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प्रश्नपत्र में पांच विकल्प, ओएमआर शीट पर महज चार
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पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को हुई असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा के प्रश्नपत्र और ओएमआर सीट को लेकर अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया। एमबीए के कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि परीक्षा के दौरान जो प्रश्नपत्र मिला था उसमें कुछ सवालों के पांच विकल्प थे, जबकि ओएमआर सीट पर चार गोले दिए गए थे। ऐसे में कई ने कन्फ्यूजन में प्रश्न ही छोड़ दिया। परीक्षा में कुल 227 अभ्यर्थी शामिल हुए।
तीन पाली में करायी गई परीक्षा में प्रथम पाली 11 से 12 बजे तक एमबीए, मैथमेटिक्स, कंप्यूटर साइंस, रिन्यूएबल एनर्जी की हुई। दूसरी पाली की परीक्षा एक से 2 बजे तक एमबीआई, बायोटेक्नोलॉजी के लिए हुई। तीसरी पाली की परीक्षा 3 से 4 बजे तक एमएचआरडी के लिए कराई गई। आरोप है कि एमबीए वाले प्रश्नपत्र में कुछ सवालों के जवाब में पांच-पांच विकल्प दिए गए थे। जबकि ओएमआर शीट पर चार ही विकल्प थे।
इस मामले को लेकर सहायक कुलसचिव अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा नियंत्रक, कुलपति और कुलसचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन करके मामले की जांच कराई जाएगी। उधर, कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य ने पहले तो कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है, हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि ऐसे छोटे-मोटे मामले कभी-कभार हो जाते हैं। उसका निराकरण कर दिया जाएगा। परीक्षा पारदर्शी तरीके से सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में करायी गई है।
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तीन पाली में करायी गई परीक्षा में प्रथम पाली 11 से 12 बजे तक एमबीए, मैथमेटिक्स, कंप्यूटर साइंस, रिन्यूएबल एनर्जी की हुई। दूसरी पाली की परीक्षा एक से 2 बजे तक एमबीआई, बायोटेक्नोलॉजी के लिए हुई। तीसरी पाली की परीक्षा 3 से 4 बजे तक एमएचआरडी के लिए कराई गई। आरोप है कि एमबीए वाले प्रश्नपत्र में कुछ सवालों के जवाब में पांच-पांच विकल्प दिए गए थे। जबकि ओएमआर शीट पर चार ही विकल्प थे।
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इस मामले को लेकर सहायक कुलसचिव अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा नियंत्रक, कुलपति और कुलसचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन करके मामले की जांच कराई जाएगी। उधर, कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य ने पहले तो कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है, हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि ऐसे छोटे-मोटे मामले कभी-कभार हो जाते हैं। उसका निराकरण कर दिया जाएगा। परीक्षा पारदर्शी तरीके से सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में करायी गई है।
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