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संघर्ष के दिनों के साथी रहे पारसनाथ यादव: शिवपाल
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05- मल्हनी विधायक व पूर्व मंत्री स्व पारसनाथ यादव की तेरहवीं में शामिल होने पंहुचे प्रगतीशील समाज?
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि पारसनाथ यादव उनके संघर्ष के दिनों के साथी रहे हैं। समाजवादी आंदोलन में उनके संघर्षों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके निधन से पूरे समाज की अपूर्णीय क्षति हुई है। कोरोना संक्रमण का हवाला देते हुए वह मीडिया से दूरी बनाए रहे और किसी भी राजनीतिक मसले पर कोई टिप्पणी करने से इंकार किया।
वह बुधवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं मल्हनी के विधायक रहे पारसनाथ यादव की तेरहवीं के मौके पर उनके पचहटिया सिपाह स्थित कोल्ड स्टोरेज परिसर में आयोजित ब्रह्मभोज में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने पारसनाथ के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। शिवपाल ने पारसनाथ के पुत्र लकी यादव, ओम प्रकाश यादव, वेद वेद प्रकाश यादव और बहू पुष्पा यादव, अर्चना यादव को ढांढस बंधाया। परिवार में कौन क्या करता है इसके बारे में भी जानकारी ली। कहा कि संकट की इस घड़ी में वह इस परिवार के साथ हैं।
उन्होंने कहा कि नेता जी (मुलायम सिंह यादव) ने तमाम संघर्षों के बीच समाजवादी पार्टी का गठन किया था। संघर्ष के उस दौर में पारसनाथ नेता जी के साथ अगली पंक्ति में थे। वह सपा के संस्थापक सदस्य रहे। उनका पूरा जीवन जनता की सेवा में समर्पित रहा। जनमानस के हित के लिए अपने जुझारू तेवर के चलते उन्होंने लंबा राजनीतिक जीवन का सफर तय किया। जौनपुर के अलावा पूर्वांचल और प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी उनके चाहने वालों की लंबी फेहरिस्त है। उनके साथ प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के जिाध्यक्ष प्रभानंद यादव व पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद थे। उनके अलावा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लाललू प्रसाद यादव के साले साधु यादव, सुभाष यादव, गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी, पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, विधायक प्रभुनारायण यादव, सपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष लौटनराम निषाद, संग्राम यादव, पूर्व सांसद रामचरित्र निषाद, एमएलसी विजय यादव, राधेमोहन सिंह, सपा के इलाहाबाद के जिलाध्यक्ष कृष्णमूर्ति यादव समेत कई अन्य नेता भी उनके ब्रह्मभोज में शामिल हुए उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
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वह बुधवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं मल्हनी के विधायक रहे पारसनाथ यादव की तेरहवीं के मौके पर उनके पचहटिया सिपाह स्थित कोल्ड स्टोरेज परिसर में आयोजित ब्रह्मभोज में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने पारसनाथ के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। शिवपाल ने पारसनाथ के पुत्र लकी यादव, ओम प्रकाश यादव, वेद वेद प्रकाश यादव और बहू पुष्पा यादव, अर्चना यादव को ढांढस बंधाया। परिवार में कौन क्या करता है इसके बारे में भी जानकारी ली। कहा कि संकट की इस घड़ी में वह इस परिवार के साथ हैं।
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उन्होंने कहा कि नेता जी (मुलायम सिंह यादव) ने तमाम संघर्षों के बीच समाजवादी पार्टी का गठन किया था। संघर्ष के उस दौर में पारसनाथ नेता जी के साथ अगली पंक्ति में थे। वह सपा के संस्थापक सदस्य रहे। उनका पूरा जीवन जनता की सेवा में समर्पित रहा। जनमानस के हित के लिए अपने जुझारू तेवर के चलते उन्होंने लंबा राजनीतिक जीवन का सफर तय किया। जौनपुर के अलावा पूर्वांचल और प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी उनके चाहने वालों की लंबी फेहरिस्त है। उनके साथ प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के जिाध्यक्ष प्रभानंद यादव व पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद थे। उनके अलावा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लाललू प्रसाद यादव के साले साधु यादव, सुभाष यादव, गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी, पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, विधायक प्रभुनारायण यादव, सपा के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष लौटनराम निषाद, संग्राम यादव, पूर्व सांसद रामचरित्र निषाद, एमएलसी विजय यादव, राधेमोहन सिंह, सपा के इलाहाबाद के जिलाध्यक्ष कृष्णमूर्ति यादव समेत कई अन्य नेता भी उनके ब्रह्मभोज में शामिल हुए उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
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