायत लेकर थाने पहुंचे तो उन्हें भी महिला हेल्प डेस्क पर भेज दिया गया। महिला हेल्प डेस्क प्रभारी ने उनका भी प्रार्थना पत्र लिया और हलका सिपाही को दे दिया। प्रभारी निरीक्षक देवीवर शुक्ला का कहना है कि पुरुष भी महिला हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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शहर कोतवाली: घर के सामने थूकते हैं पड़ोसी, महिला पहुंची थाने
शहर कोतवाली में महिला हेल्प डेस्क अलग कमरे में स्थापित है। रविवार को दोपहर करीब 2.45 बजे महिला हेल्प डेस्क प्रभारी प्रियंका डेस्क पर मौजूद थीं। तभी हनुमान घाट निवासी चंदा सोनी पत्नी रामकुमार थाने पहुंची। महिला को देखते ही गेट पर मौजूद सिपाही ने उसे महिला हेल्प डेस्क पर भेज दिया। प्रियंका ने पहले चंदा को कुर्सी पर बैठाया फिर उनका नाम और पता नोट करने के बाद समस्या पूछी। चंदा ने कहा कि पड़ोसी रोज उनके घर के सामने थूक देते हैं। मना करने पर मारपीट पर आमादा होते हैं। उन्होंने समस्या के निस्तारण के लिए तत्काल हलका के दरोगा को मौके पर भेजा। कोतवाली प्रभारी संजीव मिश्र ने बताया कि दरोगा मौके पर गए तो पता चला कि चाचा भतीजे का आपसी विवाद है। दरोगा ने आगे से ऐसा विवाद न करने की हिदायत देते हुए दोनों के बीच मौके पर ही सुलह समझौता करा दिया।
महिला हेल्प डेस्क वाली खबर में एएसपी सिटी का वर्जन
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सीमित संसाधनों में ही व्यवस्था करनी है। कई थानों में महिला हेल्प डेस्क के लिए अलग केबिन बना दी गई है। जिन थानों में अभी केबिन की व्यवस्था नहीं हो सकी है वहां भी इंतजाम किया जा रहा है। रही बात महिला हेल्प डेस्क पर पुरुष फरियादियों की समस्या सुनने की तो ऐसी व्यवस्था नहीं है।
डॉ संजय कुमार
एएसपी सिटी
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थाना बक्शा: बरामदे में चल रहा हेल्प डेस्क
बक्शा थाने में उप निरीक्षक आवास के बाहर बरामदे में महिला हेल्प डेस्क स्थापित है। हेल्प डेस्क से होकर ही उप निरीक्षक के अवास में लोगों का आना जाना होता है। दोपहर सवा दो बजे महिला हेल्प डेस्क प्रभारी संजीवनी त्रिपाठी के पास कुल्हनामऊ गांव की हीरामती पहुंची। उन्होंने शिकायत की कि पड़ोसी आबादी की भूमि को लेकर अक्सर गाली गलौज करते हैं। विरोध करने पर मारपीट पर आमादा होते हैं। उसी वक्त टिकरी गांव की रिंकी यादव पहुंची उन्होंने में भी जमीनी विवाद को लेकर पड़ोसी पर मारपीट का आरोप लगाया। दोनों ही मामलों के निस्तारण के लिए हल्के के दरोगा को दे दिया।
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शाहगंज: थाने के गेट पर डेस्क, आते-जाते रहते हैं पुरुष
शाहगंज कोतवाली में महिला हेल्प डेस्क को थाने के प्रवेश द्वार पर खुले में ही स्थापित कर दिया गया है। गेट पर ही कुर्सी और मेज रखकर महिलाओं की समस्या सुनी जा रही है। प्रवेश द्वार से हमेशा पुरुष फरियादी या पुरुष आरक्षियों का आना जाना लगा रहता है। जिससे महिलाएं चाहते हुए भी खुलकर अपनी बात महिला अधिकारी के सामने नहीं कह पातीं। रविवार को दोपहर 2:10 बजे सबरहद गांव की महिला ने बच्चों के विवाद में हुई मारपीट का मामला लेकर पहुंची। जिम्मेदार जानकारी ले रहे थे। इसी बीच कस्बे की महिला जमीन के विवाद का मामला लेकर न्याय मांगने पहुंची। दोनों मामलों में महिला आरक्षी दूसरे पक्ष को बुलाने के लिए संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो सका। एसआई किरन मिश्रा ने बताया कि थाने में कमरे की कोई व्यवस्था न होने से हेल्प डेस्क को बाहर ही बना दिया गया है। जल्द ही केबिन की व्यवस्था की जाएगी।
