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वित्तीय वर्ष समाप्त, नहीं बन पाए 1079 पीएम आवास
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जौनपुर। सरकार के लाख कवायद के बाद भी वित्तीय वर्ष 2021-22 में लक्ष्य के सापेक्ष सभी लाभार्थियों को छत उपलब्ध नहीं हो पाया है। इस वित्तीय वर्ष के समाप्त होने के बाद भी अभी तक 1079 लाभार्थियों का आवास नहीं बन पाया है। वहीं, देर से लक्ष्य प्राप्त होने का कारण बताकर जिम्मेदार चुप्पी साध रहे हैं।
सरकार की ओर से गरीबों को छत उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का संचालन किया गया है। इसके तहत लाभार्थियों का चयन कर उनको योजना से लाभान्वित करने का कार्य किया जाता है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल 12933 पीएम आवास बनाए जाने थे। सरकार से लाभार्थियों की सूची आने के बाद जिम्मेदारों ने इसकी जांच की। इस दौरान 41 लाभार्थी अपात्र पाए गए। 12892 लाभार्थी पात्र पाए गए, जिनको आवास उपलब्ध कराने का कार्य शुरू किया गया। वित्तीय वर्ष समाप्त होने तक मात्र 11813 लाभार्थियों का ही आवास बन पाया है। अभी भी 1079 लाभार्थियों को आवास उपलब्ध नहीं कराया जा सका है, जो आज भी जिम्मेदारों के यहां चक्कर लगाने को विवश हैं।
सबसे अधिक महराजगंज ब्लाक में नहीं बन पाए आवास
जौनपुर। सबसे अधिक महराजगंज ब्लाक में आवास नहीं बन पाए हैं। इस दौरान महराजगंज ब्लाक में 151, मुफ्तीगंज में 108, बदलापुर में 100, करंजाकला में 83, सुजानगंज में 79, खुटहन में 55, बरसठी में 53, मडि़याहूं में 48, सिकरारा में 47, बक्शा में 46, शाहगंज में 44, डोभी में 41, सुईथाकला में 40, मछलीशहर में 32, रामनगर में 30, रामपुर में 26, केराकत में 24, जलालपुर में 10, सिरकोनी में 10, धर्मापुर में औठ और मुंगराबादशाहपुर में 2 आवास बनाया जाना शेष है।
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एक आवास बनाने के लिए मिलता है डेढ़ लाख
जौनपुर। पीएम आवास योजना के तहत एक आवास बनाने के लिए सरकार की ओर से कुल डेढ़ लाख रुपये लाभार्थी के खाते में भेजे जाते हैं। इसमें एक लाख 20 हजार रुपया आवास बनाने के लिए और 18 हजार रुपया मनरेगा के तहत दिए जाते हैं। वहीं, 12 हजार रुपया शौचालय बनवाने के लिए दिया जाता है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में लक्ष्य लेट आया था, जिससे आवास पूरे नहीं हो पाए हैं, लेकिन शीघ्र ही आवास का निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा। - अरविंद सिंह, परियोजना निदेशक, डीआरडीए
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सरकार की ओर से गरीबों को छत उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का संचालन किया गया है। इसके तहत लाभार्थियों का चयन कर उनको योजना से लाभान्वित करने का कार्य किया जाता है। इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल 12933 पीएम आवास बनाए जाने थे। सरकार से लाभार्थियों की सूची आने के बाद जिम्मेदारों ने इसकी जांच की। इस दौरान 41 लाभार्थी अपात्र पाए गए। 12892 लाभार्थी पात्र पाए गए, जिनको आवास उपलब्ध कराने का कार्य शुरू किया गया। वित्तीय वर्ष समाप्त होने तक मात्र 11813 लाभार्थियों का ही आवास बन पाया है। अभी भी 1079 लाभार्थियों को आवास उपलब्ध नहीं कराया जा सका है, जो आज भी जिम्मेदारों के यहां चक्कर लगाने को विवश हैं।
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सबसे अधिक महराजगंज ब्लाक में नहीं बन पाए आवास
जौनपुर। सबसे अधिक महराजगंज ब्लाक में आवास नहीं बन पाए हैं। इस दौरान महराजगंज ब्लाक में 151, मुफ्तीगंज में 108, बदलापुर में 100, करंजाकला में 83, सुजानगंज में 79, खुटहन में 55, बरसठी में 53, मडि़याहूं में 48, सिकरारा में 47, बक्शा में 46, शाहगंज में 44, डोभी में 41, सुईथाकला में 40, मछलीशहर में 32, रामनगर में 30, रामपुर में 26, केराकत में 24, जलालपुर में 10, सिरकोनी में 10, धर्मापुर में औठ और मुंगराबादशाहपुर में 2 आवास बनाया जाना शेष है।
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एक आवास बनाने के लिए मिलता है डेढ़ लाख
जौनपुर। पीएम आवास योजना के तहत एक आवास बनाने के लिए सरकार की ओर से कुल डेढ़ लाख रुपये लाभार्थी के खाते में भेजे जाते हैं। इसमें एक लाख 20 हजार रुपया आवास बनाने के लिए और 18 हजार रुपया मनरेगा के तहत दिए जाते हैं। वहीं, 12 हजार रुपया शौचालय बनवाने के लिए दिया जाता है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 में लक्ष्य लेट आया था, जिससे आवास पूरे नहीं हो पाए हैं, लेकिन शीघ्र ही आवास का निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाएगा। - अरविंद सिंह, परियोजना निदेशक, डीआरडीए