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जली होलिका, अबीर और गुलाल में सराबोर हुए होरियार
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जौनपुर। होरियारों की टोली ने ढोल मजीरे और नगाड़े पर थाप दी तो गली कूचे में भी जोगीरा की धुन गूंज उठी। दिन चढ़ने के साथ ही होरियारों में होली का उल्लास और रंग चढ़ता गया । शुभ मुहूर्त में विधि विधान से होलिका दहन हुआ तो पूरा इलाका जोगीरा से गूंज उठा। उत्साही युवाओं ने खूब अबीर और गुलाल उड़ाए। लोगों ने एक दूसरे को होली की बधाई दी। रविवार को सुबह से ही होरियार घरों से निकलकर गलियों में घूमने लगे थे। सड़क और चौराहे तिहारों पर होलिका जलाने के लिए लकड़ियों का अंबार लगाने का काम शुरू हो गया। चमकीली पन्नियों और अबीर गुलाल से रंगोली बनाकर होलिका को सजाया गया। शहर में चंदा के लिए ढोल, नगाड़े के साथ दुकानों और घरों से मनुहार की गई। दोपहर बाद जैसे जैसे सूरज ढलता गया वैसे वैसे फागुन का मिजाज भी नजर आने लगा। एक दूसरे को होली की शुभकामनाए देने का अंदाज भी रंगीला होता गया। कहीं ठंडई तो कहीं रंग भंग की तरंग में गोते लगाते होरियारों की टोली होलिका के पास जुटने लगी। मुहूर्त होने पर विधिविधान से होलिका दहन किया गया। इसके साथ ही सुख समृद्धि के साथ होलिका के फेरे भी लगाए गए। शहर के वाजिदपुर तिराहा, राशमंडल, राजा साहब तालाब, नईगंज, पुरानी बाजार समेत जिले में 3006 स्थानों पर होलिका दहन किया गया।
देखते ही देखते बढ़ गया होलिका का आकार
जौनपुर। होलिका दहन स्थल पर बसंत पंचमी के दिन सिर्फ एक रेड़ की टहनी गाड़ी गई थी। होलिका दहन के दिन देखते ही देखते होलिका दहन स्थल पर लकड़ियों का इतना अंबार लग गया कि होलिका का आकार विशाल हो गया। कई स्थानों पर उत्साही युवाओं ने होलिका दहन स्थल पर भक्त प्रहलाद की तस्वीर भी लगाई थी। रंगोली और चमकीली पन्नियों से होलिका दहन स्थल को आकर्षक बनाया गया था।
कड़ी सुरक्षा में 3006 स्थानों हुआ होलिका दहन
जौनपुर। जिले में शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक 3006 स्थानों पर होलिका दहन हुआ। होलिका दहन समितियों के लोग सुबह से ही तैयारी में जुट गए थे। सुरक्षा के लिहाज से सभी होलिका दहन स्थलों पर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पहले से की गई थी। संवेदन और अति संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई थी। लेखपाल और चौकीदारों के अलावा होलिका दहन कमेटी के लोगों ने भी होलिका दहन के बाद संबंधित थाना और एसडीएम को होलिका दहन सकुशल सम्पन्न होने की सूचना दी गई। थानाध्यक्ष भी अपने अपने इलाकों में पुलिस बल के साथ देर रात तक भ्रमण करते रहे। होलिका दहन और शबेबरात एक दिन होने के कारण मिश्रित आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा के लिए पुलिस की ओर से विशेष निगरानी बरती गई। एसपी राजकरन नय्यर का कहना है कि अगर कहीं कोई शरारती तत्व शांति व्यवस्था में खलल डालने की कोशिश की तो उसके साथ सख्ती से निबटा जाएगा।
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देखते ही देखते बढ़ गया होलिका का आकार
जौनपुर। होलिका दहन स्थल पर बसंत पंचमी के दिन सिर्फ एक रेड़ की टहनी गाड़ी गई थी। होलिका दहन के दिन देखते ही देखते होलिका दहन स्थल पर लकड़ियों का इतना अंबार लग गया कि होलिका का आकार विशाल हो गया। कई स्थानों पर उत्साही युवाओं ने होलिका दहन स्थल पर भक्त प्रहलाद की तस्वीर भी लगाई थी। रंगोली और चमकीली पन्नियों से होलिका दहन स्थल को आकर्षक बनाया गया था।
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कड़ी सुरक्षा में 3006 स्थानों हुआ होलिका दहन
जौनपुर। जिले में शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक 3006 स्थानों पर होलिका दहन हुआ। होलिका दहन समितियों के लोग सुबह से ही तैयारी में जुट गए थे। सुरक्षा के लिहाज से सभी होलिका दहन स्थलों पर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पहले से की गई थी। संवेदन और अति संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई थी। लेखपाल और चौकीदारों के अलावा होलिका दहन कमेटी के लोगों ने भी होलिका दहन के बाद संबंधित थाना और एसडीएम को होलिका दहन सकुशल सम्पन्न होने की सूचना दी गई। थानाध्यक्ष भी अपने अपने इलाकों में पुलिस बल के साथ देर रात तक भ्रमण करते रहे। होलिका दहन और शबेबरात एक दिन होने के कारण मिश्रित आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा के लिए पुलिस की ओर से विशेष निगरानी बरती गई। एसपी राजकरन नय्यर का कहना है कि अगर कहीं कोई शरारती तत्व शांति व्यवस्था में खलल डालने की कोशिश की तो उसके साथ सख्ती से निबटा जाएगा।
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