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बदलापुर: महिलाओं का डेस्क, पुरुषों की सुनी जाती है फरियाद
बदलापुर में महिला हेल्प डेस्क के लिए कोई अलग कमरा नहीं है। बरामदे में ही हेल्प डेस्क स्थापित है। यहां पुरुष फरियादी भी महिला हेल्प डेस्क पर ही अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं। थाने में आने वाले हर फरियादी को महिला हेल्प डेस्क पर ही भेज दिया जाता है। दोपहर करीब 3 बजे मछलीगांव निवासी देवी प्रसाद जमीन विवाद से संबंधित शिकायत लेकर थाने पहुंचे तयो पहरे पर ड्यूटी कर रहे सिपाही ने उन्हें महिला हेल्प डेस्क की तफ इशारा करते हुए भेज दिया। जहां फरियाद सुनने बैठी महिला हेल्प डेस्क की प्रभारी ऊषा देवी ने उनकी समस्या सनी और इलाके के सिपाही को उनका प्रार्थना पत्र देते हुए दूसरे पक्ष को बुलाकर कोतवाली प्रभारी के सामने पेश करने को कहा। कस्बे के पुरानी बाजार निवासी मोहम्मद हारुन ने भी जमीनी विवाद की शिकायत लेकर थाने पहुंचे तो उन्हें भी महिला हेल्प डेस्क पर भेज दिया गया। महिला हेल्प डेस्क प्रभारी ने उनका भी प्रार्थना पत्र लिया और हलका सिपाही को दे दिया। प्रभारी निरीक्षक देवीवर शुक्ला का कहना है कि पुरुष भी महिला हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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शहर कोतवाली: घर के सामने थूकते हैं पड़ोसी, महिला पहुंची थाने
शहर कोतवाली में महिला हेल्प डेस्क अलग कमरे में स्थापित है। रविवार को दोपहर करीब 2.45 बजे महिला हेल्प डेस्क प्रभारी प्रियंका डेस्क पर मौजूद थीं। तभी हनुमान घाट निवासी चंदा सोनी पत्नी रामकुमार थाने पहुंची। महिला को देखते ही गेट पर मौजूद सिपाही ने उसे महिला हेल्प डेस्क पर भेज दिया। प्रियंका ने पहले चंदा को कुर्सी पर बैठाया फिर उनका नाम और पता नोट करने के बाद समस्या पूछी। चंदा ने कहा कि पड़ोसी रोज उनके घर के सामने थूक देते हैं। मना करने पर मारपीट पर आमादा होते हैं। उन्होंने समस्या के निस्तारण के लिए तत्काल हलका के दरोगा को मौके पर भेजा। कोतवाली प्रभारी संजीव मिश्र ने बताया कि दरोगा मौके पर गए तो पता चला कि चाचा भतीजे का आपसी विवाद है। दरोगा ने आगे से ऐसा विवाद न करने की हिदायत देते हुए दोनों के बीच मौके पर ही सुलह समझौता करा दिया।
महिला हेल्प डेस्क वाली खबर में एएसपी सिटी का वर्जन
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सीमित संसाधनों में ही व्यवस्था करनी है। कई थानों में महिला हेल्प डेस्क के लिए अलग केबिन बना दी गई है। जिन थानों में अभी केबिन की व्यवस्था नहीं हो सकी है वहां भी इंतजाम किया जा रहा है। रही बात महिला हेल्प डेस्क पर पुरुष फरियादियों की समस्या सुनने की तो ऐसी व्यवस्था नहीं है।
डॉ संजय कुमार
एएसपी सिटी