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अतिक्रमण ने घोंटा सड़कों का गला, हुईं संकरी
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ोतवाली के पास सड़क पर दुकानें लगाकर किया गया अतिक्रमण। संवाद
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। सरकारी भूमि और सड़कों से अतिक्रमण हटाने के लिए मुख्यमंत्री भले ही सख्त हों, मगर इसे लेकर अफसरों का रवैया बेहद सुस्त है। उन्हें कहीं भी अतिक्रमण नहीं दिख रहा है तभी तो खुलेआम सड़कों पर कब्जे के बाद भी कहीं कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। शहर की सभी प्रमुख सड़कें अतिक्रमण से कराह रहीं हैं। कहीं पटरियों पर दुकान सज रही है तो कहीं सड़क पर ही वाहन खड़े हैं। अतिक्रमण की वजह से ही शहर में जाम की समस्या नासूर बन चुकी है। हालांकि अब एक बार फिर सीएम के निर्देशों के बाद कुछ हद तक इस दिशा में काम होने की लोगों में उम्मीद बंधी है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में सभी अफसरों को अपने क्षेत्र में अतिक्रमण पर सख्ती से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। शहर की सबसे बड़ी समस्या जाम की यही वजह होने के बाद भी अफसर शांत बैठे हैं। पॉलीटेक्निक चौराहे से लेकर कुत्तुपुर चौराहे तक और सिपाह से वाजिदपुर तक हर सड़क पर अतिक्रमण की भरमार हैं। इसके चलते शहर की चौड़ी सड़कें भी संकरी नजर आती हैं। पॉलीटेक्निक से रुहट्टा की ओर बढ़ने पर सड़क पर दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही के लिए पर्याप्त जगह है, लेकिन अतिक्रमण के चलते दिन में यहां एक वाहन की जगह रह जाती है। इसी तरह जेसीज चौराहे से ओलंदगंज की तरफ बढ़ने पर सड़क के दोनों तरफ पटरियां दिन में नजर ही नहीं आतीं, जबकि रात के वक्त यहां दो बड़े वाहनों के आने-जाने की पर्याप्त जगह है। चहारसू से कोतवाली होते हुए शकरमंडी को जाने वाली सड़क भी अतिक्रमण के कारण सिकुड़ी हुई तो कोतवाली चौराहे के पास बीच सड़क ही वाहन खड़े किए जाने से सड़क पर अक्सर जाम लगता है। जाम से राहगीरों की फजीहत हो रही है, व्यापार चौपट हो रहा है। और तो और मरीजों को समय से अस्पताल पहुंचने में दिक्कत होती है। फिर भी इन तमाम समस्याओं के समाधान की बजाय जिम्मेदार आंख मूंदे हुए हैं।
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पार्किंग की जगह पर लगा ली दुकान
अतिक्रमण की वजह सड़कों पर अवैध पार्किंग भी है। ओलंदगंज तिराहे से जेसीज की तरफ दोनों तरफ पटरियों पर दोपहिया, चार पहिया वाहन खड़े होते हैं, जिससे पैदल चलने वालों को सड़क पर आना पड़ता है। कजगांव पड़ाव की पटरियां भी अवैध पार्किंग का अड्डा बन चुकी हैं। पार्किंग के लिए जगह न देने का ठिकरा प्रशासन पर फोड़ा जाता है, जबकि तमाम दुकानों ने पार्किंग के लिए ही बेसमेंट बना रखा है। वहां वाहन खड़ी करने की बजाय वह दुकान चला रहे हैं। नियम विरुद्ध होने के बाद भी इन्हें न तो नोटिस दिया जाता है और न ही कोई पूछताछ होती है।
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शहर में जाम की समस्या के समाधान और अतिक्रमण पर कार्रवाई के लिए टीम बनाई जा चुकी है। इन स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही अभियान चलाकर पटरियां खाली कराई जाएंगी। अतिक्रमणकारियों को भी इस बारे में हिदायत दी जा रही है। -अनिल अग्निहोत्री, सिटी मजिस्ट्रेट।
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मुख्यमंत्री ने हाल ही में सभी अफसरों को अपने क्षेत्र में अतिक्रमण पर सख्ती से कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। शहर की सबसे बड़ी समस्या जाम की यही वजह होने के बाद भी अफसर शांत बैठे हैं। पॉलीटेक्निक चौराहे से लेकर कुत्तुपुर चौराहे तक और सिपाह से वाजिदपुर तक हर सड़क पर अतिक्रमण की भरमार हैं। इसके चलते शहर की चौड़ी सड़कें भी संकरी नजर आती हैं। पॉलीटेक्निक से रुहट्टा की ओर बढ़ने पर सड़क पर दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही के लिए पर्याप्त जगह है, लेकिन अतिक्रमण के चलते दिन में यहां एक वाहन की जगह रह जाती है। इसी तरह जेसीज चौराहे से ओलंदगंज की तरफ बढ़ने पर सड़क के दोनों तरफ पटरियां दिन में नजर ही नहीं आतीं, जबकि रात के वक्त यहां दो बड़े वाहनों के आने-जाने की पर्याप्त जगह है। चहारसू से कोतवाली होते हुए शकरमंडी को जाने वाली सड़क भी अतिक्रमण के कारण सिकुड़ी हुई तो कोतवाली चौराहे के पास बीच सड़क ही वाहन खड़े किए जाने से सड़क पर अक्सर जाम लगता है। जाम से राहगीरों की फजीहत हो रही है, व्यापार चौपट हो रहा है। और तो और मरीजों को समय से अस्पताल पहुंचने में दिक्कत होती है। फिर भी इन तमाम समस्याओं के समाधान की बजाय जिम्मेदार आंख मूंदे हुए हैं।
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पार्किंग की जगह पर लगा ली दुकान
अतिक्रमण की वजह सड़कों पर अवैध पार्किंग भी है। ओलंदगंज तिराहे से जेसीज की तरफ दोनों तरफ पटरियों पर दोपहिया, चार पहिया वाहन खड़े होते हैं, जिससे पैदल चलने वालों को सड़क पर आना पड़ता है। कजगांव पड़ाव की पटरियां भी अवैध पार्किंग का अड्डा बन चुकी हैं। पार्किंग के लिए जगह न देने का ठिकरा प्रशासन पर फोड़ा जाता है, जबकि तमाम दुकानों ने पार्किंग के लिए ही बेसमेंट बना रखा है। वहां वाहन खड़ी करने की बजाय वह दुकान चला रहे हैं। नियम विरुद्ध होने के बाद भी इन्हें न तो नोटिस दिया जाता है और न ही कोई पूछताछ होती है।
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शहर में जाम की समस्या के समाधान और अतिक्रमण पर कार्रवाई के लिए टीम बनाई जा चुकी है। इन स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है। जल्द ही अभियान चलाकर पटरियां खाली कराई जाएंगी। अतिक्रमणकारियों को भी इस बारे में हिदायत दी जा रही है। -अनिल अग्निहोत्री, सिटी मजिस्ट्रेट।

कोतवाली के पास सड़क पर दुकानें लगाकर किया गया अतिक्रमण। संवाद- फोटो : JAUNPUR