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मुआवजे के लिए लामबंद हुए किसान और व्यापारी
ब्यूरो,अमर उजाला/जौनपुर
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:46 PM IST
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किसानों का प्रदर्शन
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वाराणसी-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाने के लिए अधिग्रहण की गई भूमि के मुआवजे की मांग के लेकर किसान और व्यापारी लामबंद हो गए हैं। रेहटी त्रिलोचन बाईपास के निर्माण कार्य रोकने के बाद रविवार को किसान और व्यापारियों ने किसान न्याय मोर्चा के बैनर तले पद यात्रा निकाली। पद यात्रा में त्रिलोचन और जलालपुर के व्यापारियों के अलावा कई गांवों से भारी संख्या में किसान शामिल हुए। किसानों ने चेतावनी दी कि जबतक उन्हें मुआवजा नहीं दिया जाएगा वे बाईपास निर्माण हरगिज नहीं होने देंगे।
रविवार को दोपहर में किसान न्याय मोर्चा के प्रदेश संयोजक महेंद्र प्रसाद व राजेश पटेल की अगुवाई में जलालपुर बाईपास से निकली पद यात्रा रेहटी, छतरीपुर समेत दर्जनों गांवों से होकर त्रिलोचन बाजार में सम्पन्न हुई। पद यात्रा में शामिल किसान जमीन के बदले मुआवजे की मांग कर रहे थे।
किसानों का कहना था कि वे बिना मुआवजा लिए जमीन नहीं छोड़ेंगे। हाईवे निर्माण कार्य किसी भी कीमत पर न होने देने की चेतावनी भी दी। किसानों ने बाईपास का निर्माण कार्य पहले ही रोक दिया है।
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यहां निर्माण में लगी जेसीबी मशीन समेत श्रमिकों को यहां से भगा दिया। किसानों का कहना है कि हाईवे हाईवे का निर्माण करने वाली कंपनी मुआवजा वितरण में अनियमितता बरती है। किसानों की मांग है कि धारा 43 के तहत जिले में नोडल अधिकारी की तैनाती की जाए।
और जिले में प्राधिकरण का गठन किया जाए। प्रभावित किसानों व व्यापारियों एवं परिवार वालों को धारा (31)1 अधिनियम2013 के तहत 5 लाख का तत्काल राहत पैकेज दिया जाए। भूमि का सीमांकन किया जाए और प्रभावित परिसंपत्तियों का मूल्यांकन कर ओवर ब्रिज जल निकासी, अंडर पास की व्यवस्था की जाए। पुरानी सड़कों को बाधित न किया जाय। पद यात्रा में ग्राम प्रधान राजेश मिश्र, छत्रपाल सिंह, संजीव कनौजिया, संतोष मिश्रा, प्रभाकर सिंह, राजेश मिश्रा, मो. मुस्तफा, राजनाथ मौर्य, मेवालाल यादव, रामपलट, शंभूनाथ यादव, जगरदेव यादव समेत सैकड़ों की संख्या में किसान और व्यापारी शामिल थे।
रविवार को दोपहर में किसान न्याय मोर्चा के प्रदेश संयोजक महेंद्र प्रसाद व राजेश पटेल की अगुवाई में जलालपुर बाईपास से निकली पद यात्रा रेहटी, छतरीपुर समेत दर्जनों गांवों से होकर त्रिलोचन बाजार में सम्पन्न हुई। पद यात्रा में शामिल किसान जमीन के बदले मुआवजे की मांग कर रहे थे।
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किसानों का कहना था कि वे बिना मुआवजा लिए जमीन नहीं छोड़ेंगे। हाईवे निर्माण कार्य किसी भी कीमत पर न होने देने की चेतावनी भी दी। किसानों ने बाईपास का निर्माण कार्य पहले ही रोक दिया है।
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यहां निर्माण में लगी जेसीबी मशीन समेत श्रमिकों को यहां से भगा दिया। किसानों का कहना है कि हाईवे हाईवे का निर्माण करने वाली कंपनी मुआवजा वितरण में अनियमितता बरती है। किसानों की मांग है कि धारा 43 के तहत जिले में नोडल अधिकारी की तैनाती की जाए।
और जिले में प्राधिकरण का गठन किया जाए। प्रभावित किसानों व व्यापारियों एवं परिवार वालों को धारा (31)1 अधिनियम2013 के तहत 5 लाख का तत्काल राहत पैकेज दिया जाए। भूमि का सीमांकन किया जाए और प्रभावित परिसंपत्तियों का मूल्यांकन कर ओवर ब्रिज जल निकासी, अंडर पास की व्यवस्था की जाए। पुरानी सड़कों को बाधित न किया जाय। पद यात्रा में ग्राम प्रधान राजेश मिश्र, छत्रपाल सिंह, संजीव कनौजिया, संतोष मिश्रा, प्रभाकर सिंह, राजेश मिश्रा, मो. मुस्तफा, राजनाथ मौर्य, मेवालाल यादव, रामपलट, शंभूनाथ यादव, जगरदेव यादव समेत सैकड़ों की संख्या में किसान और व्यापारी शामिल थे।