वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में बृहस्पतिवार को पांच दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति में निहित चुनौतियां विषय पर चर्चा हुई। सहकारी पीजी कॉलेज मिहरावां के प्राचार्य प्रो. आशुतोष गुप्ता ने कहा कि विश्व में आर्थिक स्थिति के मामले में भारत पांचवें स्थान पर है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विद्यार्थी को राजकुमार बनाया गया है, राजा नहीं। उसके एकेडमिक बैंक के क्रेडिट को ट्रांसफर करने की व्यवस्था है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में बहुविषयक शिक्षा और रिसर्च पर जोर दिया गया है, जो कि विद्यार्थी के हित में है।
असिस्टेंट प्रो. मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को विश्व गुरु बनाने में सहयोग करेगी। ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की आवश्यकता की पूर्ति के लिए मौजूदा शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन की आवश्यकता पड़ी। उन्होंने कहा कि इसके तहत डिजिटल यूनिवर्सिटी और ऑनलाइन क्लासरूम की व्यवस्था की जा रही है। कार्यशाला की अध्यक्षता डीन संकाय के प्रो. बीबी तिवारी ने किया। इस दौरान प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. नुपूर तिवारी, प्रो. देवराज सिंह, डॉ. मनोज मिश्र, डॉ. गिरधर मिश्र, डॉ. प्रमोद व डॉ. पुनीत धवन आदि मौजूद रहे।