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मंदिर के लिए खून से लिखेंगे पीएम को पत्र
जौनपुर ब्यूराे
Updated Sat, 06 Feb 2016 01:00 AM IST
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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एक लाख लोग अपने खून से लिखा पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भेजेंगे। निर्माण में आनेवाली बाधाओं को दूर करने के लिए देश भर के एक लाख साधु संत प्रधान मंत्री से गुहार लगाएंगे।
यह दावा जगतगुरु तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य ने किया है।गुरुवार को एक वैवाहिक समारोह में हिस्सा लेने अपने पैतृक गांव साड़ीकला, सुजानगंज आए रामभद्राचार्य ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि 6 दिसंबर 2018 तक
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का सपना पूरा करने की योजना साधु संतों ने बनाई है। निर्माण में आनेवाली बाधाओं को दूर करने की मांग को लेकर एक लाख साधु, संत पीएम मोदी को खून से पत्र लिखेंगे। इसकी योजना तैयार कर ली गई
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है। उन्होंने कहा कि अब मंदिर निर्माण का सुखद योग आ चुका है। उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु तथा रामचरित मानस को राष्ट्रीय पुस्तक घोषित करने की भी मांग सरकार से की गई है। उन्होंने कहा कि यह अजीब विडंबना है कि
हर धर्म का अनुयायी अपने धर्म का प्रचार करता है तो सांप्रदायिकता नहीं होती लेकिन हिंदू अपने धर्म का प्रचार करता है तो सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की बात कही जाती है।
मर्यादा पुरुषोत्तम राम हिंदू समाज के आदर्श रहे, हैं और रहेंगे। उनके मंदिर का निर्माण आस्था से जुड़ा है। हम संत जन अपना खून देकर मंदिर का निर्माण अवश्य करवाएंगे।
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यह दावा जगतगुरु तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य ने किया है।गुरुवार को एक वैवाहिक समारोह में हिस्सा लेने अपने पैतृक गांव साड़ीकला, सुजानगंज आए रामभद्राचार्य ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि 6 दिसंबर 2018 तक
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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का सपना पूरा करने की योजना साधु संतों ने बनाई है। निर्माण में आनेवाली बाधाओं को दूर करने की मांग को लेकर एक लाख साधु, संत पीएम मोदी को खून से पत्र लिखेंगे। इसकी योजना तैयार कर ली गई
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है। उन्होंने कहा कि अब मंदिर निर्माण का सुखद योग आ चुका है। उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु तथा रामचरित मानस को राष्ट्रीय पुस्तक घोषित करने की भी मांग सरकार से की गई है। उन्होंने कहा कि यह अजीब विडंबना है कि
हर धर्म का अनुयायी अपने धर्म का प्रचार करता है तो सांप्रदायिकता नहीं होती लेकिन हिंदू अपने धर्म का प्रचार करता है तो सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की बात कही जाती है।
मर्यादा पुरुषोत्तम राम हिंदू समाज के आदर्श रहे, हैं और रहेंगे। उनके मंदिर का निर्माण आस्था से जुड़ा है। हम संत जन अपना खून देकर मंदिर का निर्माण अवश्य करवाएंगे।