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ई-केवाईसी कराएं, तभी मिलेगी सम्मान निधि की 10वीं किस्त
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जौनपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 10 वीं किस्त का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को ई-केवाईसी (इलेक्ट्रानिक नो योर कस्टमर) कराना पड़ेगा। बिना ई-केवाईसी कराए लाभार्थियों को योजना के तहत 10वीं किस्त का लाभ नहीं मिलेगा। इस किस्त का लाभ तब तक नहीं मिलेगा, जब तक वे ई-केवाईसी नहीं कराएंगे। इसलिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य हैं।
किसानों को खेती किसानी करने में दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का संचालन किया गया है। इसके तहत किसानों को एक साल में तीन किस्तों में कुल छह हजार रुपया दिया जाता है, जिससे किसान खेती किसानी का काम आसानी से करते हैं। इसके क्रम में जिले में किसानों को इस योजना का लाभ देने का कार्य किया जा रहा है। इस योजना का लाभ कुल सात लाख 93 हजार किसानों को दिया जा रहा है, जबकि जिले में कुल आठ लाख 17 हजार किसान है। इन किसान लाभार्थियों को योजना के तहत 10 वीं किस्त लाभ देने के लिए सरकार ने ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया है, जिसके कराने के बाद ही किसानों को 10वीं किस्त देने का फरमान जारी किया गया है। ऐसा नहीं करने वाले किसानों को तभी 10वीं किस्त नहीं मिलेगी। इसके लिए लाभार्थी किसानों को सबसे पहले पीएम किसान की वेबसाइट एचटीटीपीएस ://पीएम किसान डाट जीओवी डाट इन पर जाना होगा। इसके बाद, दायीं तरफ होम पेज के नीचे फार्मर्स कॉर्नर दिखाई देगा, जिसके ठीक नीचे एक बॉक्स है, जिसमें ई-केवाईसी का उल्लेख है। जिसे भरने के बाद मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त कर पोर्टल में अंकित कर ई-केवाईसी किया जा सकता है।
मोबाइल, लैपटाप सहित जनसेवा केंद्र से होगा ई-केवाईसी
जौनपुर। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ पा रहे किसान स्वयं ई-केवाईसी कर सकते हैं। वे अपने एंड्रायड मोबाइल फोन और लैपटाप से ई-केवाईसी कर सकते हैं। जिन लाभार्थियों के पास यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। वह जनसेवा केंद्र और लोकवाणी केंद्र के माध्यम से अपना ई-केवाईसी करा सकते हैं।
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पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ पाने वाले किसानों को 10वीं किस्त का लाभ तभी मिलेगा, जब वह ई-केवाईसी कराएंगे। ई-केवाईसी कराने वाले लाभार्थियों के ही खाते में 10वीं किस्त की धनराशि सरकार की ओर से भेजी जाएगी। योजना का लाभ पा रहे सभी किसान लाभार्थी अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी करा लें, जिससे उनको 10वीं किस्त का लाभ मिल सके। - जयप्रकाश, उप कृषि निदेशक
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किसानों को खेती किसानी करने में दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का संचालन किया गया है। इसके तहत किसानों को एक साल में तीन किस्तों में कुल छह हजार रुपया दिया जाता है, जिससे किसान खेती किसानी का काम आसानी से करते हैं। इसके क्रम में जिले में किसानों को इस योजना का लाभ देने का कार्य किया जा रहा है। इस योजना का लाभ कुल सात लाख 93 हजार किसानों को दिया जा रहा है, जबकि जिले में कुल आठ लाख 17 हजार किसान है। इन किसान लाभार्थियों को योजना के तहत 10 वीं किस्त लाभ देने के लिए सरकार ने ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया है, जिसके कराने के बाद ही किसानों को 10वीं किस्त देने का फरमान जारी किया गया है। ऐसा नहीं करने वाले किसानों को तभी 10वीं किस्त नहीं मिलेगी। इसके लिए लाभार्थी किसानों को सबसे पहले पीएम किसान की वेबसाइट एचटीटीपीएस ://पीएम किसान डाट जीओवी डाट इन पर जाना होगा। इसके बाद, दायीं तरफ होम पेज के नीचे फार्मर्स कॉर्नर दिखाई देगा, जिसके ठीक नीचे एक बॉक्स है, जिसमें ई-केवाईसी का उल्लेख है। जिसे भरने के बाद मोबाइल पर ओटीपी प्राप्त कर पोर्टल में अंकित कर ई-केवाईसी किया जा सकता है।
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मोबाइल, लैपटाप सहित जनसेवा केंद्र से होगा ई-केवाईसी
जौनपुर। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ पा रहे किसान स्वयं ई-केवाईसी कर सकते हैं। वे अपने एंड्रायड मोबाइल फोन और लैपटाप से ई-केवाईसी कर सकते हैं। जिन लाभार्थियों के पास यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। वह जनसेवा केंद्र और लोकवाणी केंद्र के माध्यम से अपना ई-केवाईसी करा सकते हैं।
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पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ पाने वाले किसानों को 10वीं किस्त का लाभ तभी मिलेगा, जब वह ई-केवाईसी कराएंगे। ई-केवाईसी कराने वाले लाभार्थियों के ही खाते में 10वीं किस्त की धनराशि सरकार की ओर से भेजी जाएगी। योजना का लाभ पा रहे सभी किसान लाभार्थी अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी करा लें, जिससे उनको 10वीं किस्त का लाभ मिल सके। - जयप्रकाश, उप कृषि निदेशक