जौनपुर। स्वतंत्रता संग्राम और संविधान निर्माण में डॉ आंबेडकर के साथ डॉ.रत्नप्पा कुंभार जी का योगदान महत्वपूर्ण है। पद्मश्री रत्नप्पा जी ने अपने जीवन में शिक्षा, सहकारिता तथा सामाजिक कुरीतियों को मिटाने में अभूतपूर्व योगदान दिया। यह कहना है राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी का। वह शहर के एक होटल में रविवार को आयोजित महाराजा दक्ष प्रजापति संघर्ष समिति संस्था की ओर से पद्मश्री डॉ.रत्नप्पा कुंभार जी की 116 वीं जयंती समारोह एवं प्रजापति शौर्य सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थीं। समारोह में डॉ. रत्नप्पा कुंभार जी की जयंती पर सरकारी अवकाश घोषित करने व जौनपुर में स्मारक बनवाने की मांग उठी। विशिष्ट अतिथि डा. ज्ञान चंद्र चित्रवंशी ने कहा कि संविधान निर्माण में योगदान देने वाले ऐसे महापुरुष का जीवन हम सबके लिए अनुकरणीय है। विशिष्ट अतिथि डा.आरके चक्रवर्ती ने कहा कि सामाजिक कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान रहा। गांधी स्मारक पीजी कॉलेज समोधपुर के बीएड विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. लालमणि प्रजापति ने अध्यक्षता की। कहा कि रत्नप्पा कुंभार जी का राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक योगदान रहा है। देश हमेशा उनके योगदान को याद रखेगा। पीयू यूजीसी विभाग के प्रभारी सुशील प्रजापति, विनोद प्रजापति,जनार्दन प्रजापति आदि ने भी संबोधन किया। संचालन माटी कला बोर्ड उत्तर प्रदेश सरकार के सदस्य व कार्यक्रम संयोजक अजीत प्रजापति ने किया। मौके पर चंद्रशेखर प्रजापति, राहुल, विद्यावती, आरती, शिव शंकर, पवन आदि रहे।