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मौसम का असर : सीएचसी-पीएचसी में भी 40 फीसदी बढ़ी मरीजों की संख्या
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ियाहूं में लगी मरीजों की भीड़। सँवाद
जौनपुर। मौसम में हो रहे लगातार उतार-चढ़ाव के कारण सीएचसी-पीएचसी में भी मरीजों की संख्या 40 फीसदी तक बढ़ी है। सामान्य दिनों में जहां 350 मरीज आते थे वहीं इन दिनों 500 तक पंजीकरण हो रहा है। डॉक्टरों की मानें तो मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव के कारण लोगों की सेहत तबीयत खराब हो रही है। सबसे ज्यादा लोग सर्दी-जुकाम और बुखार, गले में खराश से परेशान हैं। बारिश के मौसम में संक्रमण की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में लोगों को खानपान के साथ ही स्वच्छता पर ध्यान देने की जरूरत।
केस 1
सीएचसी मड़ियाहू के चिकित्साधीक्षक डॉ. अरुण कुमार भारती ने बताया कि इस समय वायरल फीवर और डायरिया के मरीज बढ़े हैं। पहले ओपीडी में 350 के आसपास मरीज आते थे। वर्तमान में ओपीडी में मरीजों की संख्या 450 से ज्यादा हो गई है। अस्पताल में जांच की सुविधाएं उपलब्ध हैं, दवाएं भी उपलब्ध हैं।
केस 2
बदलापुर सीएचसी में वायरल संक्रमण के कारण 60 फीसदी मरीज बढ़े हैं। चिकित्साधीक्षक डॉ. अरविंद पांडेय ने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन लगभग एक सप्ताह से 450 से 500 मरीज आ रहे है। इनमें लगभग 60 फीसदी मरीज वायरल फीवर के हैं। जबकि 15 दिन पहले मरीजों की संख्या करीब 400 के आसपास थी।
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केस 3
मुफ्तीगंज सीएचसी में वायरल फीवर के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। बीते एक सप्ताह से मरीजों की संख्या 250 तक पहुंच गई है। इनमें 60 फीसदी मरीज वायरल फीवर के बताए जा रहे हैं। चिकित्साधीक्षक डॉ. श्रवण कुमार यादव ने बताया कि 15 दिन पहले सीएचसी की ओपीडी में 100 से 120 मरीज ही पहुंच रहे थे।
केस 4
मछलीशहर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव के बाद सीएचसी में वायरल बुखार के रोगियों की भरमार हो गई है। ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 100 मरीज ऐसे आ रहे हैं। जबकि अन्य रोगों के मरीज कम ही आ रहे हैं। सभी की जांच करके दवा दी जा रही। अस्पताल में दवा उपलब्ध है।
वायरल के प्रमुख लक्षण
तेज या हल्का बुखार, लगातार सर्दी और खांसी
शरीर में तेज दर्द और थकान, गले में खराश या संक्रमण
पेट से जुड़ी समस्याएं (उल्टी-दस्त) की परेशानी
ये हैं बचाव के उपाय
पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें।
ठंडा पानी या बाहर का खुला खाना खाने से बचें।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का प्रयोग करें।
खुद से एंटीबायोटिक दवाएं न खाएं।
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केस 1
सीएचसी मड़ियाहू के चिकित्साधीक्षक डॉ. अरुण कुमार भारती ने बताया कि इस समय वायरल फीवर और डायरिया के मरीज बढ़े हैं। पहले ओपीडी में 350 के आसपास मरीज आते थे। वर्तमान में ओपीडी में मरीजों की संख्या 450 से ज्यादा हो गई है। अस्पताल में जांच की सुविधाएं उपलब्ध हैं, दवाएं भी उपलब्ध हैं।
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केस 2
बदलापुर सीएचसी में वायरल संक्रमण के कारण 60 फीसदी मरीज बढ़े हैं। चिकित्साधीक्षक डॉ. अरविंद पांडेय ने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन लगभग एक सप्ताह से 450 से 500 मरीज आ रहे है। इनमें लगभग 60 फीसदी मरीज वायरल फीवर के हैं। जबकि 15 दिन पहले मरीजों की संख्या करीब 400 के आसपास थी।
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केस 3
मुफ्तीगंज सीएचसी में वायरल फीवर के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। बीते एक सप्ताह से मरीजों की संख्या 250 तक पहुंच गई है। इनमें 60 फीसदी मरीज वायरल फीवर के बताए जा रहे हैं। चिकित्साधीक्षक डॉ. श्रवण कुमार यादव ने बताया कि 15 दिन पहले सीएचसी की ओपीडी में 100 से 120 मरीज ही पहुंच रहे थे।
केस 4
मछलीशहर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव के बाद सीएचसी में वायरल बुखार के रोगियों की भरमार हो गई है। ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 100 मरीज ऐसे आ रहे हैं। जबकि अन्य रोगों के मरीज कम ही आ रहे हैं। सभी की जांच करके दवा दी जा रही। अस्पताल में दवा उपलब्ध है।
वायरल के प्रमुख लक्षण
तेज या हल्का बुखार, लगातार सर्दी और खांसी
शरीर में तेज दर्द और थकान, गले में खराश या संक्रमण
पेट से जुड़ी समस्याएं (उल्टी-दस्त) की परेशानी
ये हैं बचाव के उपाय
पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें।
ठंडा पानी या बाहर का खुला खाना खाने से बचें।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का प्रयोग करें।
खुद से एंटीबायोटिक दवाएं न खाएं